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श्री नयनादेवी में 40 हजार श्रद्धालुओं ने नवाया शीश
Updated Tue, 01 Aug 2017 11:58 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
श्री नयना देवी (बिलासपुर)।
उत्तर भारत के प्रसिद्ध शक्तिपीठ श्री नयनादेवी में श्रावण अष्टमी नवरात्र मेले के नौंवे दिन 40 हजार से अधिक श्रद्धालुओं मां के दर माथा टेका। इस दौरान सुरक्षा के दृष्टिगत पुलिस भी पूरी तरह से मुस्तैद रही और श्रद्धालुओं के सामान की नियमित रूप से चेकिंग भी की गई। हालांकि सुबह के समय श्रद्धालुओं की संख्या में कमी देखी गई। मगर दोपहर तक श्रद्धालुओं की संख्या में अचानक बढ़ोतरी दर्ज की गई। शाम तक मंदिर के नजदीक सुरक्षा कर्मियों को भीड़ को नियंत्रण करने के लिए बैरिकेट्स लगाने पड़े। इसके बाद श्रद्धालुओं को जत्थों में दर्शन के लिए आगे भेजा गया। ताकि श्रद्धालुओं को अधिक भीड़ के कारण भगदड़ और अन्य परेशानियों से दो चार न होना पड़े। श्रावण अष्टमी मेले में अभी तक लाखों की संख्या में श्रद्धालु मां के दरबार में शीश नवा चुके हैं। इसमें विदेशी श्रद्धालुओं के साथ-साथ पड़ोसी राज्यों से भी श्रद्धालु पहुंचे हैं। इस मौके पर एडीएम विनय कुमार ने व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने सेक्टर एक, दो और घवांडल में वाहन पार्किंग कोहनी मोड़ पर व्यवस्थाओं को जांचा। उन्होंने बताया कि ठेकेदार को सख्त हिदायत देने के बाद वाहन पार्किंग के लिए निर्धारित की गई राशि ही ठेकेदार से ली जा रही है। मौके पर भी एडीएम ने वाहन मालिकों से बातचीत की और उन्होंने भी माना कि मंदिर न्यास की तुरंत कार्यवाही करने से वाहन चालक लुटने से बच गए हैं। पंजीकरण काउंटरों का निरीक्षण करते हुए उन्होंने बताया कि श्रद्धालुओं के पंजीकरण के लिए पूरे मेला क्षेत्र में पांच स्थानों पर काउंटर लगाए गए हैं। उन्होंने कहा कि इस मेले में श्रद्धालुओं का पंजीकरण अनिवार्य नहीं है। मगर फिर भी 80 प्रतिशत से अधिक श्रद्धालुओं ने पंजीकरण करवाया है। उन्होंने कहा कि बाहरी राज्यों के बड़े-बड़े मंदिरों की तरह श्री नयनादेवी मंदिर में भी पंजीकरण काउंटरों के माध्यम से श्रद्धालुओं का पंजीकरण अनिवार्य किया जाएगा। इससे मंदिर में दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं के सही आंकड़े का पता चल सकेगा और जेबकतरों और असामाजिक तत्वों को पहचानने व पकड़ने में भी मदद मिलेगी।
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श्री नयना देवी (बिलासपुर)।
उत्तर भारत के प्रसिद्ध शक्तिपीठ श्री नयनादेवी में श्रावण अष्टमी नवरात्र मेले के नौंवे दिन 40 हजार से अधिक श्रद्धालुओं मां के दर माथा टेका। इस दौरान सुरक्षा के दृष्टिगत पुलिस भी पूरी तरह से मुस्तैद रही और श्रद्धालुओं के सामान की नियमित रूप से चेकिंग भी की गई। हालांकि सुबह के समय श्रद्धालुओं की संख्या में कमी देखी गई। मगर दोपहर तक श्रद्धालुओं की संख्या में अचानक बढ़ोतरी दर्ज की गई। शाम तक मंदिर के नजदीक सुरक्षा कर्मियों को भीड़ को नियंत्रण करने के लिए बैरिकेट्स लगाने पड़े। इसके बाद श्रद्धालुओं को जत्थों में दर्शन के लिए आगे भेजा गया। ताकि श्रद्धालुओं को अधिक भीड़ के कारण भगदड़ और अन्य परेशानियों से दो चार न होना पड़े। श्रावण अष्टमी मेले में अभी तक लाखों की संख्या में श्रद्धालु मां के दरबार में शीश नवा चुके हैं। इसमें विदेशी श्रद्धालुओं के साथ-साथ पड़ोसी राज्यों से भी श्रद्धालु पहुंचे हैं। इस मौके पर एडीएम विनय कुमार ने व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने सेक्टर एक, दो और घवांडल में वाहन पार्किंग कोहनी मोड़ पर व्यवस्थाओं को जांचा। उन्होंने बताया कि ठेकेदार को सख्त हिदायत देने के बाद वाहन पार्किंग के लिए निर्धारित की गई राशि ही ठेकेदार से ली जा रही है। मौके पर भी एडीएम ने वाहन मालिकों से बातचीत की और उन्होंने भी माना कि मंदिर न्यास की तुरंत कार्यवाही करने से वाहन चालक लुटने से बच गए हैं। पंजीकरण काउंटरों का निरीक्षण करते हुए उन्होंने बताया कि श्रद्धालुओं के पंजीकरण के लिए पूरे मेला क्षेत्र में पांच स्थानों पर काउंटर लगाए गए हैं। उन्होंने कहा कि इस मेले में श्रद्धालुओं का पंजीकरण अनिवार्य नहीं है। मगर फिर भी 80 प्रतिशत से अधिक श्रद्धालुओं ने पंजीकरण करवाया है। उन्होंने कहा कि बाहरी राज्यों के बड़े-बड़े मंदिरों की तरह श्री नयनादेवी मंदिर में भी पंजीकरण काउंटरों के माध्यम से श्रद्धालुओं का पंजीकरण अनिवार्य किया जाएगा। इससे मंदिर में दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं के सही आंकड़े का पता चल सकेगा और जेबकतरों और असामाजिक तत्वों को पहचानने व पकड़ने में भी मदद मिलेगी।