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Bilaspur News: हाईवे की क लेन पांचवें दिन भी बंद, वाहन चालक हो रहे परेशान
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भूमि मालिक बोला-जमीन मेरी, या तो मुआवजा दो या लौटा दो भूमि
100 मीटर तक अवरुद्ध है मार्ग, दुर्घटनाओं का खतरा
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। शिमला-धर्मशाला राष्ट्रीय राजमार्ग पर मंगरोट के पास एक लेन मंगलवार को लगातार पांचवें दिन भी बंद रही। उपमंडल सदर क्षेत्र में चल रहा यह विवाद न केवल स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है, बल्कि राहगीरों के लिए भी मुसीबत बन गया है। जहां एक ओर यातायात बाधित है, वहीं दूसरी ओर विवाद में फंसे व्यक्ति राजनकांत का प्रशासन के प्रति आक्रोश और भी बढ़ गया है।
हाईवे की एक लेन लगभग 100 मीटर क्षेत्र में अवरुद्ध है। केवल एकतरफा यातायात संचालित हो रहा है, जिससे आमने-सामने वाहन टकराने की स्थिति बनी रहती है। स्थानीय लोग आशंका जता रहे हैं कि यदि यही स्थिति रही तो किसी दिन बड़ा हादसा हो सकता है। गत शुक्रवार को राजनकांत ने हाईवे पत्थर और झाड़ियां रखकर बंद कर दिया था। हालांकि, पुलिस ने शाम को मार्ग खुलवा दिया था, लेकिन शनिवार सुबह से फिर रोक दिया गया। रजनीकांत का कहना है कि जिस जमीन पर हाईवे बना है, वह उनकी मां के नाम पर है। या तो मुआवजा दो या जमीन वापस करो, वरना मैं इस पर खेती करूंगा। राजनकांत ने इस मामले में आरटीआई के तहत प्रशासन से जवाब तलब किया है। उन्होंने पूछा है कि अब तक कितनी बार अधिकारी मौके पर पहुंचे और इस पूरे विवाद पर कितना सरकारी धन खर्च हुआ। बताते चलें कि इस विवाद की शुरुआत दिसंबर 2022 में तब हुई थी, जब हाईकोर्ट के आदेश पर राजनकांत के खोखे को हटाया गया था। इसके बाद उन्होंने दावा किया कि हाईवे की आठ बिस्वा जमीन उनकी है। मार्च 2023 में उन्होंने दोबारा वहीं खोखा खड़ा किया। जनवरी 2024 की निशानदेही में साफ हुआ कि हाईवे 17 बिस्वा निजी भूमि से होकर गुजर रहा है, जो उनकी मां के नाम पर है। हाईवे की लेन बंद होने के बाद पांच दिन में प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की। प्रशासन की निष्क्रियता के चलते हाईवे के 100 मीटर पर यातायात बुरी तरह प्रभावित है। अभी तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया। उपायुक्त राहुल कुमार का कहना है कि रोड बहाली के लिए प्रशासन कार्रवाई कर रहा है।
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100 मीटर तक अवरुद्ध है मार्ग, दुर्घटनाओं का खतरा
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। शिमला-धर्मशाला राष्ट्रीय राजमार्ग पर मंगरोट के पास एक लेन मंगलवार को लगातार पांचवें दिन भी बंद रही। उपमंडल सदर क्षेत्र में चल रहा यह विवाद न केवल स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है, बल्कि राहगीरों के लिए भी मुसीबत बन गया है। जहां एक ओर यातायात बाधित है, वहीं दूसरी ओर विवाद में फंसे व्यक्ति राजनकांत का प्रशासन के प्रति आक्रोश और भी बढ़ गया है।
हाईवे की एक लेन लगभग 100 मीटर क्षेत्र में अवरुद्ध है। केवल एकतरफा यातायात संचालित हो रहा है, जिससे आमने-सामने वाहन टकराने की स्थिति बनी रहती है। स्थानीय लोग आशंका जता रहे हैं कि यदि यही स्थिति रही तो किसी दिन बड़ा हादसा हो सकता है। गत शुक्रवार को राजनकांत ने हाईवे पत्थर और झाड़ियां रखकर बंद कर दिया था। हालांकि, पुलिस ने शाम को मार्ग खुलवा दिया था, लेकिन शनिवार सुबह से फिर रोक दिया गया। रजनीकांत का कहना है कि जिस जमीन पर हाईवे बना है, वह उनकी मां के नाम पर है। या तो मुआवजा दो या जमीन वापस करो, वरना मैं इस पर खेती करूंगा। राजनकांत ने इस मामले में आरटीआई के तहत प्रशासन से जवाब तलब किया है। उन्होंने पूछा है कि अब तक कितनी बार अधिकारी मौके पर पहुंचे और इस पूरे विवाद पर कितना सरकारी धन खर्च हुआ। बताते चलें कि इस विवाद की शुरुआत दिसंबर 2022 में तब हुई थी, जब हाईकोर्ट के आदेश पर राजनकांत के खोखे को हटाया गया था। इसके बाद उन्होंने दावा किया कि हाईवे की आठ बिस्वा जमीन उनकी है। मार्च 2023 में उन्होंने दोबारा वहीं खोखा खड़ा किया। जनवरी 2024 की निशानदेही में साफ हुआ कि हाईवे 17 बिस्वा निजी भूमि से होकर गुजर रहा है, जो उनकी मां के नाम पर है। हाईवे की लेन बंद होने के बाद पांच दिन में प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की। प्रशासन की निष्क्रियता के चलते हाईवे के 100 मीटर पर यातायात बुरी तरह प्रभावित है। अभी तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया। उपायुक्त राहुल कुमार का कहना है कि रोड बहाली के लिए प्रशासन कार्रवाई कर रहा है।
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