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शाहतलाई में दुकानदारोें के लिए रोजीरोटी का संकट

Wed, 21 Apr 2021 07:04 PM IST
Shimla	 Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Wed, 21 Apr 2021 07:04 PM IST
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crisis for shopkeepers in Shahtalai
शाहतलाई (बिलासपुर)। बाबा बालक नाथ की तपोस्थली शाहतलाई के 300 कारोबारियों पर रोजी-रोटी का संकट मंडरा रहा है। कोरोनाकाल
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में श्रद्धालुओं के मंदिर आने पर मनाही से कारोबार पर सीधा असर पड़ेगा।
सरकार ने श्रद्धालुओं के लिए 23 अप्रैल से मंदिर में प्रवेश बंद करने का निर्णय लिया है। बीते साल 23 मार्च से 9 सितंबर 2020 तक मंदिरों के कपाट कोरोना से बंद थे।

इससे धार्मिक नगरी के कारोबारियों को रोजीरोटी के लाले पड़ गए थे। इस बार धार्मिक नगरी के चैत्र मेलों में मंदिरों के कपाट तो खुले रहे लेकिन कोरोना के भय से कम श्रद्धालु बाबा जी की नगरी में पहुंचे। कारोबारी देश राज शर्मा, किशोरी लाल, कोमल सोनी, विपिन सोनी, चमन लाल, अब्दुल खलिक, विजय कुमार, राज कुमार, राजेश कुमार, कर्म सिंह, औंकार सिंह, वीरी सिंह वर्मा ने कहा कि कि बीते साल 6 माह तक घरों में बैठे रहे। चैत्र मेलों में कारोबार 20 फीसदी हुआ है। कारोबारियों का कहना है कि शाहतलाई के दुकानदारों की रोजी रोटी बाबा जी के मंदिरों पर निर्भर है। शाहतलाई के कारोबारी अपनी परिवार की रोजी रोटी को लेकर चिंतित हो गए हैं। उधर, बाबा बालक नाथ मंदिर प्रभारी सुखदेव सिंह चंदेल ने बताया कि अब तक सरकार की ओर से मंदिरों में श्रद्धालुओं के आने पर रोक के किसी प्रकार के आदेश नहीं आए हैं। लेकिन जो भी आदेश सरकार के होंगे उन का पालन किया जाएगा।
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