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वन माफिया ने धनी में काटे खैर के दर्जनों पेड़
Updated Thu, 01 Mar 2018 07:08 PM IST
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धनी जंगल में काट डाले खैर के दर्जनों पेड़
तलाई थाना में पुलिस ने किया मामला दर्ज
मौके के लिए रवाना की पुलिस की टीम
अमर उजाला ब्यूरो
शाहतलाई (बिलासपुर)।
वन परिक्षेत्र कलोल के तहत आने वाले वन खंड मलोहट के जंगल धनी में खैर के दर्जनों पेड़ों को माफिया ने काट डाला है। इसके बाद वन विभाग ने इस संबंध में शाहतलाई थाने में मामला दर्ज करवाया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। खबर की पुष्टि करते हुए डीएसपी घुमारवीं ने बताया कि पुलिस दल मौके के लिए रवाना कर दिया है।
उल्लेखनीय है कि इस वर्ष कोटधार के वन खंड कलोल और मलोहट के किसानों के लिए दस सालों के बाद अपनी मलकीयत भूमि से खैर के पेड़ों को बेचने की प्रक्रिया चल रही है। लेकिन, इससे पहले ही हिमाचल प्रदेश का सोना कहे जाने वाले कत्थे के पेड़ों (खैर) को वन माफिया ने अवैध रूप से काटना शुरू कर दिया है। वन विभाग के अधिकारियों ने पुलिस थाना तलाई में भी इसकी सूचना दे दी है। पुलिस और वन विभाग की टीमों ने संयुक्त अभियान में कटे हुए खैर के पेड़ों को गिनने और खैर के कटे मोछों की तलाश शुरू कर दी है। जानकारी के मुताबिक धनी बीट के वनरक्षक पवन कुमार जंगल में गश्त कर रहे थे कि इस दौरान अचानक उन्हें जंगल में खैर के कटे पेड़ों के ठूंठ दिखाई दिए। इस पर उन्होंने अपने वन खंड अधिकारी मलोहट को सूचना दे दी और पुलिस में भी शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस और वन विभाग की टीम ने संयुक्त अभियान में डेढ़ दर्जन खैरों के ठूंठ और कटे हुए छिपाकर रखे खैर के मोछे पकड़े। बताया जा रहा है कि कटे हुए पेड़ों की संख्या अधिक हो सकती है।
मलोहट के वन खंड अधिकारी लेखराम ने धनी जंगल में कटे खैरों के ठूंठ मिलने और खैर के मोछे मिलने की पुष्टि करते हुए बताया कि जंगल में कुछ खैर के पेड़ों के ठूंठ और मोछे मिले हैं, जिसकी जांच चल रही है। घुमारवीं के डीएसपी राजेंद्र कुमार जम्वाल ने बताया कि वन विभाग की ओर से धनी जंगल से खैर के पेड़ काटने की शिकायत मिली है। पुलिस दल को धटना स्थल पर भेज दिया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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तलाई थाना में पुलिस ने किया मामला दर्ज
मौके के लिए रवाना की पुलिस की टीम
अमर उजाला ब्यूरो
शाहतलाई (बिलासपुर)।
वन परिक्षेत्र कलोल के तहत आने वाले वन खंड मलोहट के जंगल धनी में खैर के दर्जनों पेड़ों को माफिया ने काट डाला है। इसके बाद वन विभाग ने इस संबंध में शाहतलाई थाने में मामला दर्ज करवाया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। खबर की पुष्टि करते हुए डीएसपी घुमारवीं ने बताया कि पुलिस दल मौके के लिए रवाना कर दिया है।
उल्लेखनीय है कि इस वर्ष कोटधार के वन खंड कलोल और मलोहट के किसानों के लिए दस सालों के बाद अपनी मलकीयत भूमि से खैर के पेड़ों को बेचने की प्रक्रिया चल रही है। लेकिन, इससे पहले ही हिमाचल प्रदेश का सोना कहे जाने वाले कत्थे के पेड़ों (खैर) को वन माफिया ने अवैध रूप से काटना शुरू कर दिया है। वन विभाग के अधिकारियों ने पुलिस थाना तलाई में भी इसकी सूचना दे दी है। पुलिस और वन विभाग की टीमों ने संयुक्त अभियान में कटे हुए खैर के पेड़ों को गिनने और खैर के कटे मोछों की तलाश शुरू कर दी है। जानकारी के मुताबिक धनी बीट के वनरक्षक पवन कुमार जंगल में गश्त कर रहे थे कि इस दौरान अचानक उन्हें जंगल में खैर के कटे पेड़ों के ठूंठ दिखाई दिए। इस पर उन्होंने अपने वन खंड अधिकारी मलोहट को सूचना दे दी और पुलिस में भी शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस और वन विभाग की टीम ने संयुक्त अभियान में डेढ़ दर्जन खैरों के ठूंठ और कटे हुए छिपाकर रखे खैर के मोछे पकड़े। बताया जा रहा है कि कटे हुए पेड़ों की संख्या अधिक हो सकती है।
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मलोहट के वन खंड अधिकारी लेखराम ने धनी जंगल में कटे खैरों के ठूंठ मिलने और खैर के मोछे मिलने की पुष्टि करते हुए बताया कि जंगल में कुछ खैर के पेड़ों के ठूंठ और मोछे मिले हैं, जिसकी जांच चल रही है। घुमारवीं के डीएसपी राजेंद्र कुमार जम्वाल ने बताया कि वन विभाग की ओर से धनी जंगल से खैर के पेड़ काटने की शिकायत मिली है। पुलिस दल को धटना स्थल पर भेज दिया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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