{"_id":"0ca3be6e4c3dee80a006c5baa6a2361b","slug":"11-idols-stolen-from-bimakali-temple","type":"story","status":"publish","title_hn":"भीमाकाली मंदिर से 11 मूर्तियां चोरी ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भीमाकाली मंदिर से 11 मूर्तियां चोरी
अमर उजाला, शिमला
Updated Mon, 06 Jan 2014 01:14 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
डेढ़ सौ साल पुराने बसंतपुर सधाई घाट भीमाकाली मंदिर से शनिवार देर रात चोर बेशकीमती अष्टधातु और पीतल की 11 मूर्तियां उड़ा ले गए।
वारदात का पता पुजारी को रविवार सुबह चला।
घटना की जानकारी मिलते ही सैकड़ों लोग मौके पर जुट गए और सुन्नी पुलिस को सूचना दी गई।
मंदिर के ताले गायब पाए गए हैं जबकि कुंडे पूरी तरह सुरक्षित हैं। पुलिस ने मौके का मुआयना कर फिलहाल इलाके की नाकाबंदी कर दी है।
इस मंदिर में पुजारी के अलावा किसी अन्य व्यक्ति के प्रवेश पर प्रतिबंध है। बसंतपुर में ही भीमाकाली का दूसरा मंदिर हैं जिसमें लोग दर्शनों के लिए जाते हैं।
पुजारी पूर्ण शर्मा रोज की तरह सुबह आठ बजे पूजा करने पहुंचे। मंदिर से ताला गायब था और भीतर से सभी मूर्तियां गायब थीं।
पुजारी ने इसकी सूचना स्थानीय लोगों को दी और इसके बाद पुलिस डॉग स्क्वायड के साथ मौके पर पहुंची।
ये बेशकीमती मूर्तियां राजाओं के समय की बताई जा रही हैं। वारदात देर रात की बताई जा रही है। यह मंदिर सड़क से नीचे जंगल में है। यहां कोई आता जाता भी नहीं है।
पुलिस को अंदेशा है कि सुनसान जगह होने का चोरों ने फायदा उठाकर मूर्तियों पर हाथ साफ कर दिया। पुलिस ने आती जाती गाड़ियों की तलाशी भी ली है।
देवी के गुर बंटी वर्मा ने बताया कि वह खुद नहीं जानते कि मूर्तियां कितनी पुरानी हैं, बुजुर्गों से पीढ़ी दर पीढ़ी यही सुनते आए हैं कि देवी मां की मूर्ति काफी पुरानी है। उधर, डीएसपी सिटी पंकज शर्मा ने कहा कि मंदिर में पुजारी के अलावा कोई नहीं जाता था।
विज्ञापन
मूर्तियां आकार में काफी छोटी बताई जा रही हैं। पुलिस हर पहलू से जांच कर रही है।
विज्ञापन
वारदात का पता पुजारी को रविवार सुबह चला।
घटना की जानकारी मिलते ही सैकड़ों लोग मौके पर जुट गए और सुन्नी पुलिस को सूचना दी गई।
मंदिर के ताले गायब पाए गए हैं जबकि कुंडे पूरी तरह सुरक्षित हैं। पुलिस ने मौके का मुआयना कर फिलहाल इलाके की नाकाबंदी कर दी है।
इस मंदिर में पुजारी के अलावा किसी अन्य व्यक्ति के प्रवेश पर प्रतिबंध है। बसंतपुर में ही भीमाकाली का दूसरा मंदिर हैं जिसमें लोग दर्शनों के लिए जाते हैं।
पुजारी पूर्ण शर्मा रोज की तरह सुबह आठ बजे पूजा करने पहुंचे। मंदिर से ताला गायब था और भीतर से सभी मूर्तियां गायब थीं।
पुजारी ने इसकी सूचना स्थानीय लोगों को दी और इसके बाद पुलिस डॉग स्क्वायड के साथ मौके पर पहुंची।
ये बेशकीमती मूर्तियां राजाओं के समय की बताई जा रही हैं। वारदात देर रात की बताई जा रही है। यह मंदिर सड़क से नीचे जंगल में है। यहां कोई आता जाता भी नहीं है।
विज्ञापन
पुलिस को अंदेशा है कि सुनसान जगह होने का चोरों ने फायदा उठाकर मूर्तियों पर हाथ साफ कर दिया। पुलिस ने आती जाती गाड़ियों की तलाशी भी ली है।
देवी के गुर बंटी वर्मा ने बताया कि वह खुद नहीं जानते कि मूर्तियां कितनी पुरानी हैं, बुजुर्गों से पीढ़ी दर पीढ़ी यही सुनते आए हैं कि देवी मां की मूर्ति काफी पुरानी है। उधर, डीएसपी सिटी पंकज शर्मा ने कहा कि मंदिर में पुजारी के अलावा कोई नहीं जाता था।
विज्ञापन
मूर्तियां आकार में काफी छोटी बताई जा रही हैं। पुलिस हर पहलू से जांच कर रही है।