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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Bilaspur News ›   Pensioners issue 15-day ultimatum to government; mass awareness campaign to begin in October.

Bilaspur News: पेंशनरों का सरकार को 15 दिन का अल्टीमेटम, अक्तूबर से जनजागरण

Sat, 19 Sep 2026 12:23 AM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sat, 19 Sep 2026 12:23 AM IST
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Pensioners issue 15-day ultimatum to government; mass awareness campaign to begin in October.
हिमाचल प्रदेश पेंशनर्स संयुक्त संघर्ष समिति की बिलासपुर में आयोजित बैठक में मौजूद पदाधिकारी और
लंबित मांगों को लेकर बिलासपुर में संयुक्त संघर्ष समिति की बैठक में आंदोलन का खाका तैयार
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12 नवंबर से हर जिला मुख्यालय में कम से कम 11 पेंशनर देंगे धरना
मांगें नहीं मानीं तो विधानसभा और सचिवालय घेराव की चेतावनी

संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। प्रदेश के विभिन्न विभागों, बोर्डों और निगमों के पेंशनरों की लंबित मांगों को लेकर हिमाचल प्रदेश पेंशनर्स संयुक्त संघर्ष समिति ने आंदोलन का एलान किया है। शुक्रवार को जिला परिषद हॉल बिलासपुर में प्रदेश अध्यक्ष सुरेश ठाकुर की अध्यक्षता में हुई राज्यस्तरीय बैठक में सरकार को 15 दिन का समय दिया गया। समिति ने कहा कि इस अवधि में प्रतिनिधिमंडल को वार्ता के लिए नहीं बुलाया गया तो अक्तूबर से प्रदेशभर में जनजागरण अभियान शुरू किया जाएगा।
बैठक में 18 संगठनों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। पेंशनरों ने छठे वेतन आयोग के संशोधित वेतनमान के आधार पर लंबित देनदारियों का भुगतान करने की मांग उठाई। इसके साथ पेंशन एरियर, ग्रैच्युटी, कम्यूटेशन और लीव इनकैशमेंट की अदायगी, 15 प्रतिशत महंगाई राहत के 195 माह के एरियर और लंबित चिकित्सा प्रतिपूर्ति का भुगतान करने की मांग की गई। हर माह की 10 तारीख से पहले पेंशन जारी करने और तीन प्रतिशत महंगाई राहत देने की मांग भी रखी।
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हिमाचल पथ परिवहन निगम के सेवानिवृत्त कर्मचारियों को अन्य विभागों की तर्ज पर 50 हजार रुपये की पहली किस्त देने की मांग की गई। शहरी स्थानीय निकायों के पेंशनरों को एक जनवरी 2016 से छठे वेतन आयोग के आधार पर पेंशन देने की मांग उठी। समिति के अनुसार वर्तमान में इन्हें एक जनवरी 2006 के वेतनमान के आधार पर पेंशन मिल रही है। बिजली विभाग और बोर्ड के कर्मचारियों को भी अन्य विभागों की तर्ज पर पुरानी पेंशन योजना देने की मांग की गई।
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पुलिस पेंशनरों के लिए सेना की तर्ज पर कैंटीन और निशुल्क चिकित्सा सुविधा तथा उनके आश्रितों के लिए भर्ती कोटा निर्धारित करने की मांग भी की गई। कॉरपोरेट क्षेत्र के सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए वर्ष 1999 की अधिसूचना बहाल कर पेंशन देने की मांग उठी। समिति ने 16 सितंबर की उस अधिसूचना को वापस लेने की मांग की, जिसमें एक जनवरी 2016 से 31 जनवरी 2022 तक के संशोधित कम्यूटेशन की अदायगी बंद करने का उल्लेख है।

12 नवंबर से धरना
समिति ने निर्णय लिया कि 15 दिन में वार्ता नहीं हुई तो अक्तूबर से जिलों और ब्लॉक स्तर पर जनजागरण अभियान चलाया जाएगा। 12 नवंबर से प्रत्येक जिला मुख्यालय में कम से कम 11 पेंशनर धरने पर बैठेंगे। इसके बाद विधानसभा घेराव किया जाएगा। मांगें नहीं मानी गईं तो शिमला में आमरण अनशन और सचिवालय घेराव की चेतावनी दी गई है।
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