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Bilaspur News: झंडूता की 200 साल पुरानी नौण को मिला नया जीवन
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झंडूता उपमंडल के ठाकुरद्वारा नरसिंह मंदिर के समीप 200 वर्ष पुरानी ऐतिहासिक नौण का शुरू हुआ जीर्
लोक निर्माण विभाग ने शुरू किया पुनर्निर्माण, ग्रामीणों में खुशी
विधायक ने लोगों की मांग के बाद विधायक निधि से दिया पैसा
जल संरक्षण का साधन नहीं, स्थानीय संस्कृति की धरोहर है नौण
संवाद न्यू एजेंसी
बिलासपुर। झंडूता उपमंडल के ठाकुरद्वारा नरसिंह मंदिर के समीप 200 वर्ष पुरानी ऐतिहासिक नौण आखिरकार पुनर्जीवित होने जा रही है। भारी बारिश से क्षतिग्रस्त हो चुकी इस नौण को अब लोक निर्माण विभाग पुनर्निर्मित करने जा रहा है। ग्रामीणों ने लंबे समय से इसके मरम्मत की मांग उठाई थी।
ग्राम पंचायत झंडूता के उप प्रधान राकेश कुमार ने बताया कि बरसात में दीवार ढहने से नौण में मलबा भर गया था और पानी घरों की ओर बहने लगा था। उन्होंने कहा कि विधायक जीत राम कटवाल से समस्या बताने के बाद विधायक निधि से तुरंत धनराशि स्वीकृत कर दी गई और लोक निर्माण विभाग ने कार्य प्रारंभ कर दिया। समाजसेवी रमेश राजपूत ने बताया कि नौण का पुनर्निर्माण शुरू होने से लोगों में राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि यह नौण न केवल जल संरक्षण का साधन है बल्कि स्थानीय संस्कृति की धरोहर भी है। बताते चलें कि झंडूता के ठाकुरद्वारा क्षेत्र में बनी यह नौण लगभग दो शताब्दी पहले रानी नागर देई ने ग्रामीणों की जल आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए बनवाई थी। इस नौण से वर्षों तक गांव वालों को पेयजल और पशुओं को पानी की सुविधा मिलती रही। बुजुर्गों के अनुसार, इस नौण का पानी कभी नहीं सूखता था और यह क्षेत्र के लिए प्राकृतिक जल स्रोत का आधार थी। समय के साथ मरम्मत न होने से यह क्षतिग्रस्त होती गई। अब पुनर्निर्माण के बाद इसे पुराने स्वरूप में संरक्षित करने की योजना है। विभाग का लक्ष्य है कि दीवारों को पारंपरिक पत्थरकारी शैली में बनाया जाए ताकि इसका ऐतिहासिक स्वरूप बरकरार रहे।
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विधायक ने लोगों की मांग के बाद विधायक निधि से दिया पैसा
जल संरक्षण का साधन नहीं, स्थानीय संस्कृति की धरोहर है नौण
संवाद न्यू एजेंसी
बिलासपुर। झंडूता उपमंडल के ठाकुरद्वारा नरसिंह मंदिर के समीप 200 वर्ष पुरानी ऐतिहासिक नौण आखिरकार पुनर्जीवित होने जा रही है। भारी बारिश से क्षतिग्रस्त हो चुकी इस नौण को अब लोक निर्माण विभाग पुनर्निर्मित करने जा रहा है। ग्रामीणों ने लंबे समय से इसके मरम्मत की मांग उठाई थी।
ग्राम पंचायत झंडूता के उप प्रधान राकेश कुमार ने बताया कि बरसात में दीवार ढहने से नौण में मलबा भर गया था और पानी घरों की ओर बहने लगा था। उन्होंने कहा कि विधायक जीत राम कटवाल से समस्या बताने के बाद विधायक निधि से तुरंत धनराशि स्वीकृत कर दी गई और लोक निर्माण विभाग ने कार्य प्रारंभ कर दिया। समाजसेवी रमेश राजपूत ने बताया कि नौण का पुनर्निर्माण शुरू होने से लोगों में राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि यह नौण न केवल जल संरक्षण का साधन है बल्कि स्थानीय संस्कृति की धरोहर भी है। बताते चलें कि झंडूता के ठाकुरद्वारा क्षेत्र में बनी यह नौण लगभग दो शताब्दी पहले रानी नागर देई ने ग्रामीणों की जल आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए बनवाई थी। इस नौण से वर्षों तक गांव वालों को पेयजल और पशुओं को पानी की सुविधा मिलती रही। बुजुर्गों के अनुसार, इस नौण का पानी कभी नहीं सूखता था और यह क्षेत्र के लिए प्राकृतिक जल स्रोत का आधार थी। समय के साथ मरम्मत न होने से यह क्षतिग्रस्त होती गई। अब पुनर्निर्माण के बाद इसे पुराने स्वरूप में संरक्षित करने की योजना है। विभाग का लक्ष्य है कि दीवारों को पारंपरिक पत्थरकारी शैली में बनाया जाए ताकि इसका ऐतिहासिक स्वरूप बरकरार रहे।
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