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Year Ender 2024: लापरवाही... जो दे गई जीवन भर का दर्द, प्रदेश के लोग साल बदलने के बाद भी नहीं भूलेंगे ये हादसे

Sun, 29 Dec 2024 08:53 AM IST
नवीन दलाल कुलदीप शुक्ला, चंडीगढ़
कुलदीप शुक्ला, चंडीगढ़ Published by: नवीन दलाल Updated Sun, 29 Dec 2024 08:53 AM IST
सार

दशहरा के दिन सिरसा ब्रांच में एक कार गिरने से पूंडरी के 8 लोगों की मौत पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी एक्स हैंडल पर पोस्ट के जरिए दुख जाहिर कर चुके हैं।

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Year Ender 2024: Negligence... which gives lifelong pain, state not forget accidents even after year changes
हरियाणा में सड़क हादसा - फोटो : Self

विस्तार

साल 2024 खत्म होने को है। इस साल कई ऐसे हादसे हुए हैं, जिन्होंने कई परिवारों की आंखों में जीवन भर के लिए आंसू ला दिए। सड़क हादसों व फैक्टरियों में लगने वाली आग की घटनाओं ने हरियाणा को दहला दिया है। सालभर में होने वाले कुल सड़क हादसे और आग की घटनाओं में मौत की संख्या 10 गुणा से अधिक हैं। साथ ही करोड़ों का नुकसान हुआ है।

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आग की बड़ी घटनाओं में 59 लोगों की दर्दनाक मौत हुई है। ये सिर्फ बड़ी घटनाओं का आंकड़ा है, जबकि राज्य में संचालित विभिन्न फैक्टरियों में ब्लॉस्ट से लगी आग की चपेट में आकर 39 से अधिक लोग जिंदा जल गए। वहीं, वाहन चालकों की लापरवाही से भी प्रदेश में दुर्घटनाएं नियंत्रित नहीं हो पा रहीं। खतरनाक हादसों में पिहोवा के संधौली गांव के निकट राष्ट्रीय राजमार्ग 152 पर देर रात ट्राले से टक्कर के बाद स्विफ्ट कार सवाल तीन दोस्त जिंदा जल गए थे।
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दशहरा के दिन सिरसा ब्रांच में एक कार गिरने से पूंडरी के 8 लोगों की मौत पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी एक्स हैंडल पर पोस्ट के जरिए दुख जाहिर कर चुके हैं। कुछ हादसों में किसी के घर का चिराग बुझ गया, तो वहीं कई माताओं और बहनों का सुहाग उजड़ गया। नजर डालते हैं साल 2024 के बड़े और दिल दहला देने वाले हादसों पर, जिन्होंने प्रदेशवासियों को हिलाकर रख दिया।

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सोनीपत-रेवाड़ी में ब्लास्ट से आग की 6 घटनाओं से दहला हरियाणा

  • 16 मार्च : रेवाड़ी जिले के धारूहेड़ा में स्पेयर पार्ट्स बनाने वाली कंपनी लाइफलाॅन्ग में शाम 5:15 बजे बॉयलर का डस्ट कलेक्टर फटने से 39 श्रमिक झुलस गए थे। इनमें 16 श्रमिकों ने उपचार के दौरान तड़पकर दम तोड़ दिया। कंपनी के श्रमिक राजकुमार ने पुलिस को अपनी शिकायत में बताया था कि पहले भी दो बार डस्ट कलेक्टर में शॉर्ट सर्किट हो चुका था।
  • 7 मई : सोनीपत जिले के गांव जाहरी में बीयर फैक्टरी में बॉयलर फटने से एक श्रमिक की मौत हुई थी।
  • 16 मई : गांव प्याऊ मनियारी में कत्था फैक्टरी में बॉयलर फटने से छह श्रमिकों की मौत हुई थी।
  • 28 मई : सोनीपत के राई औद्योगिक क्षेत्र स्थित सांवरिया एक्सपोर्ट कंपनी में सॉल्वेंट का ड्रम फटने से 14 लोगों की जान चली गई थी। इनमें दो उद्योगपति भी शामिल थे।
  • 28 सितंबर : सोनीपत के गांव रिढाऊ में ग्रामीण के घर में संचालित अवैध पटाखा फैक्टरी में ब्लास्ट से दो बच्चे व दो महिलाओं की जान चली गई।
  • 6 दिसंबर : इसराना के बलाना में टेक्सटाइल फैक्टरी में आग लगने से एक श्रमिक जल गया था, जबकि दो अभी भी अस्पताल में उपचाराधीन है।

