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भाषण प्रतियोगिता में पूजा प्रथम
Updated Wed, 25 Oct 2017 10:26 PM IST
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घुमारवीं (बिलासपुर)। राजकीय उच्च पाठशाला सोहल में खंड चिकित्सा अधिकारी घुमारवीं डॉ. कमल किशोर शर्मा की अध्यक्षता में आयोडीन अल्पता विकार रोकथाम दिवस मनाया गया। डॉ. कमल किशोर शर्मा ने बताया कि इस दिवस को मनाने का उद्देश्य जन जागरूकता और जन सहयोग से आयोडीन की कमी से होने वाले विकारों को दूर करना है। 90 प्रतिशत आयोडीन की प्राप्ति खाद्य पदार्थों से और 10 प्रतिशत आयोडीन पानी से मिलती है। गर्भवती व धात्री महिला को 200 माइक्रो ग्राम, व्यस्क को 150 माइक्रो ग्राम व शिशु को 50 माइक्रो ग्राम आयोडीन की रोज जरूरत होती है।
आयोडीन से गले की थायराइड ग्रंथि में थायरौकिसन नाम का हारमोन बनता है, जिससे घेंघा रोग नहीं होता। गर्भवती महिला में आयोडीन की कमी से गर्भपात, मृत या गूंगा, बहरा, बौना, आंखों से भैंगा बच्चा पैदा हो सकता है। आयोडीन की कमी से बच्चे का शारीरिक और मानसिक विकास रुक जाता है। बच्चे मंदबुद्धि के कारण पढ़ाई-लिखाई व खेलकूद में पिछड़ जाते हैं। इसकी कमी से गिल्लड़ रोग हो जाता है। इस बीमारी से बचाने के लिए सरकार ने नमक में आयोडीन की मात्रा डाली है। इसलिए आयोडीन की मात्रा प्राप्त करने के लिए हमेशा आयोडीन युक्त नमक का प्रयोग करें। इस अवसर पर स्कूल के बच्चों में भाषण प्रतियोगिता भी करवाई गई। 12 बच्चों ने प्रतियोगिता में भाग लिया। पूजा देवी ने प्रथम, युरेशा कुमारी द्वितीय और साक्षी तृतीय स्थान पर रही। खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. शर्मा ने बच्चों को नकद इनाम दिए।
खंड स्वास्थ्य शिक्षक राकेश सेठी ने आयोडीन से होने वाली कमी से शरीर में क्या हानि हो सकती है। इसे कैसे पूरा किया जा सकता है। इसके बारे में बच्चों को विस्तार से बताया। इस अवसर पर उच्च पाठशाला सोहल की मुख्य अध्यापिका लता ठाकुर, स्वास्थ्य शिक्षक राकेश सेठी, स्वास्थ्य पर्यवेक्षक राम प्रकाश, स्वास्थ्य कार्यकर्ता संजीव शर्मा उपस्थित रहे।
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आयोडीन से गले की थायराइड ग्रंथि में थायरौकिसन नाम का हारमोन बनता है, जिससे घेंघा रोग नहीं होता। गर्भवती महिला में आयोडीन की कमी से गर्भपात, मृत या गूंगा, बहरा, बौना, आंखों से भैंगा बच्चा पैदा हो सकता है। आयोडीन की कमी से बच्चे का शारीरिक और मानसिक विकास रुक जाता है। बच्चे मंदबुद्धि के कारण पढ़ाई-लिखाई व खेलकूद में पिछड़ जाते हैं। इसकी कमी से गिल्लड़ रोग हो जाता है। इस बीमारी से बचाने के लिए सरकार ने नमक में आयोडीन की मात्रा डाली है। इसलिए आयोडीन की मात्रा प्राप्त करने के लिए हमेशा आयोडीन युक्त नमक का प्रयोग करें। इस अवसर पर स्कूल के बच्चों में भाषण प्रतियोगिता भी करवाई गई। 12 बच्चों ने प्रतियोगिता में भाग लिया। पूजा देवी ने प्रथम, युरेशा कुमारी द्वितीय और साक्षी तृतीय स्थान पर रही। खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. शर्मा ने बच्चों को नकद इनाम दिए।
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खंड स्वास्थ्य शिक्षक राकेश सेठी ने आयोडीन से होने वाली कमी से शरीर में क्या हानि हो सकती है। इसे कैसे पूरा किया जा सकता है। इसके बारे में बच्चों को विस्तार से बताया। इस अवसर पर उच्च पाठशाला सोहल की मुख्य अध्यापिका लता ठाकुर, स्वास्थ्य शिक्षक राकेश सेठी, स्वास्थ्य पर्यवेक्षक राम प्रकाश, स्वास्थ्य कार्यकर्ता संजीव शर्मा उपस्थित रहे।
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