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ब्लास्टिंग से थरथराए टाली और जोल के लोग
ब्यूरो/ अमर उजाला, स्वारघाट (बिलासपुर)
Updated Wed, 08 Jun 2016 11:19 PM IST
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मकान को आई दरारों को दिखाती महिला
- फोटो : अमर उजाला
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विकास खंड स्वारघाट के तहत ग्राम पंचायत टाली के गांव टाली और जोल गांव के ग्रामीण फोरलेन की ब्लास्टिंग से थरथरा उठे हैं। हालत यह है कि टनलों में हो रही ब्लास्टिंग से लोगों के रिहायशी मकानों में दरारें आ गई हैं।
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ऐसे में कई मकान गिरने की कगार पर पहुंच गए हैं। इससे लोगों को अपने बेघर होने का खतरा मंडरा रहा है। हर रोज होने वाली ब्लास्टिंग से घरों की छोटी दरारें और ज्यादा बड़ी और चौड़ी हो रही हैं।
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यही नहीं कई मकानों की छतों का प्लास्टर भी नीचे गिरना शुरू हो गया है। ग्रामीणों के अनुसार आने वाली बरसात में इससे कोई भी हादसा हो सकता है और लोगों की जान पर बन सकती है।
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ग्राम पंचायत टाली के प्रधान रूपलाल ठाकुर और वार्ड सदस्य संदीप कुमार ने बताया कि कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन निर्माण के तहत तुन्नू गांव में बन रही टनल में की जा रही ब्लास्टिंग के कारण गांव टाली और जोल के कई रिहायशी मकानों गिरने की कगार पर आ गए हैं। इस कारण दोनों गांव ग्रामीण दहशत के साए में जीने को मजबूर हैं।
टाली और जोल गांव के ग्रामीण रमीला देवी, सुरेंद्र कुमार, रोशनी देवी, प्रभु राम, रोशन लाल, शुगरू देवी, बलदेव सिंह, कृष्ण सिंह, जगत राम, छोटा राम, कौशल्या देवी और हीरा लाल के मकानों में ब्लास्टिंग के कारण बड़ी-बड़ी दरारें पड़ गई हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि मकानों में दरारें होने से वह पहले ही दहशत में हैं, जबकि बरसात का मौसम भी दस्तक देने को तैयार है। इससे उन्हें और अधिक जान-मान के नुकसान होने का डर सताने लगा है।
उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की है कि तुन्नू टनल में हो रही ब्लास्टिंग से प्रभावित मकान मालिकों के घरों का निरीक्षण करवाया जाए और प्रभावितों को उचित मुआवजा दिलवाया जाए। साथ ही निर्माण कार्य में लगी कंपनी और ठेकेदार के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाए।
इस बारे में तहसीलदार स्वारघाट जयपाल ने बताया कि समस्या ध्यान में आई है। जल्द ही प्रभावित गांवों का दौरा किया जाएगा और प्रभावितों की उचित मदद की जाएगी।