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सचिव के साथ तत्कालीन कमेटी सदस्यों की संपत्ति भी होगी अटैच
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बिलासपुर। दी तलाई सहकारी सभा में हुए करीब 38 करोड़ के गोलमाल मामले में अब सचिव के साथ तत्कालीन सभा सदस्यों की संपत्ति भी विभाग अटैच करने जा रहा है। संबंधित विभाग इस मामले में कार्रवाई में लगा है। विभाग उक्त सभी लोगों की संपत्तियों को नीलाम कर अब लोगों के करोड़ों रुपये का भुगतान करेगा। उल्लेखनीय है कि इस मामले में सभा सचिव, राजस्थान के दंपति सहित तत्कालीन कमेटी के दस सदस्यों को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है।
उल्लेखनीय है कि दि तलाई सहकारी सभा में ऑडिट रिपोर्ट से पहले खुलासा हुआ था कि सभा में खाताधारकों के 33 करोड़ का गोलमाल हुआ है। इसके बाद इस मामले में पहले एफआई दर्ज हुई जिसके बाद सभा सचिव को गिरफ्तार किया गया। इसके बाद सचिव से मिली जानकारी के अनुसार पुलिस ने राजस्थान के एक दंपति को गिरफ्तार किया था। वहीं पुलिस ने आगामी कार्रवाई करते हुए तत्कालीन कमेटी के सदस्यों को भी इस मामले में गिरफ्तार किया। वहीं पुलिस जांच में हाल ही में खुलासा हुआ है कि ब्याज की राशि के सहित घोटाला करीब 38 करोड़ रुपये का हुआ है।
वहीं सहायक पंजीयक अधिकारी बिलासपुर रमेश शर्मा का कहना है कि लोगों को उनका पैसा हर हाल में दिलाया जाएगा। कहा कि सभा सचिव की संपत्ति को अटैच करने करने के साथ अब तत्कालीन कमेटी के सदस्यों की भी संपत्ति अटैच होगी। कहा कि सभा को चलाने की पूरी जिम्मेवारी कमेटी सदस्यों की भी होती है। यही कारण है कि अब तत्कालीन कमेटी के सदस्यों की संपत्तियों को अटैच कर सैकड़ों लोगों का करोड़ों रुपये वापस किया जाएगा।
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इनसेट---
अब नहीं करेंगे रिटायर्ड ऑडिटर ऑडिट
अब सहकारी सभाओं का ऑडिट रिटायर्ड ऑडिटर नहीं करेंगे। जिले में चल रही सभी सहकारी सभाओं के ऑडिट अब संबंधित विभाग के अधिकारी करेंगे ताकि साफ हो सके कि सभाओं में जो भी कार्य हो रहा है वह सही है या नहीं। उल्लेखनीय है कि पहले सहकारी सभाओं का ऑडिट निजी सीए या फिर रिटायर्ड कर्मचारी करते रहे हैं जिस कारण इस प्रकार के गोलमाल के कई मामले जिले में सामने आए हैं।
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उल्लेखनीय है कि दि तलाई सहकारी सभा में ऑडिट रिपोर्ट से पहले खुलासा हुआ था कि सभा में खाताधारकों के 33 करोड़ का गोलमाल हुआ है। इसके बाद इस मामले में पहले एफआई दर्ज हुई जिसके बाद सभा सचिव को गिरफ्तार किया गया। इसके बाद सचिव से मिली जानकारी के अनुसार पुलिस ने राजस्थान के एक दंपति को गिरफ्तार किया था। वहीं पुलिस ने आगामी कार्रवाई करते हुए तत्कालीन कमेटी के सदस्यों को भी इस मामले में गिरफ्तार किया। वहीं पुलिस जांच में हाल ही में खुलासा हुआ है कि ब्याज की राशि के सहित घोटाला करीब 38 करोड़ रुपये का हुआ है।
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वहीं सहायक पंजीयक अधिकारी बिलासपुर रमेश शर्मा का कहना है कि लोगों को उनका पैसा हर हाल में दिलाया जाएगा। कहा कि सभा सचिव की संपत्ति को अटैच करने करने के साथ अब तत्कालीन कमेटी के सदस्यों की भी संपत्ति अटैच होगी। कहा कि सभा को चलाने की पूरी जिम्मेवारी कमेटी सदस्यों की भी होती है। यही कारण है कि अब तत्कालीन कमेटी के सदस्यों की संपत्तियों को अटैच कर सैकड़ों लोगों का करोड़ों रुपये वापस किया जाएगा।
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अब नहीं करेंगे रिटायर्ड ऑडिटर ऑडिट
अब सहकारी सभाओं का ऑडिट रिटायर्ड ऑडिटर नहीं करेंगे। जिले में चल रही सभी सहकारी सभाओं के ऑडिट अब संबंधित विभाग के अधिकारी करेंगे ताकि साफ हो सके कि सभाओं में जो भी कार्य हो रहा है वह सही है या नहीं। उल्लेखनीय है कि पहले सहकारी सभाओं का ऑडिट निजी सीए या फिर रिटायर्ड कर्मचारी करते रहे हैं जिस कारण इस प्रकार के गोलमाल के कई मामले जिले में सामने आए हैं।