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Bilaspur News: डिमेंशिया और तनाव प्रबंधन की दी जानकारी
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एम्स की मनोरोग ओपीडी में मरीजों, तीमारदारों को किया जागरूक
नर्सिंग इंटर्न्स ने मानसिक रोगों की पहचान और देखभाल के बताए तरीके
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से एम्स बिलासपुर में स्वास्थ्य शिक्षा कार्यक्रम आयोजित किया गया। कॉलेज ऑफ नर्सिंग के बीएससी (ऑनर्स) नर्सिंग इंटर्न्स ने 22 जुलाई को मनोरोग ओपीडी के प्रतीक्षालय में मरीजों और उनके तीमारदारों को मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े विभिन्न विषयों की जानकारी दी।
कार्यक्रम में डिमेंशिया जागरूकता, तनाव और उससे निपटने के उपाय तथा मानसिक रोगियों की देखभाल में परिवार की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की गई। नर्सिंग इंटर्न्स ने बताया कि डिमेंशिया के शुरुआती लक्षणों की समय रहते पहचान होने पर मरीज को उचित उपचार और आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जा सकता है। उन्होंने तनाव के कारणों, मानसिक स्वास्थ्य पर इसके प्रभाव तथा तनाव कम करने के लिए स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की आवश्यकता पर भी प्रकाश डाला। मरीजों और उनके परिजनों को बताया गया कि सकारात्मक सोच, संतुलित दिनचर्या और समय पर चिकित्सकीय परामर्श मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम में परिवार के सहयोग के महत्व पर विशेष जोर दिया गया। नर्सिंग इंटर्न्स ने कहा कि मानसिक रोग से जूझ रहे मरीजों को उपचार के साथ-साथ परिवार के भावनात्मक सहयोग, धैर्य और समझ की भी आवश्यकता होती है। परिवार का सकारात्मक सहयोग मरीज के आत्मविश्वास और शीघ्र स्वस्थ होने में अहम भूमिका निभाता है।
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स्वास्थ्य शिक्षा सत्र के दौरान मरीजों और तीमारदारों ने मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े अपने सवाल और समस्याएं भी साझा कीं, जिनका विशेषज्ञों ने समाधान किया। कार्यक्रम का उद्देश्य मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा लोगों को समय रहते चिकित्सकीय सहायता लेने के लिए प्रेरित करना था।
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नर्सिंग इंटर्न्स ने मानसिक रोगों की पहचान और देखभाल के बताए तरीके
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से एम्स बिलासपुर में स्वास्थ्य शिक्षा कार्यक्रम आयोजित किया गया। कॉलेज ऑफ नर्सिंग के बीएससी (ऑनर्स) नर्सिंग इंटर्न्स ने 22 जुलाई को मनोरोग ओपीडी के प्रतीक्षालय में मरीजों और उनके तीमारदारों को मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े विभिन्न विषयों की जानकारी दी।
कार्यक्रम में डिमेंशिया जागरूकता, तनाव और उससे निपटने के उपाय तथा मानसिक रोगियों की देखभाल में परिवार की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की गई। नर्सिंग इंटर्न्स ने बताया कि डिमेंशिया के शुरुआती लक्षणों की समय रहते पहचान होने पर मरीज को उचित उपचार और आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जा सकता है। उन्होंने तनाव के कारणों, मानसिक स्वास्थ्य पर इसके प्रभाव तथा तनाव कम करने के लिए स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की आवश्यकता पर भी प्रकाश डाला। मरीजों और उनके परिजनों को बताया गया कि सकारात्मक सोच, संतुलित दिनचर्या और समय पर चिकित्सकीय परामर्श मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
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कार्यक्रम में परिवार के सहयोग के महत्व पर विशेष जोर दिया गया। नर्सिंग इंटर्न्स ने कहा कि मानसिक रोग से जूझ रहे मरीजों को उपचार के साथ-साथ परिवार के भावनात्मक सहयोग, धैर्य और समझ की भी आवश्यकता होती है। परिवार का सकारात्मक सहयोग मरीज के आत्मविश्वास और शीघ्र स्वस्थ होने में अहम भूमिका निभाता है।
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स्वास्थ्य शिक्षा सत्र के दौरान मरीजों और तीमारदारों ने मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े अपने सवाल और समस्याएं भी साझा कीं, जिनका विशेषज्ञों ने समाधान किया। कार्यक्रम का उद्देश्य मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा लोगों को समय रहते चिकित्सकीय सहायता लेने के लिए प्रेरित करना था।