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किसान सभा ने फूंका प्रधानमंत्री का पुतला
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बिलासपुर। अखिल भारतीय किसान सभा ने पूर्व विधायक केके कौशल की अगुवाई में धरना-प्रदर्शन कर नए कृषि कानूनों के खिलाफ आवाज उठाई। सभा ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। चंपा पार्क में प्रधानमंत्री का पुतला फूंककर धरना प्रदर्शन किया गया। सभा के पदाधिकारियों ने कहा कि देश का अन्नदाता सड़कों पर बैठा हुआ है।
प्रवेश चंदेल ने कहा कि सरकार सभी क्षेत्रों में निजीकरण को बढ़ावा दे रही है। अब किसानों की खेतों को भी बेच देना चाहती है। दिल्ली में आंदोलन कर रहे किसानों पर अत्याचार किया जा रहा है। कड़ाके की ठंड में भी पानी की बौछारें की जा रही हैं। सभा के सदस्य केस पठानिया ने कहा कि किसान जब इस कानून को चाहते ही नहीं हैं, तो जबरदस्ती क्यों इस कानून को किसानों पर थोपा जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार को इस कानून को वापस लेकर किसानों के लिए कार्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में कानूनों को लाकर बिना किसी के विरोध के पारित कर दिया गया है। जबकि होना तो यह चाहिए था कि सरकार कानून लाती और एक महीने तक देश में उस पर चर्चा की जाती।
वहीं अर्द्धनारीश्वर समाजसेवा समिति की अध्यक्ष बिजली मंहत ने कहा कि वह और प्रदेश का उनका पूरा समाज किसानों के साथ खड़ा है। कहा कि किसानों का समर्थन करने के लिए शीघ्र ही दिल्ली जाएंगी।
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प्रवेश चंदेल ने कहा कि सरकार सभी क्षेत्रों में निजीकरण को बढ़ावा दे रही है। अब किसानों की खेतों को भी बेच देना चाहती है। दिल्ली में आंदोलन कर रहे किसानों पर अत्याचार किया जा रहा है। कड़ाके की ठंड में भी पानी की बौछारें की जा रही हैं। सभा के सदस्य केस पठानिया ने कहा कि किसान जब इस कानून को चाहते ही नहीं हैं, तो जबरदस्ती क्यों इस कानून को किसानों पर थोपा जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार को इस कानून को वापस लेकर किसानों के लिए कार्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में कानूनों को लाकर बिना किसी के विरोध के पारित कर दिया गया है। जबकि होना तो यह चाहिए था कि सरकार कानून लाती और एक महीने तक देश में उस पर चर्चा की जाती।
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वहीं अर्द्धनारीश्वर समाजसेवा समिति की अध्यक्ष बिजली मंहत ने कहा कि वह और प्रदेश का उनका पूरा समाज किसानों के साथ खड़ा है। कहा कि किसानों का समर्थन करने के लिए शीघ्र ही दिल्ली जाएंगी।
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