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200 शाखाओं पर लगा ताला, 400 करोड़ का लेनदेन ठप
yamuna nagar beauro
Updated Tue, 28 Feb 2017 11:39 PM IST
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- फोटो : amar uajala, yamuna nagar
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यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन (यूएफबीयू) के आह्वान पर मंगलवार को जिले के सरकारी बैंकों से जुड़ अधिकारी व कर्मचारी राष्ट्रव्यापी हड़ताल में शामिल हुए। इसके चलते करीब 200 बैंक शाखाओं पर पूरे दिन ताले लटके रहे और चेक क्लीयरिंग, पैसे जमा कराने व निकलवाने जैसी सेवाएं प्रभावित रहीं। हड़ताल से बैंक शाखाओं में एक दिन में होने वाला करीब 400 करोड़ का लेनदेन नहीं हो पाया उधर, इस बीच उपभोक्ता का खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। बैंकों के एटीएम पर सुबह से दोपहर तक लोगों की भीड़ रही वहीं, शाम तक अधिकांश एटीएम पर कैश खाली हो गया।
बता दें कि बैंकिंग सुधार के नाम पर केंद्रीय सरकार की नीतियों के विरोध में यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन (यूएफबीयू) द्वारा राष्ट्रव्यापी हड़ताल की घोषणा की गई थी। बैंक अधिकारी व कर्मचारी हड़ताल पर रहे और सभी सरकारी बैंक बंद रहे। जिले में करीब 200 शाखाओं पर दिनभर ताले लटके रहे, लगभग दो हजार अधिकारियों व कर्मचारियों ने वर्क सस्पेंड रखा। जगह-जगह कर्मचारियों ने संगठन के बैनर तले प्रदर्शन कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
सुधारों के नाम पर बैंकिंग व्यवस्था को किया जा रहा समाप्त
राष्ट्रव्यापी हड़ताल के समर्थन में बैंक कर्मियों ने हरियाणा बैंक एंप्लाइज फेडरेशन के बैनर तले रेलवे रोड स्थित स्टेट बैंक ऑफ पटियाला की मुख्य शाखा के सामने रोष प्रदर्शन किया। फेडरेशन से जुड़े जिला व ब्लॉक स्तर के पदाधिकारी व कर्मचारी शामिल रहे और उन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रोष व्यक्त किया। प्रधान जसबीर सिंह ने बैंक कर्मियों से कहा केंद्रीय सरकार बैंकिंग सुधारों के नाम पर बैंकिंग व्यवस्था को समाप्त करने पर तुली है और बैंकों को निजी करने की साजिश कर रही है। सरकार बैंकों में बढ़ते एनपीए के लिए कोई सख्त कानून न बनाकर बैंकों को निजी व बड़े घरानों को सौंपने की तैयारी कर रही है। सचिव गुरमुख सिंह ने कहा कि सरकार देश की वित्तीय अर्थव्यवस्था को नष्ट करने पर अड़ी हुई है। उनकी मांगों को सरकार बार-बार अनदेखा कर रही है, जिसे सहन नहीं किया जाएगा। उनकी मांग है कि बैंकों का निजीकरण बंद हो, बड़े उद्योगपति, जिन्होंने बैंकों का करोड़ों रुपये ले रखा है, उनसे शीघ्र रिकवरी हो, बैंकों का विलय बंद हो, कर्मचारियों के उत्पीड़न को बनाए कानून पर रोक लगे और उन्हें रिटायरमेंट के सभी फायदे दिए जाएं। मौके पर ज्वाइंट सेक्रेट्री जगदीश लाल, सेक्रेटरी गुरमुख सिंह, जगाधरी प्रधान कृष्ण लाल, हर्षवर्धन, केके मेहता व अन्य संगठन के नेताओं ने संबोधित किया।
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उल्टे पांव लौटे उपभोक्ता
