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पूर्व सचिव ने चाय पकौड़े पर एक साल में खर्च किए 1.72 लाख रुपये
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शाहतलाई(बिलासपुर)। दी तलाई ग्राम सेवा सहकारी सभा की आम बैठक में सभा के पूर्व अध्यक्ष जसवंत सिंह बनयाल ने पूर्व सभा की प्रबंधक समीति व सचिव की कार्य प्रणाली को उजागर किया। उन्होंने बताया कि सभा में 2018 में बिना गाड़ी के करीब 73 हजार रुपये का पैट्रोल खर्च किया वहीं 3 लाख रुपये के करीब उत्सवों पर खर्च किए गए।
पूर्व अध्यक्ष ने बताया कि सवा लाख सभा के नये भवनों की मरम्मत पर, सवा लाख के करीब स्कूल के वेलफेयर पर, अढ़ाई लाख सहकारी सभा के कार्यक्रमों पर, अढ़ाई लाख से अधिक दिवाली उपहारों पर, 1.72 लाख पकौड़े और चाय पर, बाबा जी के फोटो पर करीब 35 हजार रुपये खर्च हुए।
वहीं कैलेंडर पर 42 हजार के करीब और साल 2019 में लंच पर 39 हजार के करीब, दूध पर 16 हजार के करीब, पैट्रोल पर 20 हजार खर्च बताया गया। पूर्व अध्यक्ष ने कहा कि यह लोगों के पैसे का खुला दुरुपयोग हुआ है। इतना ही नहीं पूर्व सचिव सहकारी सभा में जिसका वह कर्मचारी है। एक करोड़ रुपये की लिमिट ऋण बना रहा है। वहीं सभा के दो कर्मचारी उस के गारंटर बने हैं।
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उन्होंने बताया कि सचिव ने 22 करोड़ के फर्जी ऋण अपने खाते में डाले हैं। जबकि जो सभा के सदस्य है उनके भी करीब 7 करोड़ ऋण अपने खाते में डाले हैं। कहा कि ऐसा लगता है कि यह सदस्य भी फर्जीवाड़े में शामिल हैं। सभा में कहा गया कि इन ऋणों को उनसे ही भरपाई की जाए जिनके नाम हैं। इतना ही नहीं सभा स्वयं दूसरी सभाओं के जमा पूंजी पर 12 फीसदी ब्याज दे रही है लेकिन स्वयं एक सभा की जमा पूंजी पर 9 फीसदी ब्याज ले रही है।
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पूर्व अध्यक्ष ने बताया कि सवा लाख सभा के नये भवनों की मरम्मत पर, सवा लाख के करीब स्कूल के वेलफेयर पर, अढ़ाई लाख सहकारी सभा के कार्यक्रमों पर, अढ़ाई लाख से अधिक दिवाली उपहारों पर, 1.72 लाख पकौड़े और चाय पर, बाबा जी के फोटो पर करीब 35 हजार रुपये खर्च हुए।
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वहीं कैलेंडर पर 42 हजार के करीब और साल 2019 में लंच पर 39 हजार के करीब, दूध पर 16 हजार के करीब, पैट्रोल पर 20 हजार खर्च बताया गया। पूर्व अध्यक्ष ने कहा कि यह लोगों के पैसे का खुला दुरुपयोग हुआ है। इतना ही नहीं पूर्व सचिव सहकारी सभा में जिसका वह कर्मचारी है। एक करोड़ रुपये की लिमिट ऋण बना रहा है। वहीं सभा के दो कर्मचारी उस के गारंटर बने हैं।
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उन्होंने बताया कि सचिव ने 22 करोड़ के फर्जी ऋण अपने खाते में डाले हैं। जबकि जो सभा के सदस्य है उनके भी करीब 7 करोड़ ऋण अपने खाते में डाले हैं। कहा कि ऐसा लगता है कि यह सदस्य भी फर्जीवाड़े में शामिल हैं। सभा में कहा गया कि इन ऋणों को उनसे ही भरपाई की जाए जिनके नाम हैं। इतना ही नहीं सभा स्वयं दूसरी सभाओं के जमा पूंजी पर 12 फीसदी ब्याज दे रही है लेकिन स्वयं एक सभा की जमा पूंजी पर 9 फीसदी ब्याज ले रही है।