यात्रियों को सुबह परेशानी, दोपहर को मिली राहत
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हिमाचल परिवहन कर्मचारियों ने प्रदेश व्यापी हड़ताल को प्रदेश हाईकोर्ट के आदेशानुसार टाल दिया है। हालांकि बुधवार सुबह तक बस सेवाएं बाधित होने के कारण जिला भर के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। इसमें खासकर छात्र, कर्मचारी शामिल रहे, जिन्हें सुबह बस सेवाएं न होने के कारण गंतव्य तक पहुंचने में दिक्कतें झेलनी पड़ी। बुधवार सुबह दस बजे तक एचआरटीसी के कर्मी हड़ताल पर डटे रहे। लेकिन, साढ़े दस बजे के बाद निगम के कर्मी कामकाज पर लौट गए। इससे हिमाचल पथ परिवहन निगम की बसें सड़कों पर सरपट दौड़ने लगी और लोगों ने राहत की सांस ली। हड़ताल से अकेले बिलासपुर जिला में एचआरटीसी को ही लगभग आठ लाख रुपये का नुकसान हुआ है।
एचआरटीसी के कर्मियों की हड़ताल का बुधवार सुबह तक व्यापक असर देखने को मिला। मंगलवार देर शाम को दूर-दराज क्षेत्रों को जाने वाले लोग बसों का इंतजार करते रहे।
बुधवार सुबह तक बसों का इंतजार करने के बाद जब लोगों को हड़ताल खुलने का सूचना मिली, तो लोगों ने राहत की सांस ली। हिमाचल पथ परिवहन कर्मचारी संयुक्त समन्वय समिति के अध्यक्ष पवन गुलेरिया, ड्राइवर यूनियन के प्रधान सत्यप्रकाश शर्मा और बीएमएस प्रदेशाध्यक्ष शंकर सिंह ठाकुर के आदेशानुसार कर्मचारी काम पर लौटे हैं।
बिलासपुर संयुक्त समन्वय समिति अध्यक्ष राजकुमार गुप्ता, ड्राइवर यूनियन के प्रदेश मुख्य सलाहकार राजेंद्र ठाकुर ने बताया कि सुबह साढ़े दस बजे हड़ताल खत्म कर दी गई है।
उन्होंने कहा कि वह उच्च न्यायालय का मान-सम्मान करते हैं। कोर्ट ने 12 हजार कर्मचारियों को राहत दिलाई है। उन्होंने बताया कि हड़ताल में प्रताप सिंह ठाकुर, अमृत लाल, सुरेंद्र कुमार, राजेंद्र कुमार, सुखराम बंसल, केशव लाल, रूपलाल, कमलदेव शर्मा, सुरेश कुमार, जयदेव, कृष्ण कुमार, मोहन लाल, चैन सिंह, हेमराज, कृष्ण कुमार चौधरी, लेखराज, योगेश शर्मा, सुरेंद्र कुमार, श्रवण कुमार, रामाकांत, सुनील कुमार, रसपाल, कुलदीप ठाकुर, जगतपाल ठाकुर, हेमराज, नंदलाल, ज्ञान चंद, गरजा राम, धर्म सिंह गुलेरिया और बासुदेव सहित सभी ऑफिस का स्टाफ भी शामिल रहा।