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Bilaspur News: घुमारवीं में चरमराई सफाई व्यवस्था, पुरानी गंदगी की तस्वीर दोहराने लगा शहर
Wed, 03 Sep 2025 11:23 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Wed, 03 Sep 2025 11:23 PM IST
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घुमारवीं शहर में सड़क किनारे लगा कूड़े का ढेर। संवाद
नगर परिषद की लापरवाही से जगह-जगह कचरे के ढेर, बारिश में उठ रही बदबू
दस साल पहले चला था क्लीन घुमारवीं–ग्रीन घुमारवीं अभियान
बरसात के मौसम में इन कचरे के ढेरों से उठ रहीं दुर्गंध, लोग परेशार
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। नगर परिषद घुमारवीं की सफाई व्यवस्था पूरी तरह से पटरी से उतर चुकी है। शहर की गलियों और सड़कों के किनारे जगह-जगह कचरे के ढेर लग गए हैं। हालत यह है कि घुमारवीं अब उस दौर की ओर लौटता दिख रहा है जब करीब दस साल पहले सफाई व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी थी और पूरा शहर कचरे का अंबार बना हुआ था।
करीब एक दशक पहले सफाई व्यवस्था बिगड़ने पर समाजसेवी संस्था ने क्लीन घुमारवीं–ग्रीन घुमारवीं अभियान शुरू किया था। नगर परिषद के सहयोग से घर-घर से सूखा और गीला कचरा उठाने की व्यवस्था लागू की गई। इस पहल से शहर की तस्वीर बदली और घुमारवीं काफी हद तक गंदगी से मुक्त हो गया। उस समय सूखा कचरा सीमेंट फैक्ट्रियों में और गीला कचरा भदसी गांव स्थित पिग फार्म में भेजा जाता था। हालांकि नगर परिषद की अस्थायी कार्यप्रणाली के चलते यह व्यवस्था कभी चलती रही, कभी ठप होती रही। बावजूद इसके, शहर की गलियों और बाजारों में कचरे के ढेर दोबारा नहीं लगे। मगर पिछले कुछ महीनों से स्थिति फिर गंभीर हो गई है। घर-घर से कचरा उठाने का काम पूरी तरह बंद हो चुका है। दुकानों और घरों का कचरा अब खुले में फेंका जा रहा है, जो बाजारों और सड़क किनारों पर ढेर के रूप में जमा हो गया है। कहा कि बरसात के मौसम में इन कचरे के ढेरों से उठने वाली दुर्गंध और गंदगी से हालात और बिगड़ गए हैं। जगह-जगह कीचड़ और कचरे से न केवल आवाजाही प्रभावित हो रही है बल्कि स्वास्थ्य संबंधी खतरे भी बढ़ने लगे हैं। लोगों को डेंगू, मलेरिया और संक्रामक बीमारियों का डर सताने लगा है।
नगर परिषद घुमारवीं की अध्यक्ष रीता सहगल ने सफाई व्यवस्था पर उठ रहे सवालों के जवाब में कहा कि मौसम की वजह से दिक्कतें आ रही हैं। जहां गीला कचरा भेजा जाता है वहां का रास्ता पूरी तरह खराब हो चुका है, ऐसे में वाहन वहां नहीं जा पा रहा है। जबकि सूखा कचरा बारिश के कारण नहीं लिया जा रहा है। हालांकि जल्द ही दोनों तरह का कचरा उठाना शुरू किया जाएगा।
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दस साल पहले चला था क्लीन घुमारवीं–ग्रीन घुमारवीं अभियान
बरसात के मौसम में इन कचरे के ढेरों से उठ रहीं दुर्गंध, लोग परेशार
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। नगर परिषद घुमारवीं की सफाई व्यवस्था पूरी तरह से पटरी से उतर चुकी है। शहर की गलियों और सड़कों के किनारे जगह-जगह कचरे के ढेर लग गए हैं। हालत यह है कि घुमारवीं अब उस दौर की ओर लौटता दिख रहा है जब करीब दस साल पहले सफाई व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी थी और पूरा शहर कचरे का अंबार बना हुआ था।
करीब एक दशक पहले सफाई व्यवस्था बिगड़ने पर समाजसेवी संस्था ने क्लीन घुमारवीं–ग्रीन घुमारवीं अभियान शुरू किया था। नगर परिषद के सहयोग से घर-घर से सूखा और गीला कचरा उठाने की व्यवस्था लागू की गई। इस पहल से शहर की तस्वीर बदली और घुमारवीं काफी हद तक गंदगी से मुक्त हो गया। उस समय सूखा कचरा सीमेंट फैक्ट्रियों में और गीला कचरा भदसी गांव स्थित पिग फार्म में भेजा जाता था। हालांकि नगर परिषद की अस्थायी कार्यप्रणाली के चलते यह व्यवस्था कभी चलती रही, कभी ठप होती रही। बावजूद इसके, शहर की गलियों और बाजारों में कचरे के ढेर दोबारा नहीं लगे। मगर पिछले कुछ महीनों से स्थिति फिर गंभीर हो गई है। घर-घर से कचरा उठाने का काम पूरी तरह बंद हो चुका है। दुकानों और घरों का कचरा अब खुले में फेंका जा रहा है, जो बाजारों और सड़क किनारों पर ढेर के रूप में जमा हो गया है। कहा कि बरसात के मौसम में इन कचरे के ढेरों से उठने वाली दुर्गंध और गंदगी से हालात और बिगड़ गए हैं। जगह-जगह कीचड़ और कचरे से न केवल आवाजाही प्रभावित हो रही है बल्कि स्वास्थ्य संबंधी खतरे भी बढ़ने लगे हैं। लोगों को डेंगू, मलेरिया और संक्रामक बीमारियों का डर सताने लगा है।
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नगर परिषद घुमारवीं की अध्यक्ष रीता सहगल ने सफाई व्यवस्था पर उठ रहे सवालों के जवाब में कहा कि मौसम की वजह से दिक्कतें आ रही हैं। जहां गीला कचरा भेजा जाता है वहां का रास्ता पूरी तरह खराब हो चुका है, ऐसे में वाहन वहां नहीं जा पा रहा है। जबकि सूखा कचरा बारिश के कारण नहीं लिया जा रहा है। हालांकि जल्द ही दोनों तरह का कचरा उठाना शुरू किया जाएगा।
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