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आज होगा डोल लसावा के फटे हुए टैंक का निरीक्षण
Updated Tue, 06 Mar 2018 10:12 PM IST
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आज होगा डोल लसावा के फटे टैंक का निरीक्षण
टैंक को दोबारा बनवाएगा विभाग : शशिपाल
अमर उजाला ब्यूरो
बरठीं (बिलासपुर)। विकास खंड झंडूता की ग्राम पंचायत बलोह के डोल लसावा में जायका की ओर से बनाए गए टैंक के फटने के बाद भी विभाग ने मौके पर जाने की जहमत नहीं उठाई है। इसकी ग्रामीणों ने भर्त्सना की है। ग्रामीणों ने विभागीय अधिकारियों से पूछा है कि विभाग क्या किसी अनहोनी के इंतजार में था कि जानमाल के नुकसान पर ही घटनास्थल का दौरा किया जाएगा? ग्रामीणों ने इस बात पर विभाग के प्रति गहरा दुख व्यक्त किया है कि तीन दिन बीत जाने पर भी कोई अधिकारी घटना स्थल पर नहीं पहुंचा।
ग्रामीणों कृषक विकास संघ के प्रधान महेंद्र सिंह, सुरेंद्र पाल शर्मा, हंसराज, ज्ञान चंद, मेहर सिंह, अश्वनी कुमार सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि जायका की तरफ से उनके गांव में सिंचाई योजना की शुरुआत की। इसके तहत गांव के आठ किसानों के टैंक भी बनाए गए। ग्रामीणों का कहना है कि टैंक को बने दो से तीन माह का समय बीत चुका है। इसके बाद उन्होंने जैसे ही टैंक में पानी भरना शुरू किया, वैसे ही लगभग 77 हजार की लागत से बना एक टैंक फट गया और उसकी एक दीवार ढह गई। गनीमत रही कि कुछ ही मिनट पहले उसी जगह से बच्चेे और अन्य ग्रामीण ऊंची जगह पर चले गए थे अन्यथा बड़ा हादसा हो जाता। ग्रामीणों ने बताया कि जब विभाग ने ईंटों का टैंक बनाए जाने का प्रस्ताव रखा तो समस्त ग्रामीणों ने आरसीसी टैंक बनाने का सुझाव दिया था। लेकिन विभाग ने ग्रामीणों की एक नहीं सुनी और ईंटों के टैंक बनवा दिए, जबकि अन्य सभी विभागों में आरसीसी के ही टैंक बनाए जाते हैं, जो ईंटों के टैंकों की अपेक्षा अधिक मजबूत होते हैं। उधर, जायका के खंड परियोजना अधिकारी शशिपाल ने बताया कि वह सात मार्च को मौके पर जाकर फटे टैंक का जायजा लेंगे और टैंक को पुन: बना दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि इससे पहले टैंक के फटने के कारणों की जांच भी की जाएगी।
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टैंक को दोबारा बनवाएगा विभाग : शशिपाल
अमर उजाला ब्यूरो
बरठीं (बिलासपुर)। विकास खंड झंडूता की ग्राम पंचायत बलोह के डोल लसावा में जायका की ओर से बनाए गए टैंक के फटने के बाद भी विभाग ने मौके पर जाने की जहमत नहीं उठाई है। इसकी ग्रामीणों ने भर्त्सना की है। ग्रामीणों ने विभागीय अधिकारियों से पूछा है कि विभाग क्या किसी अनहोनी के इंतजार में था कि जानमाल के नुकसान पर ही घटनास्थल का दौरा किया जाएगा? ग्रामीणों ने इस बात पर विभाग के प्रति गहरा दुख व्यक्त किया है कि तीन दिन बीत जाने पर भी कोई अधिकारी घटना स्थल पर नहीं पहुंचा।
ग्रामीणों कृषक विकास संघ के प्रधान महेंद्र सिंह, सुरेंद्र पाल शर्मा, हंसराज, ज्ञान चंद, मेहर सिंह, अश्वनी कुमार सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि जायका की तरफ से उनके गांव में सिंचाई योजना की शुरुआत की। इसके तहत गांव के आठ किसानों के टैंक भी बनाए गए। ग्रामीणों का कहना है कि टैंक को बने दो से तीन माह का समय बीत चुका है। इसके बाद उन्होंने जैसे ही टैंक में पानी भरना शुरू किया, वैसे ही लगभग 77 हजार की लागत से बना एक टैंक फट गया और उसकी एक दीवार ढह गई। गनीमत रही कि कुछ ही मिनट पहले उसी जगह से बच्चेे और अन्य ग्रामीण ऊंची जगह पर चले गए थे अन्यथा बड़ा हादसा हो जाता। ग्रामीणों ने बताया कि जब विभाग ने ईंटों का टैंक बनाए जाने का प्रस्ताव रखा तो समस्त ग्रामीणों ने आरसीसी टैंक बनाने का सुझाव दिया था। लेकिन विभाग ने ग्रामीणों की एक नहीं सुनी और ईंटों के टैंक बनवा दिए, जबकि अन्य सभी विभागों में आरसीसी के ही टैंक बनाए जाते हैं, जो ईंटों के टैंकों की अपेक्षा अधिक मजबूत होते हैं। उधर, जायका के खंड परियोजना अधिकारी शशिपाल ने बताया कि वह सात मार्च को मौके पर जाकर फटे टैंक का जायजा लेंगे और टैंक को पुन: बना दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि इससे पहले टैंक के फटने के कारणों की जांच भी की जाएगी।
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