{"_id":"59df65ab4f1c1b76678b55c1","slug":"11507812779-bilaspur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"शराब माफिया पर शिकंजा कसने का इनाम केलांग तबादला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शराब माफिया पर शिकंजा कसने का इनाम केलांग तबादला
Updated Thu, 12 Oct 2017 07:06 PM IST
विज्ञापन
dsp
- फोटो : amarujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
बिलासपुर।
श्री नयना देवी के दबंग और युवा डीएसपी को शराब माफिया पर शिकंजा कसना भारी पड़ गया। शराब और माइनिंग माफिया पर कार्रवाई के चलते उन्हें सरकार ने इनाम स्वरूप केलांग तबादला कर दिया है। डीएसपी के तबादले के आदेश बुधवार देर शाम को बिलासपुर एसपी को पहुंचे हैं। खबर की पुष्टि एसपी बिलासपुर अंजुम आरा ने की है। वहीं श्री नयना देवी के लोगों ने डीएसपी के तबादले को लेकर विरोध करना शुरू कर दिया है। लोगों ने सरकार से मांग की है कि डीएसपी के तबादले को रद्द किया जाए।
अभी डेढ़ महीने पहले ही अनिल शर्मा ने बतौर डीएसपी श्री नयना देवी में पदभार संभाला था। अनिल शर्मा श्री नयना देवी में ज्वाइनिंग तुरंत बाद से एक्शन में रहे। जहां लोगों को कानून का पाठ पढ़ाया, वहीं शराब और माइनिंग माफिया पर शिकंजा सका। डीएसपी की सख्ती यहां रसूखदारों को रास नहीं आई और रातों रात उनके तबादले के आदेश जारी कर दिए गए हैं।
अनिल शर्मा ने जहां शराब की भट्ठयिां नष्ट की, वहीं सैकड़ों लीटर शराब को मौके पर नष्ट किया। अवैध खनन के दर्जन भर मामलों में डेढ़ महीने में कार्रवाई कर डाली जिससे श्री नयना देवी क्षेत्र में माफिया में हड़कंप मचा हुआ था।
विज्ञापन
अपने मात्र डेढ़ महीने के कार्यकाल में 4 लाख 47 हजार 600 का राजस्व और 1206 चालान ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार, माइनिंग एक्ट के 11 चालान 60 हजार 200 जुर्माना वसूला था। चंगर क्षेत्र के डोला गांव से लापता 2 नाबालिग लड़कियों एवं 1 लड़के को बरामद करने में सफलता हासिल की। क्षेत्र में हुई मोबाइल चोरी को 48 घंटों के भीतर सुलझाया। टायर चोरी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया। इसके अलावा स्कूलों में बच्चों को कानून का पाठ पढ़ाने के लिए भी अभियान चलाया था।
क्यों हुआ तबादला
विधानसभा चुनाव में रसूखदारों का अहम रोल रहता है। उक्त लोग जहां चुनाव में फंड का प्रबंध करते हैं, वहीं अन्य आयोजनों को सफल करवाने में भी अपनी भूमिका निभाते हैं। ऐसे में अगर कोई पुलिस अधिकारी उनके गैर कानूनी कार्य पर शिकंजा सकता है तो उसका रातों रात तबादला करवा दिया जाता है।
विज्ञापन
बिलासपुर।
श्री नयना देवी के दबंग और युवा डीएसपी को शराब माफिया पर शिकंजा कसना भारी पड़ गया। शराब और माइनिंग माफिया पर कार्रवाई के चलते उन्हें सरकार ने इनाम स्वरूप केलांग तबादला कर दिया है। डीएसपी के तबादले के आदेश बुधवार देर शाम को बिलासपुर एसपी को पहुंचे हैं। खबर की पुष्टि एसपी बिलासपुर अंजुम आरा ने की है। वहीं श्री नयना देवी के लोगों ने डीएसपी के तबादले को लेकर विरोध करना शुरू कर दिया है। लोगों ने सरकार से मांग की है कि डीएसपी के तबादले को रद्द किया जाए।
अभी डेढ़ महीने पहले ही अनिल शर्मा ने बतौर डीएसपी श्री नयना देवी में पदभार संभाला था। अनिल शर्मा श्री नयना देवी में ज्वाइनिंग तुरंत बाद से एक्शन में रहे। जहां लोगों को कानून का पाठ पढ़ाया, वहीं शराब और माइनिंग माफिया पर शिकंजा सका। डीएसपी की सख्ती यहां रसूखदारों को रास नहीं आई और रातों रात उनके तबादले के आदेश जारी कर दिए गए हैं।
विज्ञापन
अनिल शर्मा ने जहां शराब की भट्ठयिां नष्ट की, वहीं सैकड़ों लीटर शराब को मौके पर नष्ट किया। अवैध खनन के दर्जन भर मामलों में डेढ़ महीने में कार्रवाई कर डाली जिससे श्री नयना देवी क्षेत्र में माफिया में हड़कंप मचा हुआ था।
विज्ञापन
अपने मात्र डेढ़ महीने के कार्यकाल में 4 लाख 47 हजार 600 का राजस्व और 1206 चालान ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार, माइनिंग एक्ट के 11 चालान 60 हजार 200 जुर्माना वसूला था। चंगर क्षेत्र के डोला गांव से लापता 2 नाबालिग लड़कियों एवं 1 लड़के को बरामद करने में सफलता हासिल की। क्षेत्र में हुई मोबाइल चोरी को 48 घंटों के भीतर सुलझाया। टायर चोरी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया। इसके अलावा स्कूलों में बच्चों को कानून का पाठ पढ़ाने के लिए भी अभियान चलाया था।
क्यों हुआ तबादला
विधानसभा चुनाव में रसूखदारों का अहम रोल रहता है। उक्त लोग जहां चुनाव में फंड का प्रबंध करते हैं, वहीं अन्य आयोजनों को सफल करवाने में भी अपनी भूमिका निभाते हैं। ऐसे में अगर कोई पुलिस अधिकारी उनके गैर कानूनी कार्य पर शिकंजा सकता है तो उसका रातों रात तबादला करवा दिया जाता है।