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Bilaspur News: एम्स में गंभीर मरीजों की बेहतर देखभाल के लिए दक्ष होंगे नर्सिंग कर्मी
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ईसीएचओ इंडिया के सहयोग से उपशामक देखभाल पर प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू
सात मॉड्यूल के जरिये बढ़ाई जाएगी नर्सिंग कर्मियों की देखभाल संबंधी दक्षता
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों की पीड़ा कम करने और उनके जीवन की गुणवत्ता बेहतर बनाए रखने के लिए एम्स बिलासपुर नर्सिंग कर्मियों और विद्यार्थियों को उपशामक देखभाल (पैलिएटिव केयर) का प्रशिक्षण देगा। इसके लिए संस्थान ने ईसीएचओ इंडिया के सहयोग से ईसीएचओ कार्यक्रम शुरू करने से पहले पूर्व शुभारंभ सत्र आयोजित किया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में सात शिक्षण मॉड्यूल होंगे। नर्सिंग कर्मियों और नर्सिंग विद्यार्थियों के लिए अलग-अलग समूह बनाए जाएंगे। उपशामक देखभाल के तहत गंभीर बीमारी से पीड़ित मरीजों की शारीरिक तकलीफ कम करने के साथ उनकी जरूरतों को समझने और बीमारी की स्थिति के अनुरूप देखभाल उपलब्ध कराने पर जोर दिया जाता है। इसमें नर्सिंग कर्मियों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है।
इसी को ध्यान में रखते हुए प्रशिक्षण के माध्यम से नर्सिंग कर्मियों के ज्ञान में वृद्धि, नैदानिक दक्षताओं के विकास और मरीजों के प्रति संवेदनशील देखभाल को बढ़ावा दिया जाएगा। कार्यक्रम में व्यावहारिक कौशल विकसित करने के साथ स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े लोगों के बीच सहयोग और ज्ञान साझा करने पर भी जोर रहेगा। एम्स बिलासपुर में आयोजित पूर्व शुभारंभ सत्र में संस्थान के कार्यकारी निदेशक लेफ्टिनेंट जनरल (डॉ.) दलजीत सिंह, डीन एकेडमिक्स डॉ. अनुपम प्रशर, कॉलेज ऑफ नर्सिंग की प्राचार्य डॉ. मोनालिजा और ईसीएचओ इंडिया के उपाध्यक्ष डॉ. संदीप भल्ला ने विचार रखे। वक्ताओं ने स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बेहतर बनाने के लिए प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने प्रोजेक्ट ईसीएचओ मॉडल की भूमिका पर भी प्रकाश डाला। इस मॉडल के माध्यम से आभासी मंच पर ज्ञान साझा करने और स्वास्थ्य शिक्षा को मजबूत बनाने में मदद मिलती है। कार्यक्रम के माध्यम से नर्सिंग कर्मियों और विद्यार्थियों को उपशामक देखभाल की मूल अवधारणाओं को समझने, अपनी दक्षताओं को विकसित करने और मरीजों की देखभाल में सहयोगात्मक दृष्टिकोण अपनाने का अवसर मिलेगा।
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दो समूहों में होगा प्रशिक्षण
कार्यक्रम को दो समूहों में संचालित किया जाएगा। पहले समूह में नर्सिंग कर्मी और दूसरे में नर्सिंग विद्यार्थी शामिल होंगे। दोनों समूहों के लिए सात मॉड्यूल तैयार किए गए हैं। प्रशिक्षण आभासी मंच के माध्यम से दिया जाएगा। इससे प्रतिभागियों को उपशामक देखभाल से जुड़े विषयों को समझने के साथ अपने अनुभव और ज्ञान को साझा करने का अवसर मिलेगा।
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सात मॉड्यूल के जरिये बढ़ाई जाएगी नर्सिंग कर्मियों की देखभाल संबंधी दक्षता
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों की पीड़ा कम करने और उनके जीवन की गुणवत्ता बेहतर बनाए रखने के लिए एम्स बिलासपुर नर्सिंग कर्मियों और विद्यार्थियों को उपशामक देखभाल (पैलिएटिव केयर) का प्रशिक्षण देगा। इसके लिए संस्थान ने ईसीएचओ इंडिया के सहयोग से ईसीएचओ कार्यक्रम शुरू करने से पहले पूर्व शुभारंभ सत्र आयोजित किया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में सात शिक्षण मॉड्यूल होंगे। नर्सिंग कर्मियों और नर्सिंग विद्यार्थियों के लिए अलग-अलग समूह बनाए जाएंगे। उपशामक देखभाल के तहत गंभीर बीमारी से पीड़ित मरीजों की शारीरिक तकलीफ कम करने के साथ उनकी जरूरतों को समझने और बीमारी की स्थिति के अनुरूप देखभाल उपलब्ध कराने पर जोर दिया जाता है। इसमें नर्सिंग कर्मियों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है।
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इसी को ध्यान में रखते हुए प्रशिक्षण के माध्यम से नर्सिंग कर्मियों के ज्ञान में वृद्धि, नैदानिक दक्षताओं के विकास और मरीजों के प्रति संवेदनशील देखभाल को बढ़ावा दिया जाएगा। कार्यक्रम में व्यावहारिक कौशल विकसित करने के साथ स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े लोगों के बीच सहयोग और ज्ञान साझा करने पर भी जोर रहेगा। एम्स बिलासपुर में आयोजित पूर्व शुभारंभ सत्र में संस्थान के कार्यकारी निदेशक लेफ्टिनेंट जनरल (डॉ.) दलजीत सिंह, डीन एकेडमिक्स डॉ. अनुपम प्रशर, कॉलेज ऑफ नर्सिंग की प्राचार्य डॉ. मोनालिजा और ईसीएचओ इंडिया के उपाध्यक्ष डॉ. संदीप भल्ला ने विचार रखे। वक्ताओं ने स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बेहतर बनाने के लिए प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने प्रोजेक्ट ईसीएचओ मॉडल की भूमिका पर भी प्रकाश डाला। इस मॉडल के माध्यम से आभासी मंच पर ज्ञान साझा करने और स्वास्थ्य शिक्षा को मजबूत बनाने में मदद मिलती है। कार्यक्रम के माध्यम से नर्सिंग कर्मियों और विद्यार्थियों को उपशामक देखभाल की मूल अवधारणाओं को समझने, अपनी दक्षताओं को विकसित करने और मरीजों की देखभाल में सहयोगात्मक दृष्टिकोण अपनाने का अवसर मिलेगा।
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दो समूहों में होगा प्रशिक्षण
कार्यक्रम को दो समूहों में संचालित किया जाएगा। पहले समूह में नर्सिंग कर्मी और दूसरे में नर्सिंग विद्यार्थी शामिल होंगे। दोनों समूहों के लिए सात मॉड्यूल तैयार किए गए हैं। प्रशिक्षण आभासी मंच के माध्यम से दिया जाएगा। इससे प्रतिभागियों को उपशामक देखभाल से जुड़े विषयों को समझने के साथ अपने अनुभव और ज्ञान को साझा करने का अवसर मिलेगा।