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बार बंद, आर्थिक संकट से जूझ रहे बार संचालक
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बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश बार एसोसिएशन के सचिव रमेश कुमार राणा ने कहा कि चार महीने से कोरोना को लेकर लगे लॉकडाउन के चलते सरकार के आदेशों के नियमों का ईमानदारी से पालन कर रहे बार संचालकों की मुश्किलें दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही हैं। हालांकि सरकार
ने अनलॉक प्रक्रिया शुरू होने के साथ कई प्रतिष्ठानों को सशर्त खोलने की अनुमति भी दी है लेकिन अभी तक बार खोलने को लेकर कोई प्रतिक्रिया सरकार की ओर से नहीं आई है।
यहां जारी बयान के माध्यम से रमेश राणा ने बताया कि बार संचालक दयनीय स्थिति में गुजर रहे हैं। 4 महीनों से उनके बार पूरी तरह से बंद है तथा बार के माध्यम से अपना और अपने परिवार का पेट पाने वाले लोगों की आर्थिक स्थिति दयनीय हो चुकी है। हालांकि सरकार ने रेस्टोरेंट और ढाबों को कोविड-19 के नियमों के तहत 60 प्रतिशत छूट और सोशल डिस्टेंसिंग का हवाला देकर अनुमति दे दी है लेकिन पिछले करीब चार महीनों से बार पर पूरी तरह से तालाबंदी है। इससे न सिर्फ बार संचालक बल्कि उनके पास काम करने वाले वेटर, बावर्ची, सफाई कर्मी और अन्य स्टाफ की हालत भी दयनीय हो चुकी है।
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उन्होंने कहा कि अच्छे समय की आस में चार महीने बीत चुके हैं तथा वे अपने स्टाफ को कहीं और भी नहीं भेज सकते। राणा ने बताया कि बार के माध्यम से प्रदेश के राजस्व में हर साल करोड़ों की आमदन फीस के रूप में होती है। लेकिन सरकार इन्हें न खोल कर उदासीनता का परिचय दे रही है। उन्होंने कहा कि सभी बार संचालकों ने दिसंबर 2019 में फीस जमा करवा दी है। अब बिना काम के बार मालिकों को खासी परेशानी हो रही है।
उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश बार एसोसिएशन के सभी सदस्य की शर्तों को मानते हुए सोशल डिस्टेंसिंग के साथ बार खोलने के लिए तैयार है। लेकिन सरकार के पास गुहार लगाने के बावजूद अभी तक उनकी मांग पर गौर नहीं किया जा रहा है। राणा ने बताया कि प्रदेश भर में सैकड़ों बार संचालन कर रहे हैं लेकिन कोरोना काल के दौरान सरकार के आदेशों को मानते हुए सभी बार को बंद कर दिया गया है।
उन्होंने कहा कि इस धंधे से न सिर्फ बार मालिक बल्कि हजारों कर्मचारी और उनके परिवार भी प्रत्यक्ष रूप से रोजी रोटी कमाते हैं। अब जब अनलॉक की प्रक्रिया आरंभ हो चुकी है तो अधिकांश दुकानों को सशर्त खोलने की अनुमति प्रदेश सरकार द्वारा दे दी गई है। यही नहीं रेस्टोरेंट और ढाबों को भी शर्तों के आधार पर खोल दिया गया है, लेकिन बार रेस्टोरेंट को अभी तक नहीं खोलने की मंजूरी नहीं मिली है। उन्होंने कहा सरकार के इस निर्णय से उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से आग्रह किया है कि वह हिमाचल प्रदेश के बार रेस्टोरेंट को खोलने की अनुमति प्रदान करें ताकि वह भी अपना और अपने परिवार साथ ही उनके कर्मचारी और उनका परिवार भी अच्छे तरीके से रोजी-रोटी कमा सकें।
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ने अनलॉक प्रक्रिया शुरू होने के साथ कई प्रतिष्ठानों को सशर्त खोलने की अनुमति भी दी है लेकिन अभी तक बार खोलने को लेकर कोई प्रतिक्रिया सरकार की ओर से नहीं आई है।
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यहां जारी बयान के माध्यम से रमेश राणा ने बताया कि बार संचालक दयनीय स्थिति में गुजर रहे हैं। 4 महीनों से उनके बार पूरी तरह से बंद है तथा बार के माध्यम से अपना और अपने परिवार का पेट पाने वाले लोगों की आर्थिक स्थिति दयनीय हो चुकी है। हालांकि सरकार ने रेस्टोरेंट और ढाबों को कोविड-19 के नियमों के तहत 60 प्रतिशत छूट और सोशल डिस्टेंसिंग का हवाला देकर अनुमति दे दी है लेकिन पिछले करीब चार महीनों से बार पर पूरी तरह से तालाबंदी है। इससे न सिर्फ बार संचालक बल्कि उनके पास काम करने वाले वेटर, बावर्ची, सफाई कर्मी और अन्य स्टाफ की हालत भी दयनीय हो चुकी है।
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उन्होंने कहा कि अच्छे समय की आस में चार महीने बीत चुके हैं तथा वे अपने स्टाफ को कहीं और भी नहीं भेज सकते। राणा ने बताया कि बार के माध्यम से प्रदेश के राजस्व में हर साल करोड़ों की आमदन फीस के रूप में होती है। लेकिन सरकार इन्हें न खोल कर उदासीनता का परिचय दे रही है। उन्होंने कहा कि सभी बार संचालकों ने दिसंबर 2019 में फीस जमा करवा दी है। अब बिना काम के बार मालिकों को खासी परेशानी हो रही है।
उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश बार एसोसिएशन के सभी सदस्य की शर्तों को मानते हुए सोशल डिस्टेंसिंग के साथ बार खोलने के लिए तैयार है। लेकिन सरकार के पास गुहार लगाने के बावजूद अभी तक उनकी मांग पर गौर नहीं किया जा रहा है। राणा ने बताया कि प्रदेश भर में सैकड़ों बार संचालन कर रहे हैं लेकिन कोरोना काल के दौरान सरकार के आदेशों को मानते हुए सभी बार को बंद कर दिया गया है।
उन्होंने कहा कि इस धंधे से न सिर्फ बार मालिक बल्कि हजारों कर्मचारी और उनके परिवार भी प्रत्यक्ष रूप से रोजी रोटी कमाते हैं। अब जब अनलॉक की प्रक्रिया आरंभ हो चुकी है तो अधिकांश दुकानों को सशर्त खोलने की अनुमति प्रदेश सरकार द्वारा दे दी गई है। यही नहीं रेस्टोरेंट और ढाबों को भी शर्तों के आधार पर खोल दिया गया है, लेकिन बार रेस्टोरेंट को अभी तक नहीं खोलने की मंजूरी नहीं मिली है। उन्होंने कहा सरकार के इस निर्णय से उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से आग्रह किया है कि वह हिमाचल प्रदेश के बार रेस्टोरेंट को खोलने की अनुमति प्रदान करें ताकि वह भी अपना और अपने परिवार साथ ही उनके कर्मचारी और उनका परिवार भी अच्छे तरीके से रोजी-रोटी कमा सकें।