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जंगल आग सेे सुलगे, लाखों की वन संपदा राख
Updated Wed, 23 May 2018 10:08 PM IST
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forest fire shimla
- फोटो : fire
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अमर उजाला ब्यूरो
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बिलासपुर।
जिले के जंगलों में आग लगने का सिलसिला लगातार जारी है। अभी तक जिले भर के विभिन्न जंगलों में आग लगने से लाखों की वन संपदा जलकर राख हो चुकी है। जबकि वन्य जीवों की आग की वजह से जान गंवानी पड़ रही है। हालांकि वन विभाग के पास यह आंकड़ा नहीं है कि कितनी वन संपदा को नुकसान पहुंचा है। जिले भर के जंगलों में आग लगने से वन महकमा भी परेशान है। इसकी वजह यह है कि स्टाफ की कमी के के कारण विभाग के लिए आग पर काबू पाना मुश्किल हो गया है।
जिले के लखनपुर, बंदला, कोठीपुरा, पंजगाईं, कंदरौर, समोह, स्वारघाट, नयनादेवी, ब्रहमपुखर और जुखाला सहित घुमारवीं के कई इलाकों में आग लगने से लाखों की वन संपदा जल कर नष्ट हो चुकी है। जबकि कई वन्यजीव भी आग की भेंट चढ़ चुके हैं। हालांकि वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी जंगलों की आग बुझाने में जुटे हैं, लेकिन स्टाफ की कमी के चलते उनके लिए यह काम मुश्किल हो गया है। वन विभाग के डीएफओ सरोज भाई पटेल का कहना है कि वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी जंगलों में लगी आग पर काबू पाने के लिए दिन-रात डटे हुए हैं। मगर गर्मी के कारण आग इतनी भयावह हो रही है कि पास जाना मुश्किल हो रहा है।
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जंगलों से आ रही थी वन्यजीवों की आवाजें
वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यह नजारा बहुत ही भयावह था, जब बिलासपुर शहर के साथ लगते जंगल में लगी आग से वन्य जीवों के चिल्लाने की आवाजें आ रही थी। आग लगने सेे पशु और पक्षी नीचे की तरफ भाग रहे थे। पूरा का पूरा जंगल वन्य जीवों की चिल्लाने की आवाजों से गूंज रहा था। मगर वह चाहकर भी कुछ नहीं कर सकते थे, आग इतनी भयावह थी कि बड़ी मुश्किल से आग पर काबू पाया जा रहा था।
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समोह जंगल में लगी आग को बुझाने में डटे स्वयंसेवी
समोह जंगल में लगी आग पर काबू पाने के लिए राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला के अध्यापकों और स्वयंसेवियों की मदद से एक तरफ आग पर काबू पा लिया है। जबकि दूसरे छोर पर आग जारी थी। भयंकर आग से लाखों की वन संपदा जलकर राख हो गई है। पाठशाला को जलने से बचाने के लिए पाठशाला एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी कामराज सेठी और ईको क्लब प्रभारी अवनीश कुमार, अनिल और विजय के साथ पाठशाला के बच्चों अजय, कार्तिक, धीरज, दीपक, नितिन, विकास, अभिषेक, अनीष और प्रिंस ने पौधों और वन्य प्राणियों की रक्षा की।