फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Yamuna Nagar News ›   yamunanagar,vazitable, rate, high,price,sabji, mandi

मंडी में सब्जियों की आमद से तय हो रहे हैं दाम

Sun, 21 Aug 2016 12:05 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Sun, 21 Aug 2016 12:05 AM IST
विज्ञापन
yamunanagar,vazitable, rate, high,price,sabji, mandi
फल और सब्जियां - फोटो : अमर उजाला
यमुनानगर। मौसम की मार सब्जियों पर खूब पड़ी है। तेज और ज्यादा बारिश से किसानों की सब्जियां खेतों में गल गई हैं। स्थानीय किसानों द्वारा मंडियों में सब्जी की पर्याप्त आपूर्ति न कर पाने से मंडी के आढ़ती पहाड़ी स्थानों से सब्जियां मंगवा रहे हैं। हालत यह है कि सब्जी मंडियों में माल कम-ज्यादा होने पर सब्जियों के रेट घट-बढ़ जाते हैं। इन दिनों गोभी के रेट काफी ऊपर नीचे हो रहे हैं। चार दिन पहले तक मंडी में गोभी 90 से 120 प्रति किलो तक बिकी। शुक्र और शनिवार को गोभी की आमद बढ़ी तो भाव गिर कर 60 से 70 रुपए किलो हो गया।
विज्ञापन


शिमला और कुल्लू से हो रही है सब्जियों की आपूर्ति
शहर की मंडियों में कुछ सब्जियों की आपूर्ति जिले के किसानों से हो रही तो कुछ सब्जियों को आढ़ती शिमला और कुल्लू से मंगा रहे हैं। मंडी में फूलगोभी, पत्ता गोभी,  खीरा, अदरक, शिमला मिर्च, हरी मिर्च, धनिया, मूली, टमाटर, मटर की आपूर्ति शिमला और कुल्लू से हो रही है। जबकि बैगन, घिया, तोरी, अरवी, हरी मिर्च, भिंडी, लाल प्याज की आपूर्ति स्थानीय किसानों से हो रही है। वहीं, गुलाबी प्याज नासिक से आ रहा है। 50 वर्षों से मीरा बाजार में सब्जी का काम कर रहे तिलकराज ने बताया कि सब्जियों के रेट का कोई मापदंड नहीं है। मंडी में माल कम ज्यादा आने से सब्जियों के रेट घट-बढ़ जाते हैं। वीरवार को जो गोभी 100 रुपए किलो में भी ग्राहकों को नहीं मिल पाई, वह शनिवार को बाजार में 60 से 70 रुपए में बिकने लगी। जिन सब्जी विक्रेताओं ने महंगा माल खरीदा था उन्हें नुकसान उठाना पड़ा।
विज्ञापन


लहसुन और हरी धनिया के नखरे बढे़
लहसुन के रेट मंडियों में 150 से 200 रुपये किलो तक चले गए हैं। वहीं, हरी धनिया की आपूर्ति न होने से यह भी 150 से 200 रुपए किलो बिकने लगी है। मंडी में मटर के दाम 100 से 150 रुपए तक चले जाने की वजह से लोग फ्रोजेन मटर का प्रयोग करने लगे हैं। हालांकि फ्रोजेन मटर का भाव भी 100 किलो है।
विज्ञापन
विज्ञापन


सब्जियों का विकल्प तलाश रहे ग्राहक
सब्जियों की महंगाई से परेशान लोगों ने सब्जियों का प्रयोग कम कर दिया है। लोग सस्ती सब्जियों और सब्जियों के विकल्प के खाद्य पदार्थों से काम चला रहे हैं। हुडा सेक्टर 17 निवासी सुरजीत कौर, मुकेश रानी, सुरजीत सिंह, प्रवेश कुमार, बलवंत सिंह, कपिल सचदेवा, गगनदीप, एमएम धवन व आरके बंसल ने कहा कि सब्जियों के महंगाई ने किचन का स्वाद बिगाड़ दिया है। सब्जियों की खरीददारी में खासी जेब ढीली करनी पड़ रही है।


बारिश सीजन के बाद गिरेंगे दाम
सब्जियों की खेती को किसान घाटे का सौदा मानते हैं। किसानों के मुताबिक जो सब्जी किसान दो से तीन रुपये किलो बेचता है, वह मंडी और शहर में 20 से 40 रुपये प्रति  किलो तक बिकती है। रादौर निवासी किसान एसएस चौधरी ने बताया कि पिछले साल घिया को रादौर में किसी ने दो रुपये किलो नहीं पूछा। जबकि शहर में इस समय घिया 20 से 40 रुपए तक बिक रही है। किसानों का मानना है कि बारिश के कारण सब्जियों के दाम बढे़ हुए हैं। बारिश का सीजन समाप्त होते ही सब्जियों के दाम गिर जाएंगे।

दो दिनों मेें सब्जियों के अधिकतम भाव
मटर        150
गोभी          70
शिमला मिर्च    100
हरी मिर्च        100
फूलगोभी        70
मूली        50
खीरा        50
तोरी        40
करेला        40
कददू्        40
टमाटर        40
बैंगन        40
घीया        30
पहाड़ी आलू    30
लाल प्याज        20
नोट-भाव प्रति किलोग्राम रुपये में
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed