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जीतराम बने परिवहन निगम ड्राइवर यूनियन के अध्यक्ष
ब्यूरो/ अमर उजाला, बिलासपुर।
Updated Mon, 28 Mar 2016 10:57 PM IST
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हिमाचल पथ परिवहन निगम ड्राइवर युनियन में उपस्थित यूनियन के सदस्य।
- फोटो : अमर उजाला
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हिमाचल पथ परिवहन निगम ड्राइवर यूनियन का त्रै वार्षिक अधिवेशन किसान भवन बिलासपुर में आयोजित किया गया। इसमें सर्वसम्मति से नई प्रदेश कार्यकारिणी का गठन हुआ।
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चुनाव अधिकारी पवन कुमार गुलेरिया की अध्यक्षता में हुए चुनाव में सर्वसम्मति से जीतराम चौधरी को अध्यक्ष नियुक्त किया गया, जबकि राजेंद्र ठाकुर को मुख्य सलाहकार, सत्य प्रकाश शर्मा को प्रधान और हेमंत कुमार शर्मा को महासचिव, हरविंद्र पाल शर्मा को सह-महासचिव, मिलाप चंद को वरिष्ठ उपप्रधान, सुरेश ठाकुर, प्रकाश चंद, भगत सिंह नेगी और मदनलाल शर्मा को उपप्रधान, सागर पाल शर्मा, मनोहर लाल और संजीव सोनी को सचिव, नरेश कुमार को कोषाध्यक्ष, जय प्रकाश शर्मा को सह-कोषाध्यक्ष, जगन्नाथ और कृष्ण लाल को प्रेस सचिव, जोध सिंह ठाकुर को सह-संगठन मंत्री, सुधीर कुमार को लेखा परीक्षक बनाया गया। इसके अलावा मंडलीय स्तर पर प्रधान और सचिव चुने गए।
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इसमें हमीरपुर मंडल से मान सिंह और कर्म सिंह, मंडी मंडल से गोपाल सिंह और विजय कुमार, धर्मशाला मंडल से राकेश कुमार और स्वरूप चंद, शिमला मंडल से राजेंद्र सिंह और अनिल कुमार को क्रमश: प्रधान और सचिव नियुक्त किया गया। इस दौरान परिवहन मजदूर संघ के अध्यक्ष शंकर सिंह ठाकुर, पूर्व जेसीसी अध्यक्ष रोशन चौहान, जेसीसी महासचिव नील कमल, परिचालक संगठन अध्यक्ष प्यारे लाल कश्यप और स्टोर स्टाफ एसोसिएशन के अध्यक्ष यशपाल सुलतानपुरी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
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वेतन से लिए जा रहे हिस्से का किया विरोध
ड्राइवर यूनियन ने प्रदेश में निगम के चालकों के वेतन से क्षेत्रीय प्रबंधकों द्वारा रिकवरी के रूप में लिए जा रहे एक बड़े हिस्से का कड़ा विरोध किया है। यूनियन का कहना है कि निगम प्रबंधन इस प्रकार की घटनाओं पर तुरंत रोक लगाए, अन्यथा निजी वाहनों की तरह निगम के समस्त वाहनों का इंश्योरेंस करवाया जाए। साथ ही संगठन ने षड्यंत्र पूर्ण तरीके से भर्ती एवं पदोन्नति नियमों में एलडीआर का कड़ा विरोध किया। इसमें पहले से ही चालकों को सीमित पदोन्नति थी। अब इसे और कम करने का षड्यंत्र प्रबंधन द्वारा रचा गया है, जिसका यूनियन ने कड़ा विरोध जताया है।
नियुक्त चालकों को मिले 8310 रुपये वेतन
यूनियन ने मांग की है कि 7200 रुपये में नियुक्त चालकों को अनुबंध नीति के तहत मिलने वाला वेतन 8310 रुपये लागू किए जाए, जो कि राज्य के अन्य निगमों और विभागों में भी दिया जा रहा है। इसके अलावा यूनियन ने परिवहन निगम में पीस मील वर्करों के साथ हो रहे अन्याय और शोषण की पुरजोर निंदा की है। यूनियन का कहना है कि ड्राइवर यूनियन वर्करों के साथ स्तंभ की तरह खड़ी है।