महिलाओं के प्रति सोच बदलना अपराजिता का लक्ष्य: एसडीएम

Shimla	 Bureauशिमला ब्यूरो Updated Thu, 24 Jan 2019 10:34 PM IST
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झंडूता(बिलासपुर)। महिलाओं के प्रति सोच बदलना ही अपराजिता का लक्ष्य है। वहीं, अगर युवाओं को बेहतर कॅरिअर बनाना है तो वह अमर उजाला का पेज सात जरूर पड़ें। इसमें युवाओं को उनके कॅरिअर से संबंधित कई जानकारियां साझा की होती हैं। जिससे युवाओं को आगे बढ़ने में भी खासी मदद मिलती है, वे स्वयं भी अमर उजाला के इस पेज को पढ़ना ज्यादा पसंद करते हैं। झंडूता राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला में आयोजित अमर उजाला अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि छात्राओं को संबोधित करते हुए झंडूता एसडीएम विकास शर्मा ने यह बात कही।
इससे पहले झंडूता थाना प्रभारी ने रामदास कौशल ने भी छात्राओं को अनके अधिकारों को लेकर जागरूक किया। उन्होंने कहा कि आज के समय में भी कई जगह पर लोगों में लड़का और लड़की के प्रति काफी अंतर देखा जा रहा है, जो समाज के उत्थान के लिए बेहतर नहीं है। लड़के और लड़कियों में कोई भी अंतर नहीं है। उन्होंने बच्चों के अभिभावकों से भी गुजारिश की है कि वे अपनी लड़कियों को बेहतर शिक्षा दें, ताकि वे आगे बढ़कर देश की सेवा में जुट सकें।
एसडीएम झंडूता विकास शर्मा ने कहा कि आज के समय में युवतियां और महिलाएं पुरुषों के मुकाबले काफी आगे हैं। पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिला कर कार्य कर रही हैं। उन्होंने स्कूल की छात्राओं से कहा कि वे बेहतर तरीके से पढ़ाई करें ताकि आज जिस जगह पर वह हैं उस जगह पर वह पहुंच सके। एसडीएम ने कहा कि जब हम कोई सपना देखते हैं तब ही वह पूरा होता है। बिना सपने देखे कोई सपना पूरा नहीं होता। कार्यक्रम में 122 से ज्यादा छात्राओं ने भाग लिया, जबकि स्कूल अध्यापक भी मौजूद रहे।
कार्यक्रम महिलाओं के लिए बेहतर प्लेटफार्म
1. स्कूल के उप-प्रधानाचार्य रवि चंद्र बैंस ने कहा कि महिलाओं व लड़कियों के उत्थान के लिए अमर उजाला की ओर से चलाया जा रहा अपराजिता कार्यक्रम बेहतर है। इससे महिलाओं और युवतियों को आगे बढ़ने के लिए बेहतर प्लेट फार्म मिलता है।
आगे बढ़ने की मिलती है शक्ति
2. शिक्षिका वीना ने बताया कि युवतियों को उनके अधिकारों को लेकर जागरूक करना अमर उजाला की बेहतर पहल है। ऐसे कार्यक्रमों से जहां युवतियां जागरूक होती हैं, वहीं उन्हें आगे बढ़ने की भी इच्छा जागृत होती है।
ऐसे कार्यक्रम करवाना अच्छी पहल
3. शिक्षिका वंदना का कहना है कि महिलाओं और युवतियों को अपने अधिकारों के बारे में पता होना चाहिए, क्योंकि आज के समय में महिलाओं के उत्पीड़न के कई मामले सामने आ रहे हैं। ऐसे में अपराजिता महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने में मदद कर रही है, जो सराहनीय कदम है।
ऐसे कार्यक्रमों में मिलती है अहम जानकारी
4. शिक्षिका वीना कुमारी का कहना है कि अगर स्कूल स्तर से ही बच्चियां अपने अधिकारों को लेकर जागरूक हो जाएं तो आगे बढ़कर और एकल तरीके से अपने पांव पर खड़ी हो सकती हैं। ऐसे में इस तरह के कार्यक्रम स्कूल स्तर पर ज्यादा से ज्यादा संख्या में होने चाहिए।
आगे बढ़ने के लिए जागरूकता जरूरी
नीलम का कहना है कि अपराजिता कार्यक्रम तभी सफल हो पाएगा। जब युवतियां और महिलाएं इसके महत्व को समझ पाएगी। उन्होंने कहा कि महिलाओं को भी उनके अधिकारों का पता होना चाहिए, ताकि वे आगे बढ़ सके।
अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हों महिलाएं
रचना शर्मा का कहना है कि इस तरह के कार्यक्रम समय-समय पर आयोजित किए जाने चाहिए, ताकि महिलाओं व युवतियों को जागरूक किया जा सके। आज के समय में महिलाओं का उनके अधिकारों के प्रति जागरूक न होना सबसे बड़ा घाटा है।
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