{"_id":"5c8540f9bdec2214720fa1e2","slug":"41552236793-bilaspur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"वन विभाग ने पकड़ा चंदन चोर, मामला दर्ज","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
वन विभाग ने पकड़ा चंदन चोर, मामला दर्ज
विज्ञापन
digital india
- फोटो : demo
अमर उजाला ब्यूरो
बिलासपुर। बिलासपुर नगर में चंदन के वनों पर एक बार फिर वन काटुओं की बुरी नजर है। इस बात का खुलासा रविवार सुबह साढ़े चार बजे पकड़े गए एक प्रवासी वनकाटू की गिरफ्तारी से हुआ है। वन विभाग के वन रक्षकों ने इस मामले में मध्य प्रदेश के गांव विउरी जिला मंडला निवासी कोहिनूर पुत्र पुशुरूवा को पकड़ कर पुलिस को सौंप दिया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है।
उल्लेखनीय है बिलासपुर में सफेद चंदन के पेड़ों की बहुतायत होने के कारण यहां पर यूपी, बिहार और अब एमपी के चंदन तस्करों की कुदृष्टि है। बीती रात भी कुछ ऐसा ही हुआ। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बिलासपुर के सफेद चंदन पर अपनी बुरी दृष्टि रखने वाले चंदन तस्करों ने इसी सप्ताह रात के समय दो पेड़ों को बड़ी आसानी से काटा जिसकी भनक किसी को नहीं लग पाई।
तस्करों ने उक्त दो चंदन के पेड़ों को काट कर पशु औषधालय के समीप नाले में छिपा दिया। जब इस बात की भनक वन विभाग को लगी तो उन्होंने अपने आला अधिकारियों को इस बारे में सूचना दी। रेंज आफिसर के नेतृत्व में एक छह सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया जिसमें कोई अधिकारी शामिल न होकर सभी वन रक्षक ही शामिल थे।
विज्ञापन
हैरानी की बात यह है कि बिना किसी सुरक्षा उपकरणों से मौत के मुंह में धकेले गए इन वन रक्षकों के पास किसी पिस्तौल या बंदूक का होना तो दूर की बात है, इनके पास कोई अधिकारिक डंडा तक नहीं था। इन छह सदस्यीय दस्ते ने बड़ी चतुराई से चंदन तस्करों द्वारा काटे गए तथा नाले में छुपाए गए चंदन के लाग्स का पता लगा लिया लेकिन उन्हें इस करके नहीं छेड़ा गया, क्योंकि चंदन तस्कर उन्हें लेने के लिए आएंगे ही। दो दिनों तक इस टीम ने कड़ाके की ठंड में पूरी रात जंगल में बैठकर पहरा दिया लेकिन कोई कामयाबी हाथ न लगी।
रविवार सुबह करीब साढ़े चार बजे इस टीम को उसी स्थान पर आहट सुनाई दी। चंदन तस्कर उस समय उन दो पेड़ों के छोटे-छोटे टुकड़े कर रहे थे कि दो भागों में बंटी वन रक्षकों की टीम ने धावा बोल दिया। सूत्र बताते हैं कि इतने में तकरीबन पांच छह की संख्या में आए चंदन तस्कर अंधेरे का लाभ उठाकर भाग गए लेकिन एक उनके हत्थे चढ़ गया जिसे वन रक्षकों ने पुलिस के हवाले कर दिया।
गौर हो कि अर्सा एक दशक पूर्व यूपी के चंदन तस्करों ने सुनियोजित तरीके से चंदन नर्सरी में तैनात वन विभाग के कर्मचारियों को बाकायदा बंधक बनाकर बड़े आराम से चंदन के पेड़ों पर हाथ साफ किया था, लेकिन भागते समय उनका तेज धारदराट और देसी कट्टा वहीं छूट गया था।
इस बारे में डीएफओ सरोज भाई पटेल ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि इस मामले में एक व्यक्ति को पकड़ा गया है जिसे पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है। वहीं, पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार ने भी मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस ने वन विभाग के अधिकारियों की शिकायत पर मामला दर्ज कर छानबीन आरंभ कर दी है।
