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नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को 10 साल की जेल
ब्यूरो/ अमर उजाला, बिलासपुर।
Updated Thu, 03 Nov 2016 10:48 PM IST
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विशेष जज बिलासपुर बहादुर सिंह की अदालत ने वीरवार को नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी कुलदीप सिंह पुत्र मंशाराम निवासी अमरपुर तहसील घुमारवीं जिला बिलासपुर को दोषी करार देते हुए दस साल के कारावास की सजा सुनाई है।
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भारतीय दंड संहिता की धारा 376,506 और पोक्सो अधिनियम की धारा 4,8 के तहत दोषी करार देते हुए 10 वर्ष के सश्रम कारावास के साथ दोषी पर 50 हजार रुपये जुर्माना अदा करने के आदेश दिए हैं। जुर्माने की राशि में से 40 हजार रुपये पीड़िता को बतौर हर्जाना देने के आदेश दिए हैं। जिला लोक अभियोजक संदीप अत्री ने यह जानकारी देते हुए बताया कि 12 अगस्त 2015 को दोषी 13 वर्षीय नाबालिग को बाजू से पकड़कर जबरदस्ती खेत में ले गया और गलत काम किया।
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इसके बाद भी दोषी अपनी हरकतों से बाज नहीं आया और 17 अगस्त को नाबालिग के घर में घुसकर उसके साथ छेड़छाड़ की और पीड़िता को घटना के बारे में किसी को भी बताने पर जान से मार की धमकी तक दे डाली। 22 अगस्त को पीड़िता ने उपरोक्त घटना की जानकारी अपने परिवारों के सदस्यों को दी। इसके उपरांत पीड़िता और उसके परिवार वालों ने घुमारवीं पुलिस थाना में दोषी के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई।
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पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और आरोपी के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत अदालत के समक्ष चार्जशीट प्रस्तुत की। वीरवार को अदालत ने अभियोग सिद्ध होने पर आरोपी को दोषी करार देते हुए भारतीय दंड संहिता की धारा 376 के तहत 10 वर्ष के सश्रम कारावास और 25000 जुर्माना। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में 1 वर्ष के कारावास।
भारतीय दंड संहिता की धारा 506 के तहत 1 वर्ष के कारावास पोक्सो अधिनियम की धारा 4 के तहत 7 वर्ष के सश्रम कारावास और 15000 जुर्माना, जुर्माना अदा न करने की स्थिति में छह महीने के अतिरिक्त कारावास जबकि धारा 8 के तहत 3 वर्ष के सश्रम कारावास और दस हजार रुपये जुर्माने, जुर्माना अदा न करने की स्थिति में छह माह के अतिरिक्त कारावास की सजा सुनाई है।
अदालत ने जुर्माने की राशि में से 40 हजार रुपये पीड़िता को बतौर हर्जाना के तौर पर देने के आदेश भी दिए हैं।