{"_id":"660c38d05b917e04aa00cfe3","slug":"yamunanagar-villagers-angry-over-non-construction-of-bridge-on-yamuna-announced-election-boycott-2024-04-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Yamunanagar: यमुना पर पुल न बनने से नाराज घोडो पीपली के ग्रामीण, चुनाव बहिष्कार का किया एलान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Yamunanagar: यमुना पर पुल न बनने से नाराज घोडो पीपली के ग्रामीण, चुनाव बहिष्कार का किया एलान
Tue, 02 Apr 2024 10:26 PM IST
भूपेंद्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुनानगर (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुनानगर (हरियाणा)
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Tue, 02 Apr 2024 10:26 PM IST
सार
पंचायत के लेटर पैड पर सरपंच-पंच और ग्रामीणों की ओर से डीसी को पत्र सौंपा गया है। ग्रामीण बोले कि मुख्यालय से गांव 12 किमी. दूर पर यूपी के रास्ते 35 किमी. का सफर तय करना पड़ता है। पुल, ट्यूबवेल और अन्य आवश्यक मांगें वर्षों से लंबित हैं। पुल बने तो 10 गांवों को सीधा लाभ होगा।
विज्ञापन
जिला सचिवालय में डीसी के नाम पत्र देने जाते घोडो पीपली के सरपंच प्रतिनिधि व ग्रामीण।
- फोटो : संवाद
विस्तार
हरियाणा के यमुनानगर में यूपी-हरियाणा सीमा पर पुल निर्माण के लिए घोडो पीपली गांव के लोगों ने लोकसभा चुनाव बहिष्कार की चेतावनी दी है। खास बात यह है कि उन्होंने इस संबंध में पंचायत के लेटर हेड पर पत्र लिखकर डीसी को सौंपा है। इस पर सरपंच की मुहर सहित पंच और अन्य ग्रामीणों के हस्ताक्षर भी हैं।
विज्ञापन
उनका कहना है कि गांव को यमुनानगर और हरियाणा से सीधे जोड़ने के लिए यमुना पर पुल बनाने सहित अन्य मांगें वर्षों बाद भी पूरी नहीं हो सकी हैं। ऐसे में मजबूर होकर ग्रामीणों ने फैसला लिया है कि इस बार लोस चुनाव का बहिष्कार करेंगे।
विज्ञापन
गांव के सरपंच प्रतिनिधि सुमित, संदीप कुमार, प्रदीप कुमार, अनिल, देवेंद्र नंबरदार, राजेंद्र ने बताया कि घोडो पीपली गांव हरियाणा-यूपी की सीमा पर है। यहां हरियाणा व यूपी दोनों राज्यों की सीमा से लगते घर हैं। गांव की एक गली हरियाणा तो दूसरी ओर यूपी सीमा से लगते घर हैं। इस तरह यह गली दोनों राज्यों की सरहद भी है। कुल तीन हजार की आबादी वाले इस गांव में करीब दो हजार वोटर हैं।
विज्ञापन
विकास के नाम पर दोनों राज्यों के नेता मांगने आते हैं वोट
हरियाणा और यूपी की सीमा गांव से लगी होने के कारण दोनों राज्यों के नेता यहां वोट मांगने आते रहे हैं। किंतु यूपी सीमा में लगते घरों के लगभग सभी लोगों के वोट अब हरियाणा में आ गए हैं। पूरे गांव में बिजली, पेयजल, शिक्षा और अन्य सुविधाएं भी हरियाणा से मिल रही हैं लेकिन गांव का हरियाणा प्रदेश व यमुनानगर जिले से सीधा संपर्क नहीं है। ऐसे में ग्रामीणों को दशकों से यूपी के रास्ते आना-जाना पड़ रहा है।
ग्रामीणों को खेतीबाड़ी, उच्च शिक्षा व अन्य कामों के लिए यमुनानगर व हरियाणा के अन्य जिलों में प्रवेश के लिए यूपी के रास्ते करीब 13 किमी. अतिरिक्त सफर करना पड़ता है। कहने को गांव से यमुनानगर जिला मुख्यालय की दूरी 12 किमी. है, पर यूपी के रास्ते आने-जाने में 35 किमी. सफर तय करना पड़ता है। परेशानियों से तंग होकर ग्रामीण एक दशक से गांव के पास बीबीपुर में यमुना नदी पर पुल बनाने की मांग कर रहे हैं। यह मांग यमुनानगर विधायक घनश्याम दास अरोड़ा विधानसभा में भी उठा चुके हैं, बावजूद इसके पुल नहीं बन पाया। इस पुल के साथ गांव में ट्यूबवेल व अन्य मांगें भी पूरी नहीं हुई। यही कारण है कि नाराज ग्रामीणों ने अब आगामी लोकसभा चुनाव बहिष्कार करने का फैसला लिया है।
सीमा पर लगते गांवों का दोनों राज्यों में आना-जाना होगा आसान
सरपंच प्रतिनिधि सुमित ने बताया कि बीबीपुर में यमुना पर पुल बनता है तो घोडो पीपली की तरह हरियाणा-यूपी सीमा पर बसे करीब 10 गांवों को फायदा होगा। इनमें बीबीपुर, मंडोली गगड़, टापू माजरी, मुकरमपुर, खदरी, जयरामपुर, देवधर, इस्माइलपुर शामिल है। बीबीपुर में यमुना पर पुल बनने से उक्त गांवों से जिला मुख्यालय पहुंचने में 12 किमी. का रास्ता पड़ेगा।