-----------------------------
विज्ञापन
बिलासपुर। बिलासपुर नगर में चंदन के वनों पर एक बार फिर वन काटुओं की बुरी नजर है। इस बात का खुलासा रविवार सुबह साढ़े चार बजे पकड़े गए एक प्रवासी वनकाटू की गिरफ्तारी से हुआ है। वन विभाग के वन रक्षकों ने इस मामले में मध्य प्रदेश के गांव विउरी जिला मंडला निवासी कोहिनूर पुत्र पुशुरूवा को पकड़ कर पुलिस को सौंप दिया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है।
उल्लेखनीय है बिलासपुर में सफेद चंदन के पेड़ों की बहुतायत होने के कारण यहां पर यूपी, बिहार और अब एमपी के चंदन तस्करों की कुदृष्टि है। बीती रात भी कुछ ऐसा ही हुआ। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बिलासपुर के सफेद चंदन पर अपनी बुरी दृष्टि रखने वाले चंदन तस्करों ने इसी सप्ताह रात के समय दो पेड़ों को बड़ी आसानी से काटा जिसकी भनक किसी को नहीं लग पाई।
विज्ञापन
तस्करों ने उक्त दो चंदन के पेड़ों को काट कर पशु औषधालय के समीप नाले में छिपा दिया। जब इस बात की भनक वन विभाग को लगी तो उन्होंने अपने आला अधिकारियों को इस बारे में सूचना दी। रेंज आफिसर के नेतृत्व में एक छह सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया जिसमें कोई अधिकारी शामिल न होकर सभी वन रक्षक ही शामिल थे।
विज्ञापन
हैरानी की बात यह है कि बिना किसी सुरक्षा उपकरणों से मौत के मुंह में धकेले गए इन वन रक्षकों के पास किसी पिस्तौल या बंदूक का होना तो दूर की बात है, इनके पास कोई अधिकारिक डंडा तक नहीं था। इन छह सदस्यीय दस्ते ने बड़ी चतुराई से चंदन तस्करों द्वारा काटे गए तथा नाले में छुपाए गए चंदन के लाग्स का पता लगा लिया लेकिन उन्हें इस करके नहीं छेड़ा गया, क्योंकि चंदन तस्कर उन्हें लेने के लिए आएंगे ही। दो दिनों तक इस टीम ने कड़ाके की ठंड में पूरी रात जंगल में बैठकर पहरा दिया लेकिन कोई कामयाबी हाथ न लगी।
रविवार सुबह करीब साढ़े चार बजे इस टीम को उसी स्थान पर आहट सुनाई दी। चंदन तस्कर उस समय उन दो पेड़ों के छोटे-छोटे टुकड़े कर रहे थे कि दो भागों में बंटी वन रक्षकों की टीम ने धावा बोल दिया। सूत्र बताते हैं कि इतने में तकरीबन पांच छह की संख्या में आए चंदन तस्कर अंधेरे का लाभ उठाकर भाग गए लेकिन एक उनके हत्थे चढ़ गया जिसे वन रक्षकों ने पुलिस के हवाले कर दिया।
गौर हो कि अर्सा एक दशक पूर्व यूपी के चंदन तस्करों ने सुनियोजित तरीके से चंदन नर्सरी में तैनात वन विभाग के कर्मचारियों को बाकायदा बंधक बनाकर बड़े आराम से चंदन के पेड़ों पर हाथ साफ किया था, लेकिन भागते समय उनका तेज धारदराट और देसी कट्टा वहीं छूट गया था।
इस बारे में डीएफओ सरोज भाई पटेल ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि इस मामले में एक व्यक्ति को पकड़ा गया है जिसे पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है। वहीं, पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार ने भी मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस ने वन विभाग के अधिकारियों की शिकायत पर मामला दर्ज कर छानबीन आरंभ कर दी है।
-----------------------------