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Bilaspur News: शहीद पति के नाम सड़क का नामकरण कराने को तरसी वीर नारी निशा देवी

Fri, 01 Aug 2025 05:18 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर Updated Fri, 01 Aug 2025 05:18 PM IST
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Brave woman Nisha Devi longs to get the road named after her martyred husband
बोलीं, 20 साल बाद भी अधूरा है शहीद नरेश कुमार के नाम पर लिंक रोड का सपना
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फाइलों में उलझा मामला, पूछा-क्या यूं ही अधूरा रहेगा शहादत का सम्मान

संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। देश की सीमाओं की रक्षा करते हुए 8 नवंबर 2003 को पुंछ-राजौरी सेक्टर में शहीद हुए बिलासपुर के वीर सपूत नरेश कुमार की पत्नी वीर नारी निशा कुमारी आज भी अपने पति के नाम पर लिंक रोड का नामकरण होने का इंतजार कर रही हैं।
दो दशक बीत जाने के बाद भी यह वादा पूरा न होने से वे हताश और निराश हैं। वीर नारी निशा कुमारी ने कहा कि शहादत के बदले परिवार को सम्मान के नाम पर केवल आश्वासन ही मिले हैं। हिमाचल प्रदेश वैटरन सैनिक कल्याण एवं विकास समिति के प्रदेशाध्यक्ष कैप्टन बालक राम शर्मा ने कहा कि शहीद परिवारों से किए गए वादे अक्सर केवल दिखावे तक ही रह जाते हैं। उन्होंने बताया कि शहीद नरेश कुमार के नाम पर टिहरी से बोहड़वी गल्लू लिंक रोड का नामकरण करने का प्रस्ताव पंचायतों और विभागों से स्वीकृति मिलने के बावजूद अब तक लंबित है। झंडूता उपमंडलाधिकारी और लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता की रिपोर्ट में भी किसी तरह की आपत्ति नहीं जताई गई है। यहां तक कि संबंधित पंचायतों मलराओं, भडोली कलां, कलोल, झिड़ियां और सनीहरा ने भी प्रस्ताव पारित कर समर्थन दिया है। बावजूद इसके फाइलें सरकारी दफ्तरों में अटकी हुई हैं। वीर नारी निशा कुमारी ने कहा कि मेरे पति ने देश की सरहद पर अपनी जान न्योछावर की। आज 20 साल बाद भी उनके नाम पर सड़क बनाने का वादा पूरा नहीं हुआ। आखिर एक लिंक रोड को शहीद के नाम पर करने में इतना समय क्यों लग रहा है? क्या सरकार और प्रशासन शहीद की कुर्बानी का यह सम्मान कर रहे हैं? उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और सैनिक कल्याण मंत्री धनीराम शांडिल से इस मामले को गंभीरता से लेकर जल्द कार्रवाई करने की मांग की है।
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जानकारी के मुताबिक, 28 अप्रैल 2023 को मुख्यमंत्री कार्यालय से वीर नारी निशा कुमारी के अनुरोध पर पत्र जारी किया गया था। इसके बाद झंडूता एसडीएम और लोक निर्माण विभाग की जांच रिपोर्ट के साथ जिला स्तरीय समिति ने 7 अगस्त 2022 को नामकरण के पक्ष में संस्तुति भी दे दी। मगर इसके बाद भी मामला प्रधान सचिव लोक निर्माण के पास जाकर अटक गया है।
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