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एम्स की चारदीवारी का कार्य शुरू, 8 माह में पूरा होगा काम
Updated Tue, 26 Jun 2018 11:03 PM IST
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बिलासपुर। जिला बिलासपुर के कोठीपुरा में बनने वाले एम्स के लिए बाउंड्री वॉल लगाने का कार्य शुरू हो गया है। कंपनी को यह काम पूरा करने के लिए आठ महीने का समय दिया गया है। जबकि राजस्व विभाग एम्स की जमीन पर निशानदेही कर बुर्जियां लगाने का कार्य कर रहा है। उपायुक्त ने भी 15 दिनों के अंदर बुर्जियां लगाने को कहा है।
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिलासपुर में आयोजित कार्यक्रम में एम्स का शिलान्यास किया था। एम्स 750 बिस्तरों का होगा। इसमें आयुष विभाग भी अलग से होगा। इसके अलावा संस्थान में 100 एमबीबीएस की सीटें और 60 सीटें बीएससी नर्सिंग की होंगी। इसके अलावा एम्स में कई स्पेशलिटी उपचार सेवा मुहैया रहेगी। शिलान्यास के बाद केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने एम्स साइट का दौरा किया था और दावा किया था कि एम्स का कार्य 48 महीने में पूरा हो जाएगा। जबकि बाउंड्री बाल लगाने का कार्य एक साल में पूरा होगा। अब चहारदीवारी का कार्य पूरा होते ही अगले चरण का कार्य पूरा किया जाएगा। एचएससीसीएल के साइट इंजीनियर शिवम ठाकुर का कहना है कि निशानदेही के साथ लेआउट का कार्य चला हुआ है। ले आउट के तुरंत बाद दीवार का कार्य शुरू होगा।
एम्स बनने के बाद जहां प्रदेश के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा का लाभ मिलेगा, वहीं आसपास के राज्यों के लोगों के लिए भी यहां आकर उपचार करवाना सुविधाजनक रहेगा। इसके अलावा संस्थान से हर साल सौ डॉक्टर भी तैयार होकर निकलेंगे।
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उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिलासपुर में आयोजित कार्यक्रम में एम्स का शिलान्यास किया था। एम्स 750 बिस्तरों का होगा। इसमें आयुष विभाग भी अलग से होगा। इसके अलावा संस्थान में 100 एमबीबीएस की सीटें और 60 सीटें बीएससी नर्सिंग की होंगी। इसके अलावा एम्स में कई स्पेशलिटी उपचार सेवा मुहैया रहेगी। शिलान्यास के बाद केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने एम्स साइट का दौरा किया था और दावा किया था कि एम्स का कार्य 48 महीने में पूरा हो जाएगा। जबकि बाउंड्री बाल लगाने का कार्य एक साल में पूरा होगा। अब चहारदीवारी का कार्य पूरा होते ही अगले चरण का कार्य पूरा किया जाएगा। एचएससीसीएल के साइट इंजीनियर शिवम ठाकुर का कहना है कि निशानदेही के साथ लेआउट का कार्य चला हुआ है। ले आउट के तुरंत बाद दीवार का कार्य शुरू होगा।
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एम्स बनने के बाद जहां प्रदेश के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा का लाभ मिलेगा, वहीं आसपास के राज्यों के लोगों के लिए भी यहां आकर उपचार करवाना सुविधाजनक रहेगा। इसके अलावा संस्थान से हर साल सौ डॉक्टर भी तैयार होकर निकलेंगे।
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