प्रदेश के वो हादसे जिन्होंने रुला दिया, नशे में चालक ने कई घरों के चिराग बुझाए

  • 11 अप्रैल : महेंद्रगढ़ के गांव उन्हाणी में सुबह 9 बजे बच्चों से भरी प्राइवेट स्कूल की बस पलट गई। हादसे में 6 बच्चों की मौत होना बताया जा रहा है। हादसे में करीब 15 बच्चे घायल हो गए। आरोपी बस चालक मौके से फरार हो हो गया। बताया जा रहा है कि बस चालक द्वारा शराब का सेवन किया हुआ था।

डेंजर जोन जहां हो रही दुर्घटनाएं

  • 10 जुलाई : कुरुक्षेत्र के पिहोवा के संधौली गांव के निकट राष्ट्रीय राजमार्ग 152-डी पर देर रात ट्राले से टकराकर स्विफ्ट कार में आग लग गई थी। इस भीषण हादसे में कार चालक समेत तीन दोस्त जिंदा जल गए थे, जबकि चौथे दोस्त आशीष की मुश्किल से जान बची थी। आशीष अपने दोस्त गौरव (20) निवासी पिलाना, आदित्य (21) निवासी खरावड़ और नितेश (18) निवासी जसराना के साथ हिमाचल प्रदेश के शिमला में जल सेना (नेवी) में भर्ती होने के लिए पेपर देने जा रहा था।
  • 12 अक्तूबर : पानीपत में एलिवेटेड हाईवे पर ट्रक से टकराकर पलटी कार में दो चचेरे भाईयों समेत 4 दोस्तों रोहित(20), अक्षय(25), नीतिन(18) और राहुल(20) की माैत हो गई। सभी कुंडली से ट्रैवल्स कंपनी की पेमेंट लेने पानीपत जा रहे थे।
  • 13 नवंबर : पानीपत में फ्लाईओवर पर गलत दिशा में रहे ट्रक चालक छह युवकों को रौंदता चला गया। हादसे में पांच युवकों की मौत हो गई थी।

तेज या अनजाने मोड़

  • 12 अक्तूबर : कैथल में मूंदड़ी गांव के पास दशहरा पर्व के दिन सिरसा ब्रांच में एक कार के गिरने से एक ही परिवार के आठ लोगों की मौत हो गई थी। इनमें तीन बच्चियां, 3 महिलाएं, एक युवती और किशोरी शामिल थीं। इस हादसे ने जिले को ही नहीं बल्कि प्रदेश को झकझोरा था। इस हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री ने एक्स पर दुख जताया था।
  • 10 नवंबर : झज्जर के जोंधी के पास सरियों से भरे ट्रैक्टर-ट्रॉली को पिकअप ने टक्कर मार दी। हादसे में किशोरी समेत तीन महिलाओं की मौत हो गई, जबकि 8 लोग घायल हो गए।
  • 3 दिसंबर : अंबाला के राजौली बराड़ा रोड पर एक मिट्टी से भरे डंपर ने एक्टिवा सवार तीन किशोरों को चपेट में ले लिया। डंपर तीनों बच्चों को रौंदता हुआ निकल गया, जिसमें बराड़ा की हरगोबिंदपुरा कॉलोनी निवासी पारस(15), शिव कॉलोनी बराड़ा निवासी मोहित(13) और विक्रांत(13) की मौत हो गई थी।

अन्य कारण

  • 18 मई : हरियाणा के नूंह में शुक्रवार देर रात बड़ा हादसा हो गया है। नूंह में एक टूरिस्ट बस में आग लग गई। हादसे में 9 लोगों की मौत हो गई। वहीं दो दर्जन के करीब लोग घायल हुए हैं। बस में करीब 60 लोग सवार थे। मिली जानकारी के मुताबिक बस में सवार लोग धार्मिक स्थलों के दर्शन करने जा रहे थे।
  • 9 दिसंबर : अंबाला छावनी के काली पलटन पुल के पास सड़क हादसे में एक कार सवार तीन दोस्तों की मौत हो गई थी। बेसहारा पशु के सामने आने के कारण कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकराने के बाद दूसरी लेन पर आ गई थी।
  • 19 अक्तूबर : फरीदाबाद के गांव भाखड़ी में सिलिंडर फटने से मकान ढह गया, जिससे दंपती समेत 4 लोगों सरजीत(52), बबीता(48), नुकल(8) और लक्ष्मी की माैत हो गई।
  • 3 नवंबर: पानीपत के राज नगर के पास दो सगे भाइयों की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। बडे भाई को बचाने की कोशिश में छोटे की भी जान चल गई थी।
  • 22 दिसंबर की रात 11 बजे नारनौंद एरिया के बुडाना गांव में एक ईंट-भट्ठे पर चिमनी के पास दीवार गिरने से वहां पर सो रहे चार बच्चों की मलबे के नीचे दबने से मौत हो गई थी। मूलरूप से उत्तर प्रदेश के बदायूं निवासी भागवान दास का बेटा सूरज(10), विवेक(6), नंदिनी(4) और निशा(3माह) की मौत हो गई। हादसे के समय पीड़ित परिवार ईंट-भट्ठे पर काम कर रहा था।

