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फोरलेन की अवैध मक डंपिंग से मत्स्य विभाग को हुआ भारी नुकसान
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Fishery deptt faces loss due to muck dumping of fourlane construction in Kiratpur-Nerchowk NH
बिलासपुर। कीरतपुर नेरचौक सड़क निर्माण कंपनी मक की डंपिंग गोबिंद सागर झील और उसके सहायक नालों में कर रही है। अवैध मक डंपिंग से मत्स्य अनुकूल पर्यावरण प्रभावित होने के साथ ही भाखड़ा जलाशय के जल भराव में भारी कमी आई है। इस बात की पुष्टि सहायक निदेशक मत्स्य श्याम लाल शर्मा ने की है। उन्होंने उपायुक्त बिलासपुर को इस बाबत पत्र लिखकर अवगत कराया है।
सहायक निदेशक ने उपायुक्त बिलासपुर को संबोधित पत्र में अवगत करवाया है कि सड़क निर्माण कंपनी ने गोबिंद सागर झील व उसके सहायक नालों में फोरलेन निर्माण की इतनी मिट्टी डंप कर दी है कि अब उसका आकलन नहीं किया जा सकता है।
वहीं इस मिट्टी से मत्स्य विभाग को कितना नुकसान हुआ यह भी अभी तक अंकित नहीं किया गया है। फोरलेन सड़क निर्माण का मलबा जलाशय में आने के कारण मछली के प्रजनन स्थल नष्ट हो गए हैं। जिस कारण कुदरती प्रजनन में कमी आई है जो कि मत्स्य उत्पादन की कमी का मुख्य कारण है।
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फोरलेन विस्थापित एवं प्रभावित समिति के अनुरोध पर सहायक निदेशक मत्स्य ने उपायुक्त जिला बिलासपुर को संबोधित पत्र में सड़क निर्माण कंपनी को जलाशय व सहायक नदी नालों में मिट्टी न डालने के निर्देश देने का अनुरोध किया है।
फोरलेन प्रभावित समिति के महासचिव मदन लाल शर्मा ने कहा कि समिति ने उपायुक्त जिला बिलासपुर व एसडीएम सदर से अवैध मक डंपिंग पर उचित कार्रवाई करने का आग्रह करते हुए मछुआरों को हुए नुकसान की तुरंत भरपाई करवाने, राष्ट्रीय धरोहर भाखड़ा बांध व पर्यावरण को हो रहे नुकसान से बचाने का आग्रह किया है।
कहा कि प्रशासन से मांग की है कि राइट ऑफ वे के अंदर व बाहर हुए मत्स्य विभाग के नुकसान का भी आकलन किया जाए। समिति ने मांग की है कि दोषी कंपनी पर उचित कार्रवाई की जाए।
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सहायक निदेशक ने उपायुक्त बिलासपुर को संबोधित पत्र में अवगत करवाया है कि सड़क निर्माण कंपनी ने गोबिंद सागर झील व उसके सहायक नालों में फोरलेन निर्माण की इतनी मिट्टी डंप कर दी है कि अब उसका आकलन नहीं किया जा सकता है।
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वहीं इस मिट्टी से मत्स्य विभाग को कितना नुकसान हुआ यह भी अभी तक अंकित नहीं किया गया है। फोरलेन सड़क निर्माण का मलबा जलाशय में आने के कारण मछली के प्रजनन स्थल नष्ट हो गए हैं। जिस कारण कुदरती प्रजनन में कमी आई है जो कि मत्स्य उत्पादन की कमी का मुख्य कारण है।
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फोरलेन विस्थापित एवं प्रभावित समिति के अनुरोध पर सहायक निदेशक मत्स्य ने उपायुक्त जिला बिलासपुर को संबोधित पत्र में सड़क निर्माण कंपनी को जलाशय व सहायक नदी नालों में मिट्टी न डालने के निर्देश देने का अनुरोध किया है।
फोरलेन प्रभावित समिति के महासचिव मदन लाल शर्मा ने कहा कि समिति ने उपायुक्त जिला बिलासपुर व एसडीएम सदर से अवैध मक डंपिंग पर उचित कार्रवाई करने का आग्रह करते हुए मछुआरों को हुए नुकसान की तुरंत भरपाई करवाने, राष्ट्रीय धरोहर भाखड़ा बांध व पर्यावरण को हो रहे नुकसान से बचाने का आग्रह किया है।
कहा कि प्रशासन से मांग की है कि राइट ऑफ वे के अंदर व बाहर हुए मत्स्य विभाग के नुकसान का भी आकलन किया जाए। समिति ने मांग की है कि दोषी कंपनी पर उचित कार्रवाई की जाए।