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Bilaspur News: किसानों के ऋण माफ करने, अन्य मांगों को लेकर भेजा राष्ट्रपति को ज्ञापन
Mon, 23 Dec 2024 11:48 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Mon, 23 Dec 2024 11:48 PM IST
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उपायुक्त कार्यालय बिलासपुर में ज्ञापन देने पहुंचे संयुक्त किसान मोर्चा के सदस्य। संवाद
-न्यूनतम समर्थन मूल्य की किसानों को दें कानूनी गारंटी
- उत्पादों का मूल्य निर्धारित करने का भी अधिकार देने की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। अखिल भारतीय किसान सभा हिमाचल प्रदेश ने एडीसी के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा। जिसमें देशभर के किसानों के अधिकारों और उनके भले के लिए सरकार से कई महत्वपूर्ण मांगें की गई हैं। इस पत्र में किसानों की समस्याओं को उजागर किया गया है और सरकार से त्वरित और प्रभावी कदम उठाने की अपील की।
राष्ट्रपति को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि किसान देश के अन्नदाता हैं, जो दिन-रात कठिन मेहनत करते हैं, सर्दी-गर्मी, मौसम की परेशानियों और प्राकृतिक आपदाओं के बावजूद देश के करोड़ों लोगों की भूख मिटाते हैं। लेकिन इसके बावजूद, उन्हें अपनी मेहनत का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है। मांग की है कि किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य की कानूनी गारंटी दी जाए। अन्य उद्योगों के उत्पादों के मूल्य पर सरकार नियंत्रण रखती है, किसानों को अपने उत्पादों का मूल्य निर्धारित करने का कोई अधिकार नहीं है, जो कि उनकी मेहनत के साथ अन्याय है। देश के करोड़ों किसान ऋण में दबे हुए हैं और अपनी आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। इसके परिणामस्वरूप बहुत से किसान आत्महत्या कर रहे हैं, क्योंकि वे ऋण चुकाने में असमर्थ हैं।
अखिल भारतीय किसान सभा ने सरकार से यह मांग की है कि किसानों के ऋण माफ किए जाएं। कहा कि जैसे सरकार ने पेंशन योजनाओं के तहत लोगों को राहत दी है, उसी तरह किसानों के लिए भी आर्थिक राहत की योजना बनाई जाए।
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ज्ञापन में सरकार से अनुरोध किया है कि वह किसानों की समस्याओं को गंभीरता से ले और उनके लिए ठोस कदम उठाए। किसानों के साथ वार्ता करके उनकी सभी समस्याओं का समाधान किया जाए। इस मौके पर केके कौशल, प्रवेश चंदेल, भगत सिंह वर्मा, निर्मला राजपूत व अन्य मौजूद रहे
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- उत्पादों का मूल्य निर्धारित करने का भी अधिकार देने की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। अखिल भारतीय किसान सभा हिमाचल प्रदेश ने एडीसी के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा। जिसमें देशभर के किसानों के अधिकारों और उनके भले के लिए सरकार से कई महत्वपूर्ण मांगें की गई हैं। इस पत्र में किसानों की समस्याओं को उजागर किया गया है और सरकार से त्वरित और प्रभावी कदम उठाने की अपील की।
राष्ट्रपति को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि किसान देश के अन्नदाता हैं, जो दिन-रात कठिन मेहनत करते हैं, सर्दी-गर्मी, मौसम की परेशानियों और प्राकृतिक आपदाओं के बावजूद देश के करोड़ों लोगों की भूख मिटाते हैं। लेकिन इसके बावजूद, उन्हें अपनी मेहनत का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है। मांग की है कि किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य की कानूनी गारंटी दी जाए। अन्य उद्योगों के उत्पादों के मूल्य पर सरकार नियंत्रण रखती है, किसानों को अपने उत्पादों का मूल्य निर्धारित करने का कोई अधिकार नहीं है, जो कि उनकी मेहनत के साथ अन्याय है। देश के करोड़ों किसान ऋण में दबे हुए हैं और अपनी आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। इसके परिणामस्वरूप बहुत से किसान आत्महत्या कर रहे हैं, क्योंकि वे ऋण चुकाने में असमर्थ हैं।
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अखिल भारतीय किसान सभा ने सरकार से यह मांग की है कि किसानों के ऋण माफ किए जाएं। कहा कि जैसे सरकार ने पेंशन योजनाओं के तहत लोगों को राहत दी है, उसी तरह किसानों के लिए भी आर्थिक राहत की योजना बनाई जाए।
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ज्ञापन में सरकार से अनुरोध किया है कि वह किसानों की समस्याओं को गंभीरता से ले और उनके लिए ठोस कदम उठाए। किसानों के साथ वार्ता करके उनकी सभी समस्याओं का समाधान किया जाए। इस मौके पर केके कौशल, प्रवेश चंदेल, भगत सिंह वर्मा, निर्मला राजपूत व अन्य मौजूद रहे