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स्वारघाट बाजार में उठने लगी फुटपाथ निर्माण की मांग
Updated Sat, 12 May 2018 10:28 PM IST
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स्वारघाट बाजार में बनाया जाए फुटपाथ
बढ़ रहे यातायात से हादसों का खतरा
अमर उजाला ब्यूरो
स्वारघाट (बिलासपुर)।
स्वारघाट बाजार में पैदल चलने के लिए फुटपाथ न होने से राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रोजाना बढ़ने वाले यातायात से राहगीरों का पैदल चलना मुश्किल हो गया है। स्थानीय दुकानदारों और राहगीरों का कहना है कि बिलासपुर और शिमला की तर्ज पर यहां पर फुटपाथ का निर्माण किया जाए।
उपमंडल स्वारघाट की स्थानीय ग्राम पंचायत कुटैहला के प्रतिनिधियों ने प्रदेश सरकार से आग्रह किया है कि हिमाचल के प्रवेश द्वार कहे जाने वाले स्वारघाट कस्बे में लोनिवि के विश्राम गृह से लेकर एसडीएम कार्यालय तक नेशनल हाईवे के एक तरफ पैदल चलने वाले राहगीरों के लिए फुटपाथ का निर्माण कार्य प्राथमिकता के आधार पाए किया जाए। उपमंडल स्वारघाट की स्थानीय ग्राम पंचायत कुटैहला प्रधान शकुंतला ठाकुर, उपप्रधान बाल कृष्ण ठाकुर, विकास खंड स्वारघाट बीडीसी अध्यक्ष हेमा देवी तथा समस्त जनता ने प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन बिलासपुर से आग्रह किया है कि स्वारघाट कस्बे में लोक निर्माण विभाग विश्राम गृह से लेकर एसडीएम कार्यालय तक नेशनल हाईवे के किनारे फुटपाथ का निर्माण किया जाना चाहिए। स्वारघाट कस्बे में दिनप्रतिदिन वाहनों की आवाजाही में बढ़ोतरी हो रही है। हिमाचल राज्य के तीन स्थानों पर बरमाणा, दाड़लाघाट और बागा में सीमेंट प्लांट के कार्यों में लगे हजारों की संख्या में ट्रकों की आवाजाही प्रवेश द्वार स्वारघाट कस्बे से ही होती है। यही नहीं, यहां तीन निजी स्कूल और एक सरकारी स्कूल भी है। इन स्कूलों में सैकड़ों की संख्या में बच्चे हर रोज शिक्षा ग्रहण करने के लिए पैदल चलकर नेशनल हाईवे सड़क से होकर जाते हैं। इसके अलावा एसडीएम ऑफिस, तहसीलदार और नायब तहसीलदार ऑफिस के समेत दर्जनों विभागों के कार्यालय भी हैं। जनता और प्रतिनिधियों ने प्रदेश सरकार से आग्रह किया है कि स्वारघाट कस्बे में लोक निर्माण विश्राम गृह से लेकर एसडीएम ऑफिस तक नेशनल हाईवे के किनारे फुटपाथ का निर्माण करवाया जाए।
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बढ़ रहे यातायात से हादसों का खतरा
अमर उजाला ब्यूरो
स्वारघाट (बिलासपुर)।
स्वारघाट बाजार में पैदल चलने के लिए फुटपाथ न होने से राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रोजाना बढ़ने वाले यातायात से राहगीरों का पैदल चलना मुश्किल हो गया है। स्थानीय दुकानदारों और राहगीरों का कहना है कि बिलासपुर और शिमला की तर्ज पर यहां पर फुटपाथ का निर्माण किया जाए।
उपमंडल स्वारघाट की स्थानीय ग्राम पंचायत कुटैहला के प्रतिनिधियों ने प्रदेश सरकार से आग्रह किया है कि हिमाचल के प्रवेश द्वार कहे जाने वाले स्वारघाट कस्बे में लोनिवि के विश्राम गृह से लेकर एसडीएम कार्यालय तक नेशनल हाईवे के एक तरफ पैदल चलने वाले राहगीरों के लिए फुटपाथ का निर्माण कार्य प्राथमिकता के आधार पाए किया जाए। उपमंडल स्वारघाट की स्थानीय ग्राम पंचायत कुटैहला प्रधान शकुंतला ठाकुर, उपप्रधान बाल कृष्ण ठाकुर, विकास खंड स्वारघाट बीडीसी अध्यक्ष हेमा देवी तथा समस्त जनता ने प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन बिलासपुर से आग्रह किया है कि स्वारघाट कस्बे में लोक निर्माण विभाग विश्राम गृह से लेकर एसडीएम कार्यालय तक नेशनल हाईवे के किनारे फुटपाथ का निर्माण किया जाना चाहिए। स्वारघाट कस्बे में दिनप्रतिदिन वाहनों की आवाजाही में बढ़ोतरी हो रही है। हिमाचल राज्य के तीन स्थानों पर बरमाणा, दाड़लाघाट और बागा में सीमेंट प्लांट के कार्यों में लगे हजारों की संख्या में ट्रकों की आवाजाही प्रवेश द्वार स्वारघाट कस्बे से ही होती है। यही नहीं, यहां तीन निजी स्कूल और एक सरकारी स्कूल भी है। इन स्कूलों में सैकड़ों की संख्या में बच्चे हर रोज शिक्षा ग्रहण करने के लिए पैदल चलकर नेशनल हाईवे सड़क से होकर जाते हैं। इसके अलावा एसडीएम ऑफिस, तहसीलदार और नायब तहसीलदार ऑफिस के समेत दर्जनों विभागों के कार्यालय भी हैं। जनता और प्रतिनिधियों ने प्रदेश सरकार से आग्रह किया है कि स्वारघाट कस्बे में लोक निर्माण विश्राम गृह से लेकर एसडीएम ऑफिस तक नेशनल हाईवे के किनारे फुटपाथ का निर्माण करवाया जाए।
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