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सैनिक हूं मैं, हर रोज लोहड़ी सरहद पर ही मनाता हूं....
ब्यूरो/ अमर उजाला, बिलासपुर।
Updated Sat, 14 Jan 2017 11:15 PM IST
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व्यास सभागार में आयोजित कवि गोष्ठी में उपस्थित कवि।
- फोटो : अमर उजाला
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लोहड़ी पर्व पर बिलासपुर लेखक संघ ने कोठी चौक पर स्थित व्यास सभागार में कवि गोष्ठी आयोजित की। इसकी अध्यक्षता संघ के प्रधान रोशन लाल शर्मा ने की। गोष्ठी में जिला भर के कवियों व साहित्यकारों ने लोहड़ी विषय पर अपनी रचनाओं की प्रस्तुति दी।
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इसमें प्रसिद्ध कवि सुशील पुंडीर ने अपनी कविता के माध्यम से सैनिकों का दर्द बयां किया। अपनी कविता की पंक्तियों में उन्होंने कहा कि सैनिक हूं मैं, हर रोज लोहड़ी, ईद, दीवाली सरहद पर ही मनाता हूं... प्रस्तुत की। इसे सुनकर उपस्थित श्रोताओं की आंखें नम हो गईं।
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उन्होंने तालियों के साथ उनकी कविता को सराहा। इसके अलावा भीम सिंह नेगी ने बिल्ली बोल दी..., बीना वर्धन ने ऐहड़ा हो लोहड़ियां रा त्यौहार..., हेमराज शर्मा ने भारत देश की शान..., सीता राम शर्मा ने लोहड़ी आई.., चंद्रशेखर पंत ने कब से समुद्र भरते गए हैं..., द्वारका प्रसाद ने मोला री सलोटी.., बीरबल ने आज मेहमान आएंगे..., जसवंत चंदेल ने नववर्ष आता है..., नरैणू राम हितैषी ने आओ रलमिल लोहड़ी मनाइए..., कर्नल जसवंत चंदेल ने कल लोहड़ी का मेला देखा..., सुरेंद्र मिन्हास ने बोलदे लोहड़ियां रा खादूरा... और रोशन लाल ने सतरंग बुनती लोहड़ी आई... कविता प्रस्तुत की।
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