फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Bilaspur News ›   बिलासपुर में नहीं लड़कियों के लिए अलग हॉस्टल

बिलासपुर में नहीं लड़कियों के लिए अलग हॉस्टल

Sat, 10 Feb 2018 07:12 PM IST
Updated Sat, 10 Feb 2018 07:12 PM IST
विज्ञापन
बिलासपुर में नहीं लड़कियों के लिए अलग हॉस्टल
स्टेट छात्रावास में नहीं लड़कियों को अलग रहने की सुविधा
विज्ञापन

रात साढ़े नौ बजे ताला लगा अंदर पैक हो जाती हैं खिलाड़ी
खेमराज शर्मा
बिलासपुर।
जिला बिलासपुर स्थित स्टेट छात्रावास में लड़कियों के लिए अलग रहने की सुविधा नहीं है। यहां पर रहने वाली खिलाड़ी लड़कियों का कहना है कि अगर लड़कियों के लिए अलग से हॉस्टल होता तो वे अपने आप को ज्यादा सहज महसूस करतीं। हालांकि, यहां पर भी रहने की अलग व्यवस्था है, लेकिन जो बात लड़कियों के अलग हॉस्टल में होती है वह यहां पर नहीं है। ऐसे में सरकार और विभाग को चाहिए कि खिलाड़ी छात्राओं के लिए अलग से हॉस्टल की सुविधा होनी चाहिए।

बिलासपुर के लुहणू खैल मैदान स्थित स्टेट हॉस्टल की इमारत है। यहां पर लड़के और लड़कियों के रहने की सुविधा है। इस हॉस्टल के अंदर 22 खिलाड़ी छात्राएं रहती हैं। इनमें से 15 कबड्डी और सात एथलेटिक्स की खिलाड़ी हैं। लेकिन, इनके साथ ही यहां पर छात्र खिलाड़ी भी रहते हैं। इनकी संख्या 40 के करीब है। खिलाड़ी छात्र यहां पर हॉकी, कबड्डी और हैंडबाल का प्रशिक्षण लेते हैं। हालांकि, दोनों के रहने के लिए अलग-अलग स्थान हैं, लेकिन एक ही भवन में छात्र खिलाड़ियों के साथ रहने में छात्रा खिलाड़ी अपने आप को सहज महसूस नहीं करती हैं। रात साढ़े नौ बजे के बाद ही लड़कियों के ब्लॉक में बाहर से ताला लगा दिया जाता है। जबकि, लड़कों के ब्लॉक में भी बाहर से ताला लगा दिया जाता है। ऐसा ही हॉस्टल ऊना जिले में भी है, जहां पर लड़के ही रहते हैं। लेकिन बिलासपुर में ही केवल लड़के और लड़कियों को एक ही हॉस्टल के अंदर रखा जाता है। इसके बारे में हॉस्टल इंचार्ज प्रदीप कालिया का कहना है कि लड़के और लड़कियों के अलग-अलग हॉस्टल का प्रपोजल भेजा हुआ है, जो आला अधिकारियों की नजरों में है। इसके अलावा रात के समय यहां पर चौकीदार और एक कोच भी तैनात रहता है। इसके अलावा एक रजिस्टर भी लगाया गया है, जिसमें हर एक खिलाड़ी के आने-जाने का समय निर्धारित किया जाता है। इस संबंध में जिला खेल अधिकारी श्याम लाल कौंडल का कहना है कि इस संबंध में वह कुछ नहीं कह सकते। मामला आला अधिकारियों के ध्यान में है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed