बिलासपुर अस्पताल में नहीं मिल रही मरीजों को दवाइयां
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सरकार के आदेशों के बाद भी बिलासपुर अस्पताल में मरीजों को दवाइयां नहीं मिल पा रही है। डॉक्टर जो दवाइयां मरीजों को लिख रहे हैं वह अस्पताल में उपलब्ध नहीं है। मजबूरी में मरीज अस्पताल के बाहर खुली दुकानों से दवा लेने को मजबूर हैं। ऐसे में सूबे में दवाइयों पर कमीशन का खेल थम नहीं रहा है। हालांकि सरकार ने आदेश जारी किए हैं कि जो दवाइयां अस्पताल में उपलब्ध है वही चिकित्सक लिखे, लेकिन जिला अस्पताल में ऐसा नहीं हो रहा है। हालत ऐसी है कि चार दवाइयों में मात्र एक दवा अस्पताल में मिल रही है। जबकि अन्य दवाइयां बाहर से लेनी पड़ रही है।
अमर उजाला की टीम ने शुक्रवार को जिला अस्पताल का दौरा किया तो पाया कि मरीजों को अस्पताल से नाम मात्र की दवाइयां मिल रही है। ऐसे में सरकार की सुविधा का लाभ मरीजों को नहीं मिल पा रहा है। हालांकि सरकार की ओर से एक लिस्ट जारी की गई है जिसमें चिकित्सकों को उन्हीं दवाइयों को लिखने को कहा गया है जो अस्पताल में मौजूद है। अस्पताल में पड़ताल के दौरान मरीजों ने बताया कि चार दवाइयों में केवल एक ही अस्पताल में मिल रही है। जबकि तीन बाहर से लेने को मजबूर हैं।
सरकार की ओर से सभी अस्पतालों में 66 दवाइयां मुहैया करवाई गई है। वहीं चिकित्सकों को आदेश दिए गए हैं कि मरीजों को हर हाल में यहीं दवाइयां लिखें। ऐसा करने के लिए सभी चिकित्सकों को लिखित आदेश जारी हुए है।
स्वास्थ्य मंत्री ठाकुर कौल सिंह पहले ही चिकित्सकों को चेता चुके हैं कि कोताही बरतने वाले चिकित्सक किसी भी हाल में बख्शे नहीं जाएंगे। उन्होंने कहा कि सरकार अस्पताल में लोगों को सस्ती दवाइयां मुहैया करवा रही है।
सदर के विधायक बंबर ठाकुर के पास भी कई शिकायतें पहुंच चुकी है। गत रोज उन्होंने भी चिकित्सकों को चेताया था। विधायक ने साफ किया कि वह खुद अस्पताल का औचक निरीक्षण करेंगे। उसके बाद पूरी रिपोर्ट सीएम और स्वास्थ्य मंत्री को भेजी जाएगी।