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मल्टीटास्क वर्करों को चार माह से नहीं मिला मानदेय
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झंडूता (बिलासपुर)। लोक निर्माण विभाग के अधीन लगे मल्टीटास्क वर्करों को चार माह से मानदेय नहीं दिया जा रहा है। लोक निर्माण विभाग में मल्टीटास्क वर्करों की भर्ती प्रक्रिया चार माह पहले पूरी की गई है। लेकिन उसके बाद उन्हें एक भी पैसे का भुगतान नहीं किया गया। वर्करों को मानदेय न मिलने से आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
जो वर्कर दिहाड़ी लगा कर ही अपने परिवार का पालन पोषण कर रहे थे उन्हें भी अब आर्थिक तंगी से गुजरना पड़ रहा है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि वर्करों के मानदेय के लिए उच्चाधिकारियों को प्रपोजल भेज दी गई है। लोक निर्माण विभाग सबडिवीजन कलोल में चार माह पहले करीब ढाई दर्जन मल्टीटास्क वर्करों की भर्ती की गई है। मल्टीटास्क वर्कर कनिष्ठ अभियंता की देखरेख में विभाग के विभिन्न कार्यों में काम कर रहे हैं। विभाग को वर्करों को 4,500 रुपये के हिसाब से प्रतिमाह का भुगतना करना था। लेकिन अभी तक उन्हें कोई मानदेय नहीं दिया गया। समय पर पैसा न मिलने से वर्कर मानसिक तौर पर भी पीड़ित हो रहे हैं। लोक निर्माण विभाग सबडिवीजन कलोल के सहायक अभियंता सचिन नड्डा ने बताया कि विभाग के पास करीब ढाई दर्जन मल्टीटास्क वर्कर विभाग के कार्य कर रहे हैं। बताया कि चार माह से उन्हें मानदेय नहीं दिया है। मानदेय के लिए प्रपोजल बनाकर विभागीय उच्चाधिकारियों को भेज दी है। पैसा आने पर भुगतान कर दिया जाएगा।
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जो वर्कर दिहाड़ी लगा कर ही अपने परिवार का पालन पोषण कर रहे थे उन्हें भी अब आर्थिक तंगी से गुजरना पड़ रहा है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि वर्करों के मानदेय के लिए उच्चाधिकारियों को प्रपोजल भेज दी गई है। लोक निर्माण विभाग सबडिवीजन कलोल में चार माह पहले करीब ढाई दर्जन मल्टीटास्क वर्करों की भर्ती की गई है। मल्टीटास्क वर्कर कनिष्ठ अभियंता की देखरेख में विभाग के विभिन्न कार्यों में काम कर रहे हैं। विभाग को वर्करों को 4,500 रुपये के हिसाब से प्रतिमाह का भुगतना करना था। लेकिन अभी तक उन्हें कोई मानदेय नहीं दिया गया। समय पर पैसा न मिलने से वर्कर मानसिक तौर पर भी पीड़ित हो रहे हैं। लोक निर्माण विभाग सबडिवीजन कलोल के सहायक अभियंता सचिन नड्डा ने बताया कि विभाग के पास करीब ढाई दर्जन मल्टीटास्क वर्कर विभाग के कार्य कर रहे हैं। बताया कि चार माह से उन्हें मानदेय नहीं दिया है। मानदेय के लिए प्रपोजल बनाकर विभागीय उच्चाधिकारियों को भेज दी है। पैसा आने पर भुगतान कर दिया जाएगा।
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