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शुक्र खड्ड में हुआ बिलासपुर-हमीरपुर की सीमा का सीमांकन
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बरठीं(बिलासपुर)। बिलासपुर और हमीरपुर सीमा पर शुक्र खड्ड में लगातार हो रहे अवैध खनन को रोकने के लिए खनन विभाग और राजस्व विभाग के अधिकारियों की ओर से निशानदेही करवाकर सीमा निर्धारण कर पक्की बुर्जियां लगा दी गईं हैं।
निशानदेही के इस मौके पर राजस्व विभाग हमीरपुर और बिलासपुर के कानूनगो व पटवारियों में कानूनगो बिलासपुर धर्मसिंह, कानूनगो हमीरपुर सुरेश, पटवारी पंकज कुमार व रंजीत के साथ दोनों जिलों के खनन अधिकारी भूपेंद्र व विशाल भी मौके पर मौजूद रहे। उल्लेखनीय है कि शुक्र खड्ड अपने असली स्वरूप को लगातार हो रहे खनन से खो चुकी है। खड्ड पहले के मुताबिक 10 से 15 फुट नीचे जा चुकी है जिस कारण पेयजल व सिंचाई योजनाओं पर खासा असर पड़ रहा है। गौर रहे कि बिलासपुर व हमीरपुर की हद पर वर्षों से चार पंचायतों के बीच शुक्र खड्ड में ट्रैक्टर मालिकों द्वारा किए जाने वाले खनन व पर्यावरण नुकसान तथा पेयजल योजनाओं को होने वाले नुकसान के दृष्टिगत भड़के झंडूता तहसील के घंडीर, संगास्वीं, रियाना, तरेलू, बरठीं, बल्ह, भल्लू, मलारी व बलोह क्षेत्र के सैकड़ों लोगों ने संघर्ष का बिगुल बजाने तथा खनन को रोकने के लिए विभागों को चेतावनी दी थी।
लोगों ने इस सबको रोकने केे लिए प्रशासन से निशानदेही की मांग की थी। उक्त गांव के ग्रामीणों ने बताया कि खनन इसी तरह बदसूरत होता रहा तो क्षेत्र भर के 5 हजार लोगों को पानी के लिए तड़पने पर मजबूर होना पड़ेगा। यही हाल रहा तो आने वाले 10 से 15 वर्षों में उन्हें पानी की बूंद तक नसीब नहीं होगी। बहरहाल निशानदेही से बिलासपुर व हमीरपुर की भूमि का सीमा निर्धारण कर दिया गया है।
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इधर कानूनगो धर्म सिंह व सुरेश ने बताया कि लोगों के सहयोग से निशानदेही के इस कार्य को अमलीजामा पहना दिया गया है। वहीं खनन विभाग के सहायक खनन निरीक्षक भूपेंद्र सिंह व विशाल ने बताया कि उनके समक्ष जब कभी भी अवैध खनन की कोई शिकायत आती है तो वे उस पर तुरंत कार्रवाई करते हैं।
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निशानदेही के इस मौके पर राजस्व विभाग हमीरपुर और बिलासपुर के कानूनगो व पटवारियों में कानूनगो बिलासपुर धर्मसिंह, कानूनगो हमीरपुर सुरेश, पटवारी पंकज कुमार व रंजीत के साथ दोनों जिलों के खनन अधिकारी भूपेंद्र व विशाल भी मौके पर मौजूद रहे। उल्लेखनीय है कि शुक्र खड्ड अपने असली स्वरूप को लगातार हो रहे खनन से खो चुकी है। खड्ड पहले के मुताबिक 10 से 15 फुट नीचे जा चुकी है जिस कारण पेयजल व सिंचाई योजनाओं पर खासा असर पड़ रहा है। गौर रहे कि बिलासपुर व हमीरपुर की हद पर वर्षों से चार पंचायतों के बीच शुक्र खड्ड में ट्रैक्टर मालिकों द्वारा किए जाने वाले खनन व पर्यावरण नुकसान तथा पेयजल योजनाओं को होने वाले नुकसान के दृष्टिगत भड़के झंडूता तहसील के घंडीर, संगास्वीं, रियाना, तरेलू, बरठीं, बल्ह, भल्लू, मलारी व बलोह क्षेत्र के सैकड़ों लोगों ने संघर्ष का बिगुल बजाने तथा खनन को रोकने के लिए विभागों को चेतावनी दी थी।
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लोगों ने इस सबको रोकने केे लिए प्रशासन से निशानदेही की मांग की थी। उक्त गांव के ग्रामीणों ने बताया कि खनन इसी तरह बदसूरत होता रहा तो क्षेत्र भर के 5 हजार लोगों को पानी के लिए तड़पने पर मजबूर होना पड़ेगा। यही हाल रहा तो आने वाले 10 से 15 वर्षों में उन्हें पानी की बूंद तक नसीब नहीं होगी। बहरहाल निशानदेही से बिलासपुर व हमीरपुर की भूमि का सीमा निर्धारण कर दिया गया है।
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इधर कानूनगो धर्म सिंह व सुरेश ने बताया कि लोगों के सहयोग से निशानदेही के इस कार्य को अमलीजामा पहना दिया गया है। वहीं खनन विभाग के सहायक खनन निरीक्षक भूपेंद्र सिंह व विशाल ने बताया कि उनके समक्ष जब कभी भी अवैध खनन की कोई शिकायत आती है तो वे उस पर तुरंत कार्रवाई करते हैं।