आग से तीन करोड़ का नुकसान

30 जनवरी: झज्जर में डायमंड चौक पर मोबाइल की दुकान में देर रात अज्ञात कारणों से आग लग गई थी। आग से लगभग तीन करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था। इनमें भारी संख्या में मोबाइल, इलेक्ट्रानिक उपकरण और अन्य सामान जल गया था।

रेल हादसे से ट्रैक रहा बाधित
करनाल के तरावड़ी रेलवे स्टेशन पर 2 जुलाई को अंबाला से दिल्ली की ओर जा रही रन थ्रू मालगाड़ी के पिछली बोगी के पहिए ट्रैक से उतरने से मालगाड़ी से सात कंटेनर ट्रैक पर गिर गए थे। सात कंटेनरों में एक कंटेनर ओएचई पिलर से टकरा गया। जिससे ओएचई लाइन टूट गई और रेलवे ट्रैक बाधित हो गया।

नववर्ष में सतर्कता जरूरी
सर्दी के माैसम में धंुध और कोहरे से दृष्यता कम हो जाती है। ऐसे में चालकों को सावधानी के साथ नियंत्रित गति में वाहनों का संचालन नेशनल हाईवे व अन्य सड़कों पर करना चाहिए। सीट बेल्ट, हेलमेट और यातायात नियमों का पालन कर दुघर्टनाओं की क्षति को कम किया जा सकता है। नेशनल हाईवे सहित सभी सड़कों पर चालक नियंत्रित गति में वाहन का संचालन करेंगे तो गंभीर दुघर्टनाओं को रोका जा सकता है। पुलिस प्रशासन और यातायात विभाग ने नववर्ष में वाहन चालकों से सतर्कता बरतने की अपील की है।

ये दिग्गज जो नहीं रहें...

20 दिसंबर को हरियाणा के पांच बार मुख्यमंत्री रहे इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) के अध्यक्ष 89 वर्षीय ओम प्रकाश चौटाला ने गुरुग्राम में आखिरी सांस ली। वह भारत के छठे उपप्रधानमंत्री चौधरी देवीलाल के पुत्र हैं। ओपी चौटाला अपने राजनीतिक करियर में सात बार विधायक, एक बार राज्यसभा सांसद और पांच बार प्रदेश के मुख्यमंत्री थे। 86 वर्ष की उम्र में जेल से परीक्षा पास करने के जज्बे पर ओपी चौटाला पर दसवीं नाम की बॉलीवुड फिल्म बनी है।

निर्दलीय विधायक राकेश दौलताबाद की मृत्यु ने चौंकाया
25 मई को गुरुग्राम के बादशाहपुर से निर्दलीय विधायक राकेश दौलताबाद की अचानक मृत्यु ने सभी को चौंकाया था। लोकसभा चुनाव के छठे चरण में मतदान के बीच राकेश दौलताबाद (43) को हार्ट अटैक आया था। उन्हें पालम विहार स्थित मणिपाल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। साल 2019 की विधानसभा चुनाव में बादशाहपुर सीट से भाजपा प्रत्याशी मनीष यादव को हराने के बाद भाजपा को समर्थन देकर राकेश चर्चा में आए थे।

डेरा जगमालवाली के प्रमुख संत वकील साहब का निधन
डेरा जगमालवाली के प्रमुख महाराज बहादुरचंद वकील का 2 अगस्त को निधन हो गया। दिल्ली के मैक्स अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। इसके बाद डेरा में 3 से 4 अगस्त तक होने वाला वार्षिक समागम रद्द कर दिया गया था। संत बहादुरचंद मूल रूप से चौटाला गांव के रहने वाले थे। उनका जन्म 10 दिसंबर, 1944 को चौटाला में ही हुआ था। 9 अगस्त, 1998 को संत बहादुरचंद को डेरे की गद्दी सौंपी गई। तब से वे मस्ताना शाह बलूचिस्तानी डेरा जगमालवाली के प्रमुख थे।

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