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रेशम कीट पालकों को मिला सम्मान
ब्यूरो/ अमर उजाला, घुमारवीं (बिलासपुर)।
Updated Mon, 28 Mar 2016 10:57 PM IST
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घुमारवीं में रेशम कीट पालकों को सम्मानित करते सीपीएस राजेश धर्माणी।
- फोटो : अमर उजाला
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केन्द्रीय रेशम बोर्ड क्षेत्रीय रेशम उत्पादन अनुसंधान केन्द्र ने घुमारवीं में सोमवार को रेशम कृृषि मेले का आयोजन किया। इसमें मुख्य संसदीय सचिव (वन) राजेश धर्माणी ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की।
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राजेश धर्माणी ने क्षेत्रीय रेशम उत्पादन अनुसंधान केंद्र घुमारवीं द्वारा रेशम कीट पालकों के लिए एक वर्ष में की जाने वाली विभिन्न गतिविधियों पर आधारित कैलेंडर का अनावरण भी किया। इस मौके पर रेशम व्यवसाय से कोकून बेचकर अपनी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करने वाले 10 रेशम कीट पालकों को मेडल, प्रशस्ती पत्र और कैंची देकर सम्मानित किया गया।
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इसमें सीआरसी घुमारवीं के सोहल गांव की नीलम कुमारी को सबसे अधिक कोकून बेचकर 47,561 रुपये की राशि अर्जित करने पर प्रथम पुरस्कार। जरोड़ा गांव की रक्षा देवी को 29,868 रुपये प्राप्त करने पर द्वितीय पुरस्कार।
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सीआरसी लद्दा के गांव लढेर की संध्या देवी को 18,575 रुपये का कोकून बेचने पर प्रथम। सलांओ की कमला देवी को 15,490 रुपये के कोकून बेचने पर द्वितीय। सीआरसी हटवाड़ के पंतेहड़ा गांव की कमलेश कुमारी को 13,605 रुपये का कोकून बेचने पर प्रथम, देहरा की सुमित्रा देवी को 11386 रुपये का कोकून बेचने पर द्वितीय। सीआरसी हरलोग के मल्यावर की सत्या देवी को 11797 रुपये का कोकून बेचने पर प्रथम, हरलोग की विजय कुमारी को 9100 रुपये का कोकून बेचने पर द्वितीय।
दसलेहड़ा की बबीता को 20,444 रुपये के कोकून बेचने पर प्रथम और बल्हसीणा की माया देवी को 18,890 रुपये का कोकून बेचने पर द्वितीय पुरस्कार देकर सम्मानित किया। इस मौके पर जिला परिषद उपाध्यक्ष अमीचंद सोनी, नगर परिषद अध्यक्ष गीता महाजन, नंदलाल शर्मा, पंचायत प्रतिनिधि, विभिन्न विभागों के अधिकारियों सहित लगभग 600 रेशम कीट पालक उपस्थित थे।
रेशम कीट पालकों ने अनुभव किए सांझा : इस मौके पर क्षेत्रीय रेशम उत्पादन अनुसंधान केन्द्र घुमारवीं के रेशम कीट पालन विशेषज्ञ डा. आएके ढिंगरा, केन्द्रीय रेशम बोर्ड निदेशक डा. एसपी शर्मा और रेशम अनुसंधान केन्द्र के उपनिदेशक बलदेव चौहान ने भी रेशम कीट पालन व्यवसाय को बढ़ाने और समस्याओं के निदान की जानकारी दी। शिविर मे आए उन्नत रेशम कीट पालकों में पडयालग से रीता कुमारी, सलांओ से कमला देवी और तुलसी राम ने भी अपने अनुभव भी सांझा किए ।
बिलासपुर में होता है 40 फीसदी कोकून तैयार : लोगों को संबोधित करते हुए सीपीएस राजेश धर्माणी ने कहा कि प्रदेश में जिला बिलासपुर रेशम कीट पालन के क्षेत्र में अकेले 40 प्रतिशत कोकून तैयार करने वाला पहला जिला है। सरकार रेशम कीट पालक शेड निर्माण और अन्य उपकरणों पर 90 प्रतिशत तक का उपदान दिया जा रहा है। क्षेत्रीय रेशम उत्पादन अनुसंधान केन्द्र घुमारवीं के भवन निर्माण के लिए बलोह में जमीन विभाग के नाम करने का कार्य प्रगति पर है। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही भवन निर्माण के लिए प्राक्कलन तैयार कर राशि मुहैया करवा दी जाएगी।