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Bilaspur News: वादे के बाद भी एरियर नहीं मिला, पेंशनरों का फूटा गुस्सा
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15 अगस्त को घोषणा नहीं होने से नाराजगी, अक्तूबर में रास्ता रोको आंदोलन की चेतावनी
संवाद न्यूज एजेंसी
जुखाला (बिलासपुर)। पेंशनर वेलफेयर एसोसिएशन हिमाचल प्रदेश जिला बिलासपुर ने 15 अगस्त को महंगाई भत्ते और बकाया एरियर को लेकर घोषणा नहीं होने पर प्रदेश सरकार के खिलाफ रोष जताया है। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री पर पेंशनरों से किए वादे से पीछे हटने का आरोप लगाया है। जिला प्रधान चेतराम वर्मा ने कहा कि पेंशनर लंबे समय से वित्तीय देनदारियों के भुगतान की मांग कर रहे हैं।
जिला प्रधान चेतराम,महासचिव सुशील पुंडीर, वरिष्ठ उपप्रधान कुबेर सिंह ठाकुर, रुमा चंदेल, उपप्रधान संदेश शर्मा, गोपाल कृष्ण शर्मा, हंसराज शर्मा, पुरुषोत्तम शर्मा, मुख्य सलाहकार कर्म सिंह चंदेल, सलाहकार बलबीर सिंह ठाकुर, मुख्य प्रचार सचिव प्रेम लाल पराशर, मदन लाल शर्मा, सदर खंड प्रधान जयकृष्ण शर्मा, सचिव राम प्रकाश वर्मा, शहरी इकाई प्रधान रविंद्र नाथ भट्टा, सचिव श्याम लाल पंवर, हरिदास ठाकुर और देवेश्वर गौतम ने संयुक्त बयान में वर्मा ने कहा कि 13 मई 2026 को सचिवालय में मुख्यमंत्री के साथ हुई बैठक में 31 जुलाई से पहले जनवरी 2016 से जनवरी 2022 तक सेवानिवृत्त कर्मचारियों को 40 फीसदी के हिसाब से बकाया एरियर का भुगतान करने का आश्वासन दिया गया था। पेंशनरों को उम्मीद थी कि 15 अगस्त को महंगाई भत्ते की किस्तों और एरियर को लेकर घोषणा होगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से 15 और 30 फीसदी भुगतान की घोषणा से पेंशनरों में असंतोष है। उनका आरोप है कि सरकार की कथनी और करनी में अंतर दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले साढ़े तीन वर्षों से पेंशनर अपने वित्तीय हकों की मांग कर रहे हैं, लेकिन उनकी मांगों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। चेतराम वर्मा ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार ने 44 महीनों में करीब 44 हजार करोड़ रुपये का कर्ज लिया है, लेकिन पेंशनरों की वित्तीय देनदारियों का भुगतान नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि सरकार एक ओर प्रदेश में आर्थिक संकट नहीं होने की बात करती है, वहीं पेंशनरों के भुगतान के लिए आर्थिक संसाधनों की कमी बताई जा रही है। एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि संबंधित अधिसूचना जारी करने से पहले पुनर्विचार कर सभी वर्गों के पेंशनरों को 15 फीसदी महंगाई भत्ते की किस्तों और बकाया एरियर का 40 फीसदी भुगतान करने के लिए वित्तीय प्रबंध किया जाए। चेतराम वर्मा ने चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं हुईं तो अक्तूबर में पेंशनर रास्ता रोको अभियान के तहत आंदोलन शुरू करने के लिए मजबूर होंगे। उन्होंने कहा कि आंदोलन की स्थिति में इसकी जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
जुखाला (बिलासपुर)। पेंशनर वेलफेयर एसोसिएशन हिमाचल प्रदेश जिला बिलासपुर ने 15 अगस्त को महंगाई भत्ते और बकाया एरियर को लेकर घोषणा नहीं होने पर प्रदेश सरकार के खिलाफ रोष जताया है। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री पर पेंशनरों से किए वादे से पीछे हटने का आरोप लगाया है। जिला प्रधान चेतराम वर्मा ने कहा कि पेंशनर लंबे समय से वित्तीय देनदारियों के भुगतान की मांग कर रहे हैं।
जिला प्रधान चेतराम,महासचिव सुशील पुंडीर, वरिष्ठ उपप्रधान कुबेर सिंह ठाकुर, रुमा चंदेल, उपप्रधान संदेश शर्मा, गोपाल कृष्ण शर्मा, हंसराज शर्मा, पुरुषोत्तम शर्मा, मुख्य सलाहकार कर्म सिंह चंदेल, सलाहकार बलबीर सिंह ठाकुर, मुख्य प्रचार सचिव प्रेम लाल पराशर, मदन लाल शर्मा, सदर खंड प्रधान जयकृष्ण शर्मा, सचिव राम प्रकाश वर्मा, शहरी इकाई प्रधान रविंद्र नाथ भट्टा, सचिव श्याम लाल पंवर, हरिदास ठाकुर और देवेश्वर गौतम ने संयुक्त बयान में वर्मा ने कहा कि 13 मई 2026 को सचिवालय में मुख्यमंत्री के साथ हुई बैठक में 31 जुलाई से पहले जनवरी 2016 से जनवरी 2022 तक सेवानिवृत्त कर्मचारियों को 40 फीसदी के हिसाब से बकाया एरियर का भुगतान करने का आश्वासन दिया गया था। पेंशनरों को उम्मीद थी कि 15 अगस्त को महंगाई भत्ते की किस्तों और एरियर को लेकर घोषणा होगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से 15 और 30 फीसदी भुगतान की घोषणा से पेंशनरों में असंतोष है। उनका आरोप है कि सरकार की कथनी और करनी में अंतर दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले साढ़े तीन वर्षों से पेंशनर अपने वित्तीय हकों की मांग कर रहे हैं, लेकिन उनकी मांगों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। चेतराम वर्मा ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार ने 44 महीनों में करीब 44 हजार करोड़ रुपये का कर्ज लिया है, लेकिन पेंशनरों की वित्तीय देनदारियों का भुगतान नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि सरकार एक ओर प्रदेश में आर्थिक संकट नहीं होने की बात करती है, वहीं पेंशनरों के भुगतान के लिए आर्थिक संसाधनों की कमी बताई जा रही है। एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि संबंधित अधिसूचना जारी करने से पहले पुनर्विचार कर सभी वर्गों के पेंशनरों को 15 फीसदी महंगाई भत्ते की किस्तों और बकाया एरियर का 40 फीसदी भुगतान करने के लिए वित्तीय प्रबंध किया जाए। चेतराम वर्मा ने चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं हुईं तो अक्तूबर में पेंशनर रास्ता रोको अभियान के तहत आंदोलन शुरू करने के लिए मजबूर होंगे। उन्होंने कहा कि आंदोलन की स्थिति में इसकी जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी।
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