हड़ताल के बीच उपभोक्ताओं को खासी परेशानी हुई। बैंकों पर ताले लगे देख बाहर से ही उल्टे पांव लौटना पड़ा। मॉडल टाउन स्थित पीएनबी शाखा पर आए उपभोक्ता रमन व पंकज ने बताया बैंक से पैसे भिजवाने थे, किंतु यहां आकर पता चला कि हड़ताल है। इस कारण वह वापस लौट रहे हैं। इसी तरह अरुण ने कहा कि उसे फीस जमा कराने को बैंक से पैसे निकलवाने थे, किंतु हड़ताल के चलते बैंक बंद मिला। उधर, विभिन्न बैंकों के एटीएम पर भी दिनभर उपभोक्ताओं की भीड़ रही और शाम तक अधिकांश पर कैश खत्म हो गया। उपभोक्ता बलवंत, रिंकल ने कहा कि शाम में एटीएम पर गए, तो कैश नहीं मिल पाया।
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बता दें कि बैंकिंग सुधार के नाम पर केंद्रीय सरकार की नीतियों के विरोध में यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन (यूएफबीयू) द्वारा राष्ट्रव्यापी हड़ताल की घोषणा की गई थी। बैंक अधिकारी व कर्मचारी हड़ताल पर रहे और सभी सरकारी बैंक बंद रहे। जिले में करीब 200 शाखाओं पर दिनभर ताले लटके रहे, लगभग दो हजार अधिकारियों व कर्मचारियों ने वर्क सस्पेंड रखा। जगह-जगह कर्मचारियों ने संगठन के बैनर तले प्रदर्शन कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
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सुधारों के नाम पर बैंकिंग व्यवस्था को किया जा रहा समाप्त
राष्ट्रव्यापी हड़ताल के समर्थन में बैंक कर्मियों ने हरियाणा बैंक एंप्लाइज फेडरेशन के बैनर तले रेलवे रोड स्थित स्टेट बैंक ऑफ पटियाला की मुख्य शाखा के सामने रोष प्रदर्शन किया। फेडरेशन से जुड़े जिला व ब्लॉक स्तर के पदाधिकारी व कर्मचारी शामिल रहे और उन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रोष व्यक्त किया। प्रधान जसबीर सिंह ने बैंक कर्मियों से कहा केंद्रीय सरकार बैंकिंग सुधारों के नाम पर बैंकिंग व्यवस्था को समाप्त करने पर तुली है और बैंकों को निजी करने की साजिश कर रही है। सरकार बैंकों में बढ़ते एनपीए के लिए कोई सख्त कानून न बनाकर बैंकों को निजी व बड़े घरानों को सौंपने की तैयारी कर रही है। सचिव गुरमुख सिंह ने कहा कि सरकार देश की वित्तीय अर्थव्यवस्था को नष्ट करने पर अड़ी हुई है। उनकी मांगों को सरकार बार-बार अनदेखा कर रही है, जिसे सहन नहीं किया जाएगा। उनकी मांग है कि बैंकों का निजीकरण बंद हो, बड़े उद्योगपति, जिन्होंने बैंकों का करोड़ों रुपये ले रखा है, उनसे शीघ्र रिकवरी हो, बैंकों का विलय बंद हो, कर्मचारियों के उत्पीड़न को बनाए कानून पर रोक लगे और उन्हें रिटायरमेंट के सभी फायदे दिए जाएं। मौके पर ज्वाइंट सेक्रेट्री जगदीश लाल, सेक्रेटरी गुरमुख सिंह, जगाधरी प्रधान कृष्ण लाल, हर्षवर्धन, केके मेहता व अन्य संगठन के नेताओं ने संबोधित किया।
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उल्टे पांव लौटे उपभोक्ता
हड़ताल के बीच उपभोक्ताओं को खासी परेशानी हुई। बैंकों पर ताले लगे देख बाहर से ही उल्टे पांव लौटना पड़ा। मॉडल टाउन स्थित पीएनबी शाखा पर आए उपभोक्ता रमन व पंकज ने बताया बैंक से पैसे भिजवाने थे, किंतु यहां आकर पता चला कि हड़ताल है। इस कारण वह वापस लौट रहे हैं। इसी तरह अरुण ने कहा कि उसे फीस जमा कराने को बैंक से पैसे निकलवाने थे, किंतु हड़ताल के चलते बैंक बंद मिला। उधर, विभिन्न बैंकों के एटीएम पर भी दिनभर उपभोक्ताओं की भीड़ रही और शाम तक अधिकांश पर कैश खत्म हो गया। उपभोक्ता बलवंत, रिंकल ने कहा कि शाम में एटीएम पर गए, तो कैश नहीं मिल पाया।