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गोविंद सागर किनारे कूड़ा डंप करने पर बीबीएमबी तल्ख
Updated Thu, 22 Nov 2018 10:03 PM IST
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बिलासपुर। गोविंद सागर झील में बिना ट्रीटमेंट के सीवरेज डालने व सतलुज नदी किनारे कूड़ा डंप करने को लेकर बीबीएमबी ने एतराज जताया है। बीबीएमबी अब आईपीएच व नगर परिषद को इस संबंध में पत्राचार कर समस्या को हल करने को लिखेगा। अगर उसके बाद भी आईपीएच व नप ने समस्या को गंभीरता से नहीं लिया तो बीबीएमबी जुर्माना भी लगा सकता है। बीबीएमबी ने बिलासपुर में रेजर वायर की इंस्पेक्शन पर सारी व्यवस्था का जायजा लिया है।
गौरतलब है कि बिलासपुर में आईपीएच विभाग को दो सीवरेज ट्रीटमेंट लगाने की जरूरत है ताकि शहर से निकलने वाली गंदगी को ट्रीट कर सतलुज नदी में डाला जा सके। लेकिन यहां पर सदियों से बिना ट्रीटमेंट के ही शहर की सारी गंदगी सतलुज नदी में बहाई जा रहा है। जिससे पर्यावरण को खासा नुकसान हो रहा है। हालांकि पहले तो आईपीएच विभाग बीबीएमबी की ओर से सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाने की एनओसी न देने की बात कह रहा था। अब बीबीएमबी से ट्रीटमेंट प्लांट लगाने की एनओसी मिल चुकी है, उसके बावजूद अभी तक कार्य शुरू नहीं हुआ है। इस समय इंडोर स्टेडियम के पास सीवरेज की गंदगी खुले में ही बहती हुई सतलुज नदी में जा रही है। मैदान में चारों और दुर्गंध ही दुर्गंध है। इसके अलावा जहां पर नप ने शहर का कचरा डंप करने का स्थान चिह्नित किया है, वह भी सतलुज नदी के किनारे पर है। यहां पर भी कचरा सीधे सतलुज नदी में जा रहा था। जब नदी का पानी चढ़ता है तो वह कचरे को भी अपने साथ बहा कर ले जाता है। जिससे सतलुज नदी किनारे कचरे के ढेर लग जाते है। एनजीटी के भी साफ आदेश हैं कि सतलुज नदी रेजर वायर में किसी भी तरह की गंदगी सहन नहीं की जाएगी।
बीबीएमबी के आरएम एंड एसआर के अधिशासी अभियंता वीके गर्ग ने बताया कि बीबीएमबी के अधिकारी इंस्पेक्शन पर आए थेे। उन्होंने यहां पर पाया कि सतलुज नदी में गंदगी डाली जा रही है। इस मामले में आईपीएच व नगर परिषद को लेटर भेजा जाएगा। अगर उसके बाद भी हालात नहीं सुधरे तो जुर्माना लगाया जाएगा।
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गौरतलब है कि बिलासपुर में आईपीएच विभाग को दो सीवरेज ट्रीटमेंट लगाने की जरूरत है ताकि शहर से निकलने वाली गंदगी को ट्रीट कर सतलुज नदी में डाला जा सके। लेकिन यहां पर सदियों से बिना ट्रीटमेंट के ही शहर की सारी गंदगी सतलुज नदी में बहाई जा रहा है। जिससे पर्यावरण को खासा नुकसान हो रहा है। हालांकि पहले तो आईपीएच विभाग बीबीएमबी की ओर से सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाने की एनओसी न देने की बात कह रहा था। अब बीबीएमबी से ट्रीटमेंट प्लांट लगाने की एनओसी मिल चुकी है, उसके बावजूद अभी तक कार्य शुरू नहीं हुआ है। इस समय इंडोर स्टेडियम के पास सीवरेज की गंदगी खुले में ही बहती हुई सतलुज नदी में जा रही है। मैदान में चारों और दुर्गंध ही दुर्गंध है। इसके अलावा जहां पर नप ने शहर का कचरा डंप करने का स्थान चिह्नित किया है, वह भी सतलुज नदी के किनारे पर है। यहां पर भी कचरा सीधे सतलुज नदी में जा रहा था। जब नदी का पानी चढ़ता है तो वह कचरे को भी अपने साथ बहा कर ले जाता है। जिससे सतलुज नदी किनारे कचरे के ढेर लग जाते है। एनजीटी के भी साफ आदेश हैं कि सतलुज नदी रेजर वायर में किसी भी तरह की गंदगी सहन नहीं की जाएगी।
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बीबीएमबी के आरएम एंड एसआर के अधिशासी अभियंता वीके गर्ग ने बताया कि बीबीएमबी के अधिकारी इंस्पेक्शन पर आए थेे। उन्होंने यहां पर पाया कि सतलुज नदी में गंदगी डाली जा रही है। इस मामले में आईपीएच व नगर परिषद को लेटर भेजा जाएगा। अगर उसके बाद भी हालात नहीं सुधरे तो जुर्माना लगाया जाएगा।
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