फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Bilaspur News ›   doors of Maa Mahamaya temple will not be closed for 9 days in Bilaspur

Bilaspur : नवरात्रि का पावन पर्व आज से शुरू, 9 दिन तक बंद नहीं होंगे मां महामाया मंदिर के पट, पढ़ें

Tue, 09 Apr 2024 02:10 PM IST
Digvijay Singh अमर उजाला नेटवर्क, बिलासपुर (छत्तीसगढ़)
अमर उजाला नेटवर्क, बिलासपुर (छत्तीसगढ़) Published by: Digvijay Singh Updated Tue, 09 Apr 2024 02:10 PM IST
सार

धर्म नगरी रतनपुर स्थित मां महामाया देवी मंदिर जहां विश्व में सबसे अधिक ज्योति कलश जलने का रिकॉर्ड देवी के रक्षक के रूप में नगर के प्रवेश प्रवेश द्वार पर विराजित हैं। बाबा भैरव नाथा रतनपुर धाम की अद्भुत महिमा है।

विज्ञापन
doors of Maa Mahamaya temple will not be closed for 9 days in Bilaspur
मां महामाया देवी मंदिर में श्रद्धालु - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

नवरात्रि के पावन पर्व की आज से शुरुआत हो गई है। बिलासपुर जिले में ऐसे मंदिर हैं जहां भक्तों के लिए आज भी माता की पूजा की परंपरा नहीं बदली है। लगातार सुविधाएं बढ़ रही हैं। नवरात्रि में जिले के सुप्रसिद्ध मंदिरों में भक्तों का आज सुबह से तांता लगना शुरू हो गया। 

विज्ञापन

 

धर्म नगरी रतनपुर स्थित मां महामाया देवी मंदिर जहां विश्व में सबसे अधिक ज्योति कलश जलने का रिकॉर्ड देवी के रक्षक के रूप में नगर के प्रवेश प्रवेश द्वार पर विराजित हैं। बाबा भैरव नाथा रतनपुर धाम की अद्भुत महिमा है। माँ महामाया मंदिर में अभिजीत मुहूर्त में घट स्थापना होगा। इस बार 22 हजार मनोकामना ज्योति कलश प्रज्जवलित होंगे।

विज्ञापन

 

 

देश के 51 शक्तिपीठों में से एक आदिशक्ति महामाया हैं। नवरात्रि में यहां माता के दर्शन करने भक्तों की दिन-रात लाइन लगी रहती है। आदिशक्ति महामाया मंदिर की सबसे खास बात ये है कि मंदिर का जीर्णोद्धार हुआ। आवश्यकता अनुसार मंदिर का स्वरूप बढ़ता गया। मां महामाया का नवरात्रि के समय 8 दिन तक वस्त्र नहीं बदला जाता है। 9 दिन तक माता के गर्भ गृह और पट भी बंद नहीं होते हैं। वहीं माता के गर्भ गृह में भी एक पुजारी के परिवार के अलावा कोई भी प्रवेश नहीं करता है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

 

आज शुभ मुहूर्त में घट स्थापना होगी। इसके बाद माता नव दिन व रात पूजा की मुद्रा में रहेंगी। भक्त दर्शन करेंगे। लेकिन अष्टमी तक माता का वस्त्र नहीं बदला जाएगा। अष्टमी हवन के बाद माता का वस्त्र बदला जाएगा। 9वें दिन माता का राजसी शृंगार होगा। इसमें उन्हें 4 किलो सोने के गहने पहनाए जाएंगे। नवरात्र को लेकर पुलिस व प्रशासन ने भी सुरक्षा के चाक-चौबंद व्यवस्था किए हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed