Avocado: ऊना में तैयार होगा दिल को स्वस्थ और त्वचा को जवान रखने वाला एवोकाडो फल, सभी फायदे जानकर आप भी चौकेंगे
बागवानी विभाग ऊना द्वारा बढेड़ा राजपूतां गांव के किसान कामीव शर्मा की दो एकड़ जमीन पर 300 पौधे लगाए हैं। परिणाम अच्छा आने पर इसकी खेती को बढ़ावा दिया जाएगा। एवोकाडो फल दिल, दिमाग, त्वचा और पेट को दुरुस्त रखने में लाभकारी माना जाता है।
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बागवानी विभाग ऊना ने शुरुआती चरण में गगरेट विस क्षेत्र के बढेड़ा राजपूतां में इस फल के 300 पौधे रोपे हैं। परिणाम अच्छा आने पर इसकी खेती को बढ़ावा दिया जाएगा। अभी तक यह फल केवल दक्षिण भारत में तैयार होता है। इसकी बाजार में काफी मांग रहती है। बागवानी विभाग ऊना के अधिकारियों ने क्षेत्र के कुछ घरों में एवोकाडो फल के पौधे लगे हुए देखे, जिनकी जांच करने व उनको लगने फलों का स्वाद चखने पर गुणवत्ता में बेहतरीन पाए गए। इसके बाद विभाग ने इसकी खेती बड़े स्तर पर करने और उसका विस्तार करने की योजना पर काम किया। इसके लिए बढेड़ा राजपूतां गांव के किसान कामीव शर्मा की दो एकड़ जमीन पर 300 पौधे लगाए गए।
पौधों की वृद्धि सामान्य तरीके से हो रही है। एवोकाडो का स्वाद मक्खन से मिलता-जुलता है। इसलिए इसे मक्खन फल भी कहा जाता है। यह फल दिल, दिमाग, त्वचा और पेट को दुरुस्त रखने में लाभकारी माना जाता है। एवोकाडो में ओमेगा-3 होता है। इसमें फैटी एसिड जैसे हेल्दी फैट्स भी होते हैं, जो सूजन को कम करने और त्वचा को हाइड्रेटेड रखने में भी मदद करते हैं।
इसमें मौजूद विटामिन-ए और सी की मदद से त्वचा के सेल तेज से दोबारा निर्मित होते हैं, जिससे झुर्रियां नहीं आतीं। वहीं, विटामिन ई को प्राकृतिक मॉइस्चराइजर माना जाता है। जो त्वचा की नमी को बरकरार रखता है।
कोलेस्ट्रॉल घटाने में मददगार
विशेषज्ञों की मानें तो एवोकाडो में मोनोअनसैचुरेटेड वसा होती हैं, जो दिल के लिए बहुत फायदेमंद होता है। ये वसा खराब कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने में मदद करती है। इसके अलावा एवोकाडो में मौजूद पोटाशियम खून के संचार को अच्छा रखने में मदद करता है। फल में प्रचुर मात्रा में फाइबर होते हैं। इससे पेट की बीमारियां दूर होती हैं।
विटामिन सी, ई और बी है भरपूर
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ऊना संजीव कुमार वर्मा ने बताया कि एवोकाडो में विटामिन सी, विटामिन ई, विटामिन के और विटामिन बी-कॉम्प्लेक्स पाया जाता है। विटामिन-सी शरीर के प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाने में मदद करता है। विटामिन-ई खून के संचार को बेहतर करता है। बी-कॉम्प्लेक्स शरीर की ऊर्जा बनाने में मदद करता है। एवोकाडो में फाइबर की अच्छी मात्रा होती है, जिससे पाचन प्रक्रिया सुधरती है।
एवोकाडो तैयार करने के लिए ऊना जिला की जलवायु अच्छी है। यह फल कुछ लोगों ने घरों के बाहर उगाया है। इस फल को 300 रुपये प्रति किलो तक मंडी में दाम मिल जाएं, तब भी किसानों को अच्छा लाभ होगा। हालांकि बड़े बाजारों व मॉल्स में इसकी कीमत 700 से 1000 रुपये प्रतिकिलो भी रहती है- केके भारद्वाज, उपनिदेशक, बागवानी विभाग, ऊना