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गरीब, पिछड़े व कमजोर वर्ग को नि:शुल्क काननी सहायता का प्रावधान
Updated Sat, 10 Nov 2018 10:29 PM IST
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गरीब, पिछड़े और कमजोर वर्ग को है कानूनी सहायता का प्रावधान
कोसरियां और धनीपखर में लोगों को दी नि:शुल्क कानूनी सहायता की जानकारी
अमर उजाला ब्यूरो
घुमारवीं (बिलासपुर)। हिमाचल प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से लोगों को जागरूक करने के लिए घुमारवीं बार एसोसिएशन के दो सदस्यों ने गांव कोसरियां व धनीपखर का दौरा किया। अधिवक्ता अमरदीप सिंह व सुरजीत सिंह ने उपतहसील कलोल के तहत आने वाले दोनों गांवों के लोगों को नि:शुल्क कानूनी सहायता के बारे मेें अवगत करवाया।
ग्रामीणों को बताया कि आर्थिक दृष्टि से गरीब, पिछड़े और कमजोर वर्ग को नि:शुल्क कानूनी सहायता प्रदान की जाती है। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, संविधान के अनुच्छेद 23 में मानव दुर्व्यवहार या बेगार के शिकार, स्त्री या बालक, मानसिक रूप से अस्वस्थ, प्राकृतिक आपदाओं से पीड़ित, औद्योगिक कामगार, वरिष्ठ नागरिकों तथा जिन लोगों की वार्षिक आय एक लाख रुपये से कम हो उन्हें नि:शुल्क कानूनी सहायता प्रदान की जाती है।
अधिवक्ताओं ने लोगों को बताया कि सरकारी खर्च के ऊपर वकील उपलब्ध करवाए जाते हैं। नि:शुल्क सहायता प्राप्त करने के लिए उच्च न्यायालय स्तर पर, जिला स्तर पर तथा उपमंडल स्तर पर नियुक्त वरिष्ठ उपन्यायाधीश एवं उपमंडलीय विधिक सेवा समिति के अध्यक्षों को संपर्क किया जा सकता है।
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....सुरेंद्र जम्वाल।
कोसरियां और धनीपखर में लोगों को दी नि:शुल्क कानूनी सहायता की जानकारी
अमर उजाला ब्यूरो
घुमारवीं (बिलासपुर)। हिमाचल प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से लोगों को जागरूक करने के लिए घुमारवीं बार एसोसिएशन के दो सदस्यों ने गांव कोसरियां व धनीपखर का दौरा किया। अधिवक्ता अमरदीप सिंह व सुरजीत सिंह ने उपतहसील कलोल के तहत आने वाले दोनों गांवों के लोगों को नि:शुल्क कानूनी सहायता के बारे मेें अवगत करवाया।
ग्रामीणों को बताया कि आर्थिक दृष्टि से गरीब, पिछड़े और कमजोर वर्ग को नि:शुल्क कानूनी सहायता प्रदान की जाती है। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, संविधान के अनुच्छेद 23 में मानव दुर्व्यवहार या बेगार के शिकार, स्त्री या बालक, मानसिक रूप से अस्वस्थ, प्राकृतिक आपदाओं से पीड़ित, औद्योगिक कामगार, वरिष्ठ नागरिकों तथा जिन लोगों की वार्षिक आय एक लाख रुपये से कम हो उन्हें नि:शुल्क कानूनी सहायता प्रदान की जाती है।
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अधिवक्ताओं ने लोगों को बताया कि सरकारी खर्च के ऊपर वकील उपलब्ध करवाए जाते हैं। नि:शुल्क सहायता प्राप्त करने के लिए उच्च न्यायालय स्तर पर, जिला स्तर पर तथा उपमंडल स्तर पर नियुक्त वरिष्ठ उपन्यायाधीश एवं उपमंडलीय विधिक सेवा समिति के अध्यक्षों को संपर्क किया जा सकता है।
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....सुरेंद्र जम्वाल।