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डेगूं बुखार से अहरो गांव में एक और बृद्व की मौत
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खजुरिया। क्षेत्र के अहरो गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा काफी दिन तक कैंप लगाने के बावजूद फिर एक वृद्ध किसान की डेंगू बुखार की चपेट में आने से मौत हो गई। परिजनों ने उनका अंतिम संस्कार कर दिया।
अहरो गांव में लगातार पिछले दिनों स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा कैंप लगाकर बुखार से पीड़ित मरीजों की जांचें कर उनको दवाइयां वितरण की गयी थीं। लेकिन फिर भी बुखार का कहर नहीं रुक सका है। एक सप्ताह पूर्व में अहरो गांव निवासी गेंदनलाल मौर्य उम्र 70 को बुखार आ गया था। परिजन जिनका उपचार के लिए हल्द्वानी के एक अस्पताल ले गये। परिजनों के अनुसार अस्पताल के डाक्टरों ने उनके बुखार की जांच की तो जांच रिपोर्ट में डेंगू बुखार पाया गया। अस्पताल में जिनका कई दिन तक उपचार हुआ लेकिन हालत बिगड़ती चली गई। जिसे डाक्टरों ने बरेली जिले के एक अस्पताल को रेफर कर दिया जिन्हें परिजन बरेली के अस्पताल ले जा रहे थे। जिन्होंने रास्ते में ही बुधवार दोपहर में दम तोड़ दिया। परिजनों ने गांव लाकर उनका अंतिम संस्कार कर दिया। ग्रामीणों का कहना है कि अहरो गांव में डेंगू बुखार के चलते लगातार स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा बुखार से पीड़ित मरीजों की जांच कर दवाइयां वितरण की गई थीं। लेकिन डेंगू बुखार के मरीजों की संख्या में कमी नहीं हुई। जिस डेंगू बुखार से पूरे गांव के ग्रामीण बहुत परेशान है और उनका कहना है कि डेंगू बुखार को लेकर प्रशासन को अन्य किसी तरीके से इसके बारे में विचार विमर्श करना चाहिए, ताकि अहरो गांव में डेंगू बुखार की रोकथाम हो सके। जबकि, सीएचसी के अधीक्षक डा अजीज हसन अंसारी ने किसान की मौत के प्रति अनिभिज्ञता जताई है। उन्होंने बताया कि गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार कैंप लगाकर उपचार कर रही है।
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अहरो गांव में लगातार पिछले दिनों स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा कैंप लगाकर बुखार से पीड़ित मरीजों की जांचें कर उनको दवाइयां वितरण की गयी थीं। लेकिन फिर भी बुखार का कहर नहीं रुक सका है। एक सप्ताह पूर्व में अहरो गांव निवासी गेंदनलाल मौर्य उम्र 70 को बुखार आ गया था। परिजन जिनका उपचार के लिए हल्द्वानी के एक अस्पताल ले गये। परिजनों के अनुसार अस्पताल के डाक्टरों ने उनके बुखार की जांच की तो जांच रिपोर्ट में डेंगू बुखार पाया गया। अस्पताल में जिनका कई दिन तक उपचार हुआ लेकिन हालत बिगड़ती चली गई। जिसे डाक्टरों ने बरेली जिले के एक अस्पताल को रेफर कर दिया जिन्हें परिजन बरेली के अस्पताल ले जा रहे थे। जिन्होंने रास्ते में ही बुधवार दोपहर में दम तोड़ दिया। परिजनों ने गांव लाकर उनका अंतिम संस्कार कर दिया। ग्रामीणों का कहना है कि अहरो गांव में डेंगू बुखार के चलते लगातार स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा बुखार से पीड़ित मरीजों की जांच कर दवाइयां वितरण की गई थीं। लेकिन डेंगू बुखार के मरीजों की संख्या में कमी नहीं हुई। जिस डेंगू बुखार से पूरे गांव के ग्रामीण बहुत परेशान है और उनका कहना है कि डेंगू बुखार को लेकर प्रशासन को अन्य किसी तरीके से इसके बारे में विचार विमर्श करना चाहिए, ताकि अहरो गांव में डेंगू बुखार की रोकथाम हो सके। जबकि, सीएचसी के अधीक्षक डा अजीज हसन अंसारी ने किसान की मौत के प्रति अनिभिज्ञता जताई है। उन्होंने बताया कि गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार कैंप लगाकर उपचार कर रही है।
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