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कोठीपुरा एम्स में जल्द शुरू होगी ओपीडी शुरू : गर्ग
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बिलासपुर में आयोजित हिमाचल दिवस के कार्यक्रम के दौरान ध्वजारोहण करते मंत्री राजेंद्र गर्ग।
- फोटो : BILASPUR
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बिलासपुर। हिमाचल दिवस पर जिला स्तरीय समारोह राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक छात्र पाठशाला बिलासपुर के खेल मैदान में कोविड-19 की मानक संचालन प्रक्रिया की अनुपालना को सुनिश्चित करते हुए हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।
इस अवसर पर प्रदेश के खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री राजेंद्र गर्ग ने ध्वजारोहण कर भव्य मार्च पास्ट की सलामी ली।
समारोह में मौजूद लोगों को शपथ दिलवाते हुए उन्होंने कहा कि अपने पहाड़ी प्रदेश की सांस्कृतिक और प्राकृतिक विरासत को सहेजते हुए इसके सतत विकास के लिए सदैव तत्पर रहेंगे। वैश्विक महामारी कोरोना के खिलाफ दिशा निर्देशों की अनुपालना के साथ प्रदेश के निरंतर विकास में अपना योगदान देंगे, ताकि प्रदेश और देश के अग्रणी राज्यों में विशिष्ट पहचान बना सके।
इससे पूर्व उन्होंने चंगर में स्थित शहीद स्मारक पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए। उन्होंने कहा कि बिलासपुर में इस वर्ष एम्स की कक्षाएं शुरू हो चुकी हैं और जल्द ही ओपीडी भी शुरू की जा रही है। इससे पूरे प्रदेश के लोगों को लाभ मिलेगा। हिमाचल के चार मेडिकल कॉलेजों में से प्रतिवर्ष 750 के करीब डॉक्टर प्रशिक्षित होंगे। जिससे पूरे प्रदेश में स्वास्थ्य का नेटवर्क सुदृढ़ होगा और लोगों को बेहतरीन स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी।
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उन्होंने कहा कि वर्ष 1971 में जब यह प्रदेश एक पूर्ण राज्य बना तो उस समय प्रदेश में 10 हजार 617 किलोमीटर लंबी सड़कें थीं, साक्षरता दर 31.96 प्रतिशत थी। प्रदेश में 4 हजार 693 शैक्षणिक संस्थान और 587 स्वास्थ्य संस्थान थे। बिजली की सुविधा भी 3 हजार 249 गांवों में उपलब्ध थी। प्रति व्यक्ति आय भी मात्र 651 रुपये थी, लेकिन वर्तमान में हिमाचल की गिनती खुशहाल एवं प्रगतिशील राज्यों की श्रेणी में की जाती है। प्रदेश में सड़कों की लंबाई बढ़कर 38 हजार 470 किलोमीटर हो चुकी है। 10 हजार 508 गांवों को सड़क सुविधा से जोड़ा जा चुका है। लगभग 99 प्रतिशत पंचायतें सड़कों से जुड़ चुकी हैं। शेष पंचायतों को शीघ्र सड़क से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में प्रदेश में शिक्षण संस्थानों की संख्या 15 हजार 553 है और साक्षरता दर 82.80 पहुंच गई है। इस अवसर पर सीमित रूप से सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। जिसमें शारदा कला मंच और लक्ष्मी लोक नृत्य दल ने अपनी रंगारंग प्रस्तुतियां दी और मुख्यातिथि की ओर से सांस्कृतिक दलों के कलाकारों और परेड में शामिल पुलिस कर्मियों और गृह रक्षकों को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया।
