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12 हैंडपंपों का पानी नहीं मिले लायक
राजकुमार सेन / अमर उजाला, बिलासपुर।
Updated Thu, 21 Apr 2016 11:16 PM IST
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hand pump
- फोटो : अमर उजाला
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जिला बिलासपुर में 12 हैंडपंप खराब पानी उगल रहे हैं। जबकि एक बावड़ी का पानी भी पीने लायक नहीं है। ऐसे में इन क्षेत्रों में जनता दूषित पानी पीने को मजबूर है। हालांकि रिपोर्ट आने के बाद विभाग ने इन्हें रेड मार्क कर दिया है।
यह खुलासा आईपीएच और स्वास्थ्य विभाग के सैंपल की रिपोर्ट में हुआ है। जांच में पता चला है कि 12 हैंडपंपों में से 10 में आयरन कंटेंट्स तय मानकों से कहीं ज्यादा है। जबकि दो हैंडपंपों के पानी में बैक्टीरिया होने की पुष्टि की है।
इनमें से 9 हैंडपंप घमारवीं आईपीएच डिविजन के हैं जबकि तीन हैंडपंप बिलासपुर शहर के हैं। जबकि बिलासपुर के ओयल गांव के प्राकृतिक जल स्रोत का पानी भी पीने लायक नहीं है। विभाग ने गंदा पानी उगलने वाले हैंडपंपों को रेड मार्क किया है।
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जबकि कलरी और निहारी के दो हैंडपंपों को बंद कर दिया गया है। जल जनित रोगों से रोकथाम के लिए आईपीएच और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने पेयजल स्रोतों के पानी की जांच के लिए सैंपल लिए थे। पानी के सैंपल लेकर दोनों विभागों ने इन्हें जांच के लिए कंडाघाट लैबोरेटरी भेजा था। यहां पर 12 हैंडपंप से दूषित पानी होने की पुष्टि हुई है।
हाईकोर्ट के आदेशों के बाद हरकत में आया विभाग : आईपीएच और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने हाईकोर्ट के आदेशों के बाद जिला भर की पेयजल योजनाओं, हैंडपंपों और प्राकृतिक जल स्रोतों के पानी की जांच की है। स्वास्थ्य विभाग ने इस बारे में वहां के लोगों को इन हैंडपंपों का पानी न पीने की हिदायत दी है।
हैंडपंपों से पानी की जांच को सैंपल लिए थे। जिनमें से नौ हैंडपंपों का पानी पीने लायक नहीं है। सात हैंडपंपों में आयरन कंटैटस अधिक निकले हैं। जिन्हें रेड मार्क किया गया है। जबकि दो हैंडपंपों का पानी खराब है। जिन्हें बंद कर दिया गया है।
एलआर शर्मा, एसडीओ आईपीएच घुमारवीं
लोगों को किया जा रहा सचेत : स्वास्थ्य विभाग ने प्राकृतिक जल स्रोतों तथा हैंडपंपों के पानी की जांच को सैंपल लिए हैं। पानी के सैंपल कंडाघाट लैब में भेजे थे। लैब की रिपोर्ट के मुताबिक ओयल गांव के प्राकृतिक जल स्रोतों का पानी पीने लायक नहीं है। इसके बारे वहां के लोगों को सचेत कर दिया गया है।
डॉ. दिनेश ठाकुर, एमओएच, जिला अस्पताल
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यह खुलासा आईपीएच और स्वास्थ्य विभाग के सैंपल की रिपोर्ट में हुआ है। जांच में पता चला है कि 12 हैंडपंपों में से 10 में आयरन कंटेंट्स तय मानकों से कहीं ज्यादा है। जबकि दो हैंडपंपों के पानी में बैक्टीरिया होने की पुष्टि की है।
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इनमें से 9 हैंडपंप घमारवीं आईपीएच डिविजन के हैं जबकि तीन हैंडपंप बिलासपुर शहर के हैं। जबकि बिलासपुर के ओयल गांव के प्राकृतिक जल स्रोत का पानी भी पीने लायक नहीं है। विभाग ने गंदा पानी उगलने वाले हैंडपंपों को रेड मार्क किया है।
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जबकि कलरी और निहारी के दो हैंडपंपों को बंद कर दिया गया है। जल जनित रोगों से रोकथाम के लिए आईपीएच और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने पेयजल स्रोतों के पानी की जांच के लिए सैंपल लिए थे। पानी के सैंपल लेकर दोनों विभागों ने इन्हें जांच के लिए कंडाघाट लैबोरेटरी भेजा था। यहां पर 12 हैंडपंप से दूषित पानी होने की पुष्टि हुई है।
हाईकोर्ट के आदेशों के बाद हरकत में आया विभाग : आईपीएच और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने हाईकोर्ट के आदेशों के बाद जिला भर की पेयजल योजनाओं, हैंडपंपों और प्राकृतिक जल स्रोतों के पानी की जांच की है। स्वास्थ्य विभाग ने इस बारे में वहां के लोगों को इन हैंडपंपों का पानी न पीने की हिदायत दी है।
हैंडपंपों से पानी की जांच को सैंपल लिए थे। जिनमें से नौ हैंडपंपों का पानी पीने लायक नहीं है। सात हैंडपंपों में आयरन कंटैटस अधिक निकले हैं। जिन्हें रेड मार्क किया गया है। जबकि दो हैंडपंपों का पानी खराब है। जिन्हें बंद कर दिया गया है।
एलआर शर्मा, एसडीओ आईपीएच घुमारवीं
लोगों को किया जा रहा सचेत : स्वास्थ्य विभाग ने प्राकृतिक जल स्रोतों तथा हैंडपंपों के पानी की जांच को सैंपल लिए हैं। पानी के सैंपल कंडाघाट लैब में भेजे थे। लैब की रिपोर्ट के मुताबिक ओयल गांव के प्राकृतिक जल स्रोतों का पानी पीने लायक नहीं है। इसके बारे वहां के लोगों को सचेत कर दिया गया है।
डॉ. दिनेश ठाकुर, एमओएच, जिला अस्पताल