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रैपिड रिस्पांस टीमें करेंगी बर्ड फ्लू की रैंडम सैंपलिंग
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बिलासपुर। पौंग झील में बर्ड फ्लू की पुष्टि होने के बाद जिला बिलासपुर को भी अलर्ट पर रखा गया है। जिले की गोविंद सागर झील में प्रवासी पक्षी पहुंचते हैं। इसके कारण जिला प्रशासन की चिंता बढ़ गई है। वहीं उपायुक्त रोहित जम्वाल ने मत्स्य, वन और पशुपालन विभाग से बैठक कर हालात पर नजर रखने के दिशा-निर्देश जारी किए हैं। वहीं पशुपालन विभाग ने खंड स्तर पर पांच सदस्यीय रैपिड रिस्पांस टीमों का गठन कर लिया है जो बुधवार से जिले में रैंडम सैंपलिंग शुरू करेंगी।
उल्लेखनीय है कि पौंग झील में बर्ड फ्लू की पुष्टि ने कोरोना काल में प्रदेश सरकार की परेशानियों को बढ़ा दिया है। इसके साथ ही उन जिलों की चिंता ज्यादा बढ़ गई है जहां पर प्रवासी पक्षी पहुंचते हैं। इनमें बिलासपुर की गोविंद सागर झील भी है। इस झील में हर साल सर्दियों में प्रवासी पक्षी पहुंचते हैं। बताते चलें कि इस झील के किनारे जिले की हजारों की आबादी बसर करती है। अगर इस फ्लू की एंट्री यहां होती है तो चार लाख की आबादी वाले इस जिले में बड़ा संकट छा जाएगा। वहीं जिला प्रशासन ने पशुपालन व अन्य विभागों के साथ मिलकर जिले को अलर्ट पर रखा है।
उपायुक्त बिलासपुर रोहित जम्वाल ने बताया कि वाइल्ड लाइफ, पुलिस व पशुपालन विभाग को टीमों का गठन करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। ताकि समय रहते इस फ्लू से जिला को सुरक्षित रखा जा सके।
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वहीं पशुपालन विभाग के उपनिदेशक डॉक्टर लाल गोपाल ने बताया कि विभाग ने खंड स्तर पर पांच पांच सदस्यों की टीम का गठन कर लिया है। यह टीमें बुधवार सुबह से जिले के पोल्ट्री फार्म में सैंपलिंग का कार्य शुरू करेंगी। बताया कि सभी पोल्ट्री फार्मर को सूचना जारी कर दी गई है कि अगर उन्हें किसी तरह की कोई संदिग्ध परिस्थिति नजर आए तो वे पशुपालन विभाग को इसके बारे में जानकारी दें।
वहीं स्वारघाट नाके पर पुलिस के टीमें पंजाब से आने वाली पोल्ट्री की गाड़ियों की जांच करेंगी। अगर उनमें कोई मुर्गा मरा हुआ या संदिग्ध मिलता है तो इसकी सूचना पशुपालन विभाग को दी जाएगी। वहीं पशुपालन विभाग इसे मौके पर ही नष्ट कर देगा। उन्होंने बताया कि प्रवासी पक्षियों का मामला वाइल्ड लाइफ विभाग के तहत आता है। इसमें जो भी खर्च आएगा वो वाइल्ड लाइफ करेगा। पशुपालन विभाग सिर्फ उपचार मुहैया करवाएगा।
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उल्लेखनीय है कि पौंग झील में बर्ड फ्लू की पुष्टि ने कोरोना काल में प्रदेश सरकार की परेशानियों को बढ़ा दिया है। इसके साथ ही उन जिलों की चिंता ज्यादा बढ़ गई है जहां पर प्रवासी पक्षी पहुंचते हैं। इनमें बिलासपुर की गोविंद सागर झील भी है। इस झील में हर साल सर्दियों में प्रवासी पक्षी पहुंचते हैं। बताते चलें कि इस झील के किनारे जिले की हजारों की आबादी बसर करती है। अगर इस फ्लू की एंट्री यहां होती है तो चार लाख की आबादी वाले इस जिले में बड़ा संकट छा जाएगा। वहीं जिला प्रशासन ने पशुपालन व अन्य विभागों के साथ मिलकर जिले को अलर्ट पर रखा है।
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उपायुक्त बिलासपुर रोहित जम्वाल ने बताया कि वाइल्ड लाइफ, पुलिस व पशुपालन विभाग को टीमों का गठन करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। ताकि समय रहते इस फ्लू से जिला को सुरक्षित रखा जा सके।
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वहीं पशुपालन विभाग के उपनिदेशक डॉक्टर लाल गोपाल ने बताया कि विभाग ने खंड स्तर पर पांच पांच सदस्यों की टीम का गठन कर लिया है। यह टीमें बुधवार सुबह से जिले के पोल्ट्री फार्म में सैंपलिंग का कार्य शुरू करेंगी। बताया कि सभी पोल्ट्री फार्मर को सूचना जारी कर दी गई है कि अगर उन्हें किसी तरह की कोई संदिग्ध परिस्थिति नजर आए तो वे पशुपालन विभाग को इसके बारे में जानकारी दें।
वहीं स्वारघाट नाके पर पुलिस के टीमें पंजाब से आने वाली पोल्ट्री की गाड़ियों की जांच करेंगी। अगर उनमें कोई मुर्गा मरा हुआ या संदिग्ध मिलता है तो इसकी सूचना पशुपालन विभाग को दी जाएगी। वहीं पशुपालन विभाग इसे मौके पर ही नष्ट कर देगा। उन्होंने बताया कि प्रवासी पक्षियों का मामला वाइल्ड लाइफ विभाग के तहत आता है। इसमें जो भी खर्च आएगा वो वाइल्ड लाइफ करेगा। पशुपालन विभाग सिर्फ उपचार मुहैया करवाएगा।