इस मौके पर विधायक सुभाष ठाकुर, विधायक जेआर कटवाल, पूर्व विधायक रणधीर शर्मा, नगर परिषद अध्यक्ष कमलेश कश्यप, भाजपा जिला अध्यक्ष स्वतंत्र संख्यान, उपायुक्त रोहित जंवाल, पुलिस अधीक्षक दिवाकर शर्मा, सहायक आयुक्त सिद्धार्थ आचार्य, एसडीएम सदर रामेश्वर दास और अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।
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इस अवसर पर प्रदेश के खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री राजेंद्र गर्ग ने ध्वजारोहण कर भव्य मार्च पास्ट की सलामी ली।
समारोह में मौजूद लोगों को शपथ दिलवाते हुए उन्होंने कहा कि अपने पहाड़ी प्रदेश की सांस्कृतिक और प्राकृतिक विरासत को सहेजते हुए इसके सतत विकास के लिए सदैव तत्पर रहेंगे। वैश्विक महामारी कोरोना के खिलाफ दिशा निर्देशों की अनुपालना के साथ प्रदेश के निरंतर विकास में अपना योगदान देंगे, ताकि प्रदेश और देश के अग्रणी राज्यों में विशिष्ट पहचान बना सके।
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इससे पूर्व उन्होंने चंगर में स्थित शहीद स्मारक पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए। उन्होंने कहा कि बिलासपुर में इस वर्ष एम्स की कक्षाएं शुरू हो चुकी हैं और जल्द ही ओपीडी भी शुरू की जा रही है। इससे पूरे प्रदेश के लोगों को लाभ मिलेगा। हिमाचल के चार मेडिकल कॉलेजों में से प्रतिवर्ष 750 के करीब डॉक्टर प्रशिक्षित होंगे। जिससे पूरे प्रदेश में स्वास्थ्य का नेटवर्क सुदृढ़ होगा और लोगों को बेहतरीन स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी।
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उन्होंने कहा कि वर्ष 1971 में जब यह प्रदेश एक पूर्ण राज्य बना तो उस समय प्रदेश में 10 हजार 617 किलोमीटर लंबी सड़कें थीं, साक्षरता दर 31.96 प्रतिशत थी। प्रदेश में 4 हजार 693 शैक्षणिक संस्थान और 587 स्वास्थ्य संस्थान थे। बिजली की सुविधा भी 3 हजार 249 गांवों में उपलब्ध थी। प्रति व्यक्ति आय भी मात्र 651 रुपये थी, लेकिन वर्तमान में हिमाचल की गिनती खुशहाल एवं प्रगतिशील राज्यों की श्रेणी में की जाती है। प्रदेश में सड़कों की लंबाई बढ़कर 38 हजार 470 किलोमीटर हो चुकी है। 10 हजार 508 गांवों को सड़क सुविधा से जोड़ा जा चुका है। लगभग 99 प्रतिशत पंचायतें सड़कों से जुड़ चुकी हैं। शेष पंचायतों को शीघ्र सड़क से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में प्रदेश में शिक्षण संस्थानों की संख्या 15 हजार 553 है और साक्षरता दर 82.80 पहुंच गई है। इस अवसर पर सीमित रूप से सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। जिसमें शारदा कला मंच और लक्ष्मी लोक नृत्य दल ने अपनी रंगारंग प्रस्तुतियां दी और मुख्यातिथि की ओर से सांस्कृतिक दलों के कलाकारों और परेड में शामिल पुलिस कर्मियों और गृह रक्षकों को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया।
इस मौके पर विधायक सुभाष ठाकुर, विधायक जेआर कटवाल, पूर्व विधायक रणधीर शर्मा, नगर परिषद अध्यक्ष कमलेश कश्यप, भाजपा जिला अध्यक्ष स्वतंत्र संख्यान, उपायुक्त रोहित जंवाल, पुलिस अधीक्षक दिवाकर शर्मा, सहायक आयुक्त सिद्धार्थ आचार्य, एसडीएम सदर रामेश्वर दास और अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।

बिलासपुर में आयोजित हिमाचल दिवस के कार्यक्रम के दौरान पंडाल में बैठे मुख्यातिथि मंत्री राजेंद्?- फोटो : BILASPUR