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महिलाओं द्वारा दर्ज अधिकांश मामले निराधार 16-02-57

Mon, 30 Jul 2018 11:03 PM IST
Updated Mon, 30 Jul 2018 11:03 PM IST
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महिलाओं द्वारा दर्ज अधिकांश मामले निराधार 16-02-57
डेमो - फोटो : डेमो
सरोज पाठक
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बरमाणा (बिलासपुर)। बिलासपुर जिला में महिलाओं की ओर से दर्ज करवाए गए 50 फीसदी से अधिक मामले निराधार पाए गए हैं। करीब 50 फीसदी मामले पुलिस जांच में ही सही नहीं पाए गए। जबकि कई मामले में आरोपियों को कोर्ट ने बरी कर दिया। खबर की पुष्टि एएसपी बिलासपुर भागमल ठाकुर ने की है।
पुलिस से मिले आंकड़ों पर गौर करें तो वर्ष 2013 से अगस्त 2018 तक महिलाओं से छेड़छाड़, दुराचार और नाबालिग लड़कियों के अपहरण के मामले दर्ज हुए हैं जिसमें अधिकांश मामलों में पुलिस को सीआर बनानी पड़ी। जिनकी पुलिस ने सीआर नहीं बनाई उन्हें कोर्ट ने बाइज्जत बरी कर दिया, यानी 325 में से 104 मामले ऐसे हैं जो कोर्ट में विचाराधीन हैं जिन पर अभी निर्णय आना बाकी है।
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पुलिस की इस रिपोर्ट से यह बात साबित होती है कि 366, 354 और 376 जैसी धाराओं का अधिकतर दुरुपयोग हुआ है। सूत्रों की माने तो आपसी रंजिश के चलते इन धाराओं का प्रयोग अधिकतर महिलाएं और नाबालिग लड़कियां कर रही हैं।
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बिलासपुर पुलिस विभाग से जुटाए गए आंकड़ों पर नजर दौड़ाई जाए तो बिलासपुर में 2013 से अगस्त 2018 तक नाबालिग लड़कियों के अपहरण के 161 मामले दर्ज किए गए। उनमें से 130 मामलों की सीआर रिपोर्ट बन चुकी है। जबकि अभी तक इन मामलों में सजा सिर्फ एक केस में ही हुई है और तीन बरी हो चुके हैं। जबकि अन्य न्यायालय में विचाराधीन हैं।
छेड़छाड़ और अश्लील हरकतें करने के मामलों में अभी तक 169 मामले दर्ज हुए हैं। इनमें से 24 मामलों की सीआर बन चुकी है। जबकि सजा सिर्फ 3 केसों में हुई और 19 को कोर्ट ने बरी किया गया है। पुलिस के इन आंकड़ों से एक बात तो साफ हो गई है कि महिलाएं और बॉडर लाइन लड़कियां जो शारीरिक शोषण और दुराचार के मामले दर्ज करवाती हैं उनमें से 80 प्रतिशत मामले सच साबित नहीं हो पाते।
उधर एएसपी बिलासपुर भागमल ठाकुर ने इस रिपोर्ट की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तीकरण व सुरक्षा की बात सही है, लेकिन इन धाराओं का दुरुपयोग नहीं होना चाहिए।

इनसेट...
51 मामलों में लोग बाइज्जत बरी
2013 से अभी तक महिलाओं से जुड़े ऐसे मामले 325 दर्ज हुए हैं। इनमें से 156
मामलों की कैंसलेशन रिपोर्ट बनाई जा चुकी है। जबकि 14 मामलों में सजा हुई है और 51
केसों में लोग बाइज्जत बरी किए गए हैं यानी 325 में से 104 मामले ऐसे हैं जो कोर्ट में विचाराधीन हैं जिन पर अभी निर्णय आना बाकी है।
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महिलाएं अपने बयान से न मुकरें : एसपी
उधर एसपी बिलासपुर अशोक कुमार ने भी महिलाओं से आह्वान किया है कि वह तभी पुलिस के पास ऐसी शिकायतें लेकर आएं जिसमें उनके साथ ऐसा हुआ हो। उन्होंने कहा कि महिलाएं पहले तो बयान दे देती हैं लेकिन बाद में अपने बयान से मुकर जाती हैं जिससे भी पुलिस को परेशानी होती हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं को अपने बयान पर बने रहना चाहिए।
 
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