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Bilaspur News: प्रतिबंध के बावजूद रुक्मणी कुंड में नहा रहे श्रद्धालु
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- कुंड से क्षेत्र की करीब छह पंचायतों को जाती है पानी की सप्लाई
-पानी गंदा होने से जल जनित बीमारी फैलने का खतरा
संवाद न्यूज एजेंसी
भगेड़ (बिलासपुर)। ऐतिहासिक रुक्मणी कुंड में रोक के बावजूद श्रद्धालु नहा कर पानी को गंदा कर रहे हैं। इससे कभी भी कुंड के अधीन बनी पेयजल योजना से लाभान्वित होने वाले लोग जल जनित रोग की चपेट में आ सकते हैं। ऐतिहासिक रुक्मणी कुंड से पेयजल योजनाओं का निर्माण किया गया है। इस कुंड के पानी से करीब पांच-छह पंचायतों को पेयजल उपलब्ध करवाया जाता है।
इन्हीं पेयजल योजनाओं के कारण इस कुंड में नहाने पर प्रशासन ने प्रतिबंध लगाया है। श्रद्धालुओं की आस्था को ध्यान में रखते हुए यहां पर पुरुष व महिलाओं के लिए अलग-अलग स्नानागार का निर्माण किया गया है। बावजूद इसके कुछ श्रद्धालु कुंड में नहाने से बाज नहीं आ रहे हैं। इससे इस कुंड का पानी गंदा हो रहा है। इससे जहां जल जनित रोगों के फैलने की संभावना बनी रहती है, वहीं कुंड का पानी गहरा होने के कारण यहां पर कभी भी अप्रिय घटना घटने का अंदेशा बना रहता है। इसके बावजूद अभी तक न तो स्थानीय प्रशासन और न ही जल शक्ति विभाग ने श्रद्धालुओं को इसमें नहाने से रोकने के कोई प्रयास किए हैं। इससे प्रशासन व जल शक्ति विभाग की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगना शुरू हो गए हैं। औहर पंचायत के पूर्व प्रधान देश राज शर्मा ने बताया कि प्रशासन व संबंधित विभाग को इस ओर उचित कदम उठाने चाहिए, ताकि पानी गंदा होने से बच सके। अन्यथा गर्मी के इस मौसम में जल जनित रोग फैलने की संभावना बनी रहेगी। साथ ही यहां पर किसी भी समय अप्रिय घटना होने का अंदेशा बना रहता है। कुछ एक लोग आस्था के नाम पर कुंड के एक छोर पर पहाड़ी से कुंड में छलांग लगाते रहते हैं। प्रशासन से रक्मणी कुंड में पुलिस तैनात करने की मांग की है।
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-पानी गंदा होने से जल जनित बीमारी फैलने का खतरा
संवाद न्यूज एजेंसी
भगेड़ (बिलासपुर)। ऐतिहासिक रुक्मणी कुंड में रोक के बावजूद श्रद्धालु नहा कर पानी को गंदा कर रहे हैं। इससे कभी भी कुंड के अधीन बनी पेयजल योजना से लाभान्वित होने वाले लोग जल जनित रोग की चपेट में आ सकते हैं। ऐतिहासिक रुक्मणी कुंड से पेयजल योजनाओं का निर्माण किया गया है। इस कुंड के पानी से करीब पांच-छह पंचायतों को पेयजल उपलब्ध करवाया जाता है।
इन्हीं पेयजल योजनाओं के कारण इस कुंड में नहाने पर प्रशासन ने प्रतिबंध लगाया है। श्रद्धालुओं की आस्था को ध्यान में रखते हुए यहां पर पुरुष व महिलाओं के लिए अलग-अलग स्नानागार का निर्माण किया गया है। बावजूद इसके कुछ श्रद्धालु कुंड में नहाने से बाज नहीं आ रहे हैं। इससे इस कुंड का पानी गंदा हो रहा है। इससे जहां जल जनित रोगों के फैलने की संभावना बनी रहती है, वहीं कुंड का पानी गहरा होने के कारण यहां पर कभी भी अप्रिय घटना घटने का अंदेशा बना रहता है। इसके बावजूद अभी तक न तो स्थानीय प्रशासन और न ही जल शक्ति विभाग ने श्रद्धालुओं को इसमें नहाने से रोकने के कोई प्रयास किए हैं। इससे प्रशासन व जल शक्ति विभाग की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगना शुरू हो गए हैं। औहर पंचायत के पूर्व प्रधान देश राज शर्मा ने बताया कि प्रशासन व संबंधित विभाग को इस ओर उचित कदम उठाने चाहिए, ताकि पानी गंदा होने से बच सके। अन्यथा गर्मी के इस मौसम में जल जनित रोग फैलने की संभावना बनी रहेगी। साथ ही यहां पर किसी भी समय अप्रिय घटना होने का अंदेशा बना रहता है। कुछ एक लोग आस्था के नाम पर कुंड के एक छोर पर पहाड़ी से कुंड में छलांग लगाते रहते हैं। प्रशासन से रक्मणी कुंड में पुलिस तैनात करने की मांग